देश की आजादी और विकास में जिन्ना का भी योगदान: शत्रुघ्न सिन्हा

जिन्ना का गुणगान कर फंसे भाजपा छोड़ कांग्रेसी बने शत्रुघ्न सिन्हा, बवाल हुआ तो बोले- जुबान फिसल गई थी

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तारीफ करके देश की राजनीति में बवाल पैदा कर दिया। साथ ही उन्होंने जिन्ना को ‘कांग्रेस परिवार’ का सदस्य भी बताया। सिन्हा के इस बयान पर जहां कांग्रेसी नेता टिप्पणी करने से बचते रहे, वहीं मामला गर्माने पर खुद शत्रुघ्न सिन्हा सामने आए और कहा कि जुबान फिसल गई थी।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ के लिए प्रचार में शत्रुघ्न सिन्हा पहुंचे। यहां उन्होंने अपने विशेष लहजे में जोश के साथ जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस परिवार महात्मा गांधी से लेकर सरदार वल्लभ भाई पटेल तक, मोहम्मद अली जिन्ना से लेकर जवाहर लाल नेहरू तक, इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी और राहुल गांधी तक की पार्टी है। भारत की आजादी और विकास में इन सभी का योगदान है। इसलिए मैं कांग्रेस पार्टी में आया हूं, और एक बार आ गया हूं तो अब मुड़कर कहीं वापस नहीं जाऊंगा। हालांकि विवाद बढ़ता देख शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने बयान को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मेरी जुबान फिसल गई थी। मैं मौलाना आज़ाद कहना चाहता था, लेकिन मोहम्मद अली जिन्ना कह दिया। मगर तीर कमान से निकल चुका हैं। उनकी इस सफाई का विपक्षी भाजपा व आमजन पर असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है। ये शत्रुघ्न सिन्हा पर कांग्रेस की कल्चर का असर होने का तंज कस रहे हैं।
गौरतलब है कि शत्रुघ्न सिन्हा हाल ही में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कांग्रेस ने उनको पटना साहिब से ही लोकसभा का टिकट दिया है। सिन्हा अभी भी इसी सीट से बीजेपी के सांसद हैं। इस बार यहां उनका मुकाबला केन्द्रीय मंत्री बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद से है। छिंदवाड़ा में लोगों को सम्बोधित करते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने शायराना अंदाज में बीजेपी पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, वरना कोई यूं ही बेवफा नहीं होता।
कांग्रेस में शामिल होते ही मोदी-शाह पर बोला था हमला
शत्रुघ्न सिन्हा बीते कुछ महीनों से बीजेपी से नाराज चल रहे थे। उनकी नाराजगी तब और बढ़ गई थी जब पार्टी ने पटना साहिब से उनका टिकट काटकर रविशंकर प्रसाद को दे दिया था। टिकट कटने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने आखिरकार बीजेपी से अलग होकर कांग्रेस से जुड़ने का फैसला किया। रणदीप सुरजेवाला और बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्तिसिंह गोहिल की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस से जुड़ते ही उनके निशाने पर पीएम मोदी और अमित शाह रहे। उन्होंने कहा कि बीजेपी में उन्होंने लोक शाही को धीरे-धीरे तानाशाही में परिवर्तित होते देखा। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मौजूदा बीजेपी नेतृत्व ने यशवंत सिन्हा, मुरली मनोहर जोशी, अरुण शौरी जैसे कद्दावर शख्सियतों को निपटा दिया गया।