सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: सीएम योगी 72 और मायावती 48 घंटे नहीं कर सकेंगी चुनाव प्रचार

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न्यूज चक्र @ नई दिल्ली/सेन्ट्रल डेस्क
विवादित बयान के मामले में चुनाव आयोग ने 72 घंटे के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रचार पर रोक लगा दी है। आयोग ने 48 घंटे के लिए मायावती के प्रचार पर भी रोक लगाई है। आयोग का यह आदेश मंगलवार सुबह 6 बजे से लागू होगा। आयोग ने यह आदेश योगी आदित्यनाथ और मायावती के चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बयान को लेकर दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को फटकार भी लगाई है।
गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने चुनाव प्रचार के दौरान नफरत भरे भाषण देने और धार्मिक आधार पर वोट मांगने वाले नेताओं पर कार्रवाई न करने को लेकर चुनाव आयोग की सीमित शक्तियों पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने आयोग से मंगलवार सुबह 10:30 बजे तक जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘आप ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। आपने ऐसे बयानों पर कुछ नहीं किया। आपको इन बयानों पर जरूर कार्रवाई करनी चाहिए।’
वहीं चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि चुनाव आचार संहिता तोड़ने को लेकर वह नोटिस और एडवाइजरी जारी कर रहा है। वह न तो किसी को अयोग्य करार दे सकता है और न ही किसी पार्टी को डिरजिस्टर (अपंजीकृत) कर सकता है।
इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग अपनी ताकत जानता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह चुनावी अभियान में हेट स्पीच और साम्प्रदायिक बयानबाजी करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग के अधिकारों की जांच करेगा। चीफ जस्टिस ने कहा कि वे इस मामले की कल (मंगलवार) सुबह 10:30 बजे सुनवाई करेंगे। इस दौरान चुनाव आयोग का कोई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कुछ दिनों पहले यूपी के मुख्यमंत्री को उनकी ‘अली-बजरंगबली’ की टिप्पणी के लिए चुनाव आयोग द्वारा एक और नोटिस जारी किया गया था। आदित्यनाथ ने एक रैली में कहा था, ‘अगर आप (विपक्ष) को अली पर भरोसा है, तो हमें बजरंगबली पर भरोसा है।’
इस नोटिस के जवाब में सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने यह बयान देवबंद में बसपा प्रमुख मायावती की मुस्लिम मतदाताओं से अपील के जवाब में दिया था। मायावती का बयान स्पष्ट रूप से साम्प्रदायिक था, जिसे चुनाव आयोग ने भी नोट किया था।
वहीं मायावती ने देवबंद में बसपा-सपा गठबंधन की पहली संयुक्त रैली के दौरान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और बरेली जिलों में मुस्लिम मतदाताओं से अपील की थी। मायावती ने कहा था कि ‘मैं इस चुनाव में मुस्लिम समाज के लोगों को सावधान करना चाहती हूं कि पूरी यूपी में कांग्रेस बीजेपी को टक्कर देने के लायक नहीं है। मुसलमान अपने वोट बंटने न दें और एकमुश्त गठबंधन प्रत्याशी को वोट करें।’