कमाई करते हुए पर्यावरण संरक्षण में भागीदार निभाएंगे कोटा जेल के कैदी

0
165
कोटा। जिला कारागार में स्वामी सहजानंद जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक आदि अधिकारियों के साथ अपनी संस्था मिशन ग्रीन फाउंडेशन के द्वारा बनाए जाने वाले थैलों को प्रदर्शित करते हुए।

न्यूज चक्र @ कोटा
कोटा की जेल में बंद कैदी अब पर्यावरण के साथ मानव जीवन को पॉलीथिन के घातक प्रभाव से बचाने में सहयोगी भी बनेंगे। ऐसा हिसार (हरियाणा) की मिशन ग्रीन फाउंडेशन संस्था के सहयोग से सम्भव होगा। यह संस्था कैदियों से कपड़े के थैले बनवाएगी। इसकेे लिए सभी सामग्री वही देगी। थैले बनाना भी सिखाया जाएगा। थैले बनाने के बदले कैदियों को प्रतिदिन 130 रुपए मेहनताना मिलेगा। ये थैले आमजन को नि:शुल्क वितरित कर उन्हें पॉलीथिन का उपयोग छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। संस्था का लक्ष्य कमसे कम एक करोड़ थैले नि:शुल्क वितरित करने का है। इस अभियान का स्लोगन ‘ मेरी शान, मेरा थैला, क्यों करें हम राष्ट्र मैला’ है।
हिसार से आए मिशन ग्रीन फाउंडेशन के संस्थापक स्वामी सहजानंद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला कारागार के अधिकारियों से मिलकर इस सम्बन्ध में सब कुछ तय कर लिया गया है। स्वामी सहजानंद ने बताया कि उन्होंने इस अभियान की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट से व्यथित होकर की। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि पॉलीथिन का प्रयोग नहीं रोका गया तो वर्ष 2022 के बाद देश में 82.07 प्रतिशत लोग कैंसर की चपेट में होंगे। मगर आज भी कम भयावह स्थिति नहीं है। पॉलीथिन हमारी धरती को बंजर करती जा रही है। 8-10 किलो पॉलीथिन तो हर गाय के पेट में मिल जाएगी। इनके कारण बड़ी संख्या में गायें रोज दम तोड़ रही हैं। समुद्र में 65 प्रतिशत जीव नष्ट हो चुके हैं। ग्रीन फाउंडेशन संस्था हरियाली को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है। इसकी शुरुआत घरों और दुकानों के लिए पौधे लगे हुए एक लाख गमले वितरित कर की गई थी। पौधरोपण व इनके संरक्षण का काम भी किया जा रहा है। स्वामी सहजानंद ने कहा कि आज घर-घर जाकर पॉलीथिन के दुष्प्रभावों की जानकारी देने की महती आवश्यकता है। थैले के उपयोग पर नहीं अपितु पॉलीथिन के उपयोग पर शर्मिंदा होने की जरूरत है। स्वामी ने बताया कि लड़कियों के लिए फैशनेबल थैले भी बनवाए जाएंगे। उनका कहना था कि जब लड़कियां फटी हुई जिंस पहनने पर ही नहीं हिचकिचाती तो कपड़े के थैलों का उपयोग करने में तो पीछे नहीं रहना चाहिए। राजस्थान में इस अभियान का शुभारम्भ प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सालासर बालाजी धाम से किया गया है। सालासर बालाजी धाम इसमें हर प्रकार से सहयोग भी दे रहा है।
कोटा आगमन पर स्वामी सहजानंद ने पहले एसपी सिटी राजेश भार्गव से मुलाकात कर उन्हें भी अपने अभियान की जानकारी दी। इसे एसपी भार्गव ने काफी सराहा। अब वे अगले सप्ताह वापस इस अभियान को गति देने के लिए कोटा आएंगे।