पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड भी ढेर, सेना की कार्रवाई जारी

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श्रीनगर में सेना और पुलिस की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते जेओसी 15 कॉर्प लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन।

न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है। रविवार को पुलवामा जिले में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। मारे गए आतंकियों में जैश-ए-मोहम्मद का डिस्ट्रिक्ट कमांडर मुदस्सिर खान भी शामिल है। यह पुलवामा हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल है। अन्य दो आतंकियों की पहचान की जा रही है। सेना ने बताया कि 21 दिन तक चले अभियान में 18 आतंकवादी मारे गए हैं।
श्रीनगर में सोमवार को सेना और पुलिस की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीओसी 15 कॉर्प लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों के संयुक्त अभियान में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान जारी है. आतंकवादियों के खात्मे तक उनकी मुहिम जारी रहेगी।
मुदस्सिर का मारा जाना इसलिए बड़ी उपलब्धि
पुलवामा हमले में मुदस्सिर का बड़ा हाथ था। इसी ने हमले के लिए गाड़ी और विस्फोटक का इंतजाम किया था। पेशे से इलेक्ट्रीशियन मुदस्सिर ने 2017 में जैश-ए-मोहम्मद ज्वाइन किया था। यही पुलवामा कांड को अंजाम देने वाले आदिल अहमद डार के सम्पर्क में था। पुलवामा हमले की साजिश में भी शामिल था। सेना ने बताया कि 21 दिन में 18 आतंकियों को ढेर किया गया है जिनमें 8 पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं।
इस तरह हुई कार्रवाई
सुरक्षाबलों ने रविवार को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल इलाके के पिंगलिश में घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया था, उन्हें इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। तलाशी अभियान के दौरान उस वक्त मुठभेड़ हो गई जब आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोली चलाई, जिस पर जवाबी कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि पिछले महीने 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद से ही सुरक्षाबलों के निशाने पर घाटी में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी हैं। सुरक्षाबल जैश के आतंकियों को चुन-चुनकर मौत के घाट उतार रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने ही पुलवामा में आतंकी हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। इसी के बाद से ही सुरक्षाबलों ने घाटी में फैले जैश के आतंकियों को निशाने पर लिया था।
अभी कुछ दिन पहले ही इसी क्षेत्र में हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकियों को सेना ने मार गिराया था। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों और राज्य पुलिस ने इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया था। वहीं, 4 मार्च को त्राल में भी सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया था, साथ ही आतंकियों के घर को उड़ा दिया था।