आज तक में नौकरी देने के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का पर्दाफाश

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न्यूज चक्र @ बून्दी
प्रसिद्ध टीवी न्यूज चैनल आज तक में नौकरी देने के नाम पर कोई गैंग भारी ठगी को अंजाम दे रही है। शातिरों ने आज तक के नाम से फेसबुक पेज बना रखा है। इसमें चैनल से जुड़ने की इच्छा रखने वालों से रेज्यूमे, आधार/वोटर आईडी आदि पहचान पत्र व फोटो मांगा जा रहा है। इन खानापूर्तियों को पूरा करने वालों से बाद में पैसे मांगे जाते हैं।
इस तरह अंजाम दे रहे धोखाधड़ी
आज तक के नाम से हूबहू असली फेसबुक पेज की तरह बने हुए पेज पर दो-तीन दिन पहले एक मैसेज आया। इसे कल व आज भी रिपीट किया गया। इसमें Join India Today (Aaj Tak) लिखा होने के बाद इच्छुक लोगों से रेज्यूमे, वोटर आईडी/आधार कार्ड/फोटो मांगे गए। इसके लिए मेल आईडी indiatoday1350@gmail.com और वॉट्सएप नम्बर दिए गए थे। ये सारी खानापूर्ति करने वाले को वॉट्सएप पर मैसेज आता है कि पेमेंट जमा कराओ। सामने वाले के यह पूछने पर कि कितना पेमेंट, तो ब्यूरो के लिए 12500 और रिपोर्टर के लिए 8500 रुपए बताए जाते हैं।
आरोपी ऐसे हुए सतर्क
इनमें से एक आवेदक समझ गया कि यह साइबर क्राइम का मामला है। इसलिए उसने आरोपियों को वॉट्सएप पर उलझाने के लिए पूछा-स्टेट हेड या नेशनल हेड बनने के लिए कितने पैसे लगेंगे। इस पर आरोपियों ने जवाब नहीं दिया। सम्भवतया वे समझ गए कि ऐसा सवाल करने वाला उनकी ठगी को समझ चुका है।
आज तक के प्रभारी को दी सूचना
न्यूज चक्र ने अपना दायित्व निभाते हुए इस फ्रॉड की जानकारी आज तक के हाड़ौती (कोटा) सम्भाग प्रभारी संजय शर्मा को दी। दोपहर 12 बजे से पहले उन्हें यह जानकारी दे दी गई थी। इस पर वर्मा ने कहा था कि वे अभी किसी की बाइट ले रहे हैं, थोड़ी देर बाद कॉलबैक करेंगे। मगर छह घंटे बाद शाम 6 बजे तक भी उनकी तरफ से फोन नहीं आया।
फेसबुक पेज हुआ गायब
वॉट्सएप पर आरोपियों से उलझने व आज तक के सम्भाग प्रभारी को सूचित करने के बाद फेसबुक पर सर्च किया तो आज तक का वो फर्जी पेज गायब हो चुका था। मगर वॉट्सएप नम्बर सक्रिय था। न्यूज चक्र आज तक के उस फर्जी फेसबुक पेज व वॉट्सएप पर हुई बातचीत के स्क्रीन शॉट शेयर कर रहा है।
न जाने कितने हो चुके होंगे ठगी का शिकार
इस साइबर ठगी का अब तक निश्चित रूप से देशभर के काफी युवा शिकार हो चुके होंगे। युवक-युवतियों को चाहिए कि वे नौकरी देने के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी कथित न्यूज चैनल या अखबारों के झांसे में न आएं। कोई भी मीडिया संस्थान नौकरी देते समय पैसे नहीं मांगता है। जो ऐसा कर रहे हैं, वो फर्जी हैं। पुलिस को भी इसमें अपनी सजगता दिखानी चाहिए।
कम पढ़े-लिखे हैं आरोपी
वॉट्सएप पर चैटिंग करते हुए अंग्रेजी के शब्दों को बिलकुल गलत लिख रहे हैं, जैसे Payment को pement, Bureau को Beuro लिखा गया है। इससे जाहिर है कि आरोपी अधिक शिक्षित नहीं हैं।