पाकिस्तान में की एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने से नाराज कांग्रेस नेता ने पार्टी छोड़ी, कहा मेरे लिए देश पहले

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क/नई दिल्ली
भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट स्थित आतंकी अड्डों पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद से कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए जा रहे विवादित बयानों से व्यथित होकर बिहार कांग्रेस के एक प्रवक्ता विनोद शर्मा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देते हुए शर्मा ने कहा कि लोग कांग्रेस को पाकिस्तान की एजेंट मानने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद से ही देश में राजनीति और तेज हो गई है। कांग्रेस के कई नेताओं ने ऐसे बयान दिए, जिनकी सोशल मीडिया के साथ-साथ बाहर भी आलोचना हो रही है। कुछ दिन पहले ही कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा था कि उन्हें तब तक चैन नहीं आएगा, जब तक वे आतंकियों की लाश नहीं देख लेते। वहीं कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू भी बेहद विवादित ट्वीट कर चुके हैं। यहां तक कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आदि कांग्रेसी भी विवादित टिप्पणियां करते आ रहे हैं।
ऐसी ही बयानबाजियों ने बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता विनोद शर्मा को दुखी कर डाला। पार्टी से दिए इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘ पार्टी सेना से बालाकोट में मारे गए आतंकियों की सूची मांगती रही। यह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है देश की राजनीतिक पार्टी के लिए, जो इस तरह की बात करे। जिस बम के गिरने से 70 फीट गहरे गड्डे हो जाते हैं, उस बम के गिरने से, जो हमारी सेना ने गिराए, किसी आतंकी का नामो-निशान बचेगा क्या? इतने गहरे गड्डे होने से कोई आतंकी बचेगा कैसे, ये सोचने वाली बात है।’
कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से दुखी नजर आ रहे विनोद शर्मा ने कहा, ‘बार-बार इस तरह की बातें उठाकर इस तरह की राजनीति करना सहीं नहीं है और हमें लगा कि हमें इसमें सहयोग नहीं करना चाहिए। मैं 30 वर्ष से इस पार्टी के लिए काम कर रहा हूं, इसलिए बड़े दुखी मन से यह निर्णय लिया है। राहुल गांधी जी को इस सम्बन्ध में कई पत्र लिखे, मगर उनके यहां से कोई जवाब नहीं आया। हमारे अध्यक्ष ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, दुखी मन से मैं राष्ट्रहित में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं, क्योंकि देश पहले हैं।’ उन्होंने कहा, ‘पार्टी कार्यकर्ताओं और हमें सड़कों पर रहना पड़ता है और लोगों की बात सुननी पड़ती है। तो आम जनता चाह रही थी कि देश की सेना के साथ सब दल खड़े रहें, लेकिन दुर्भाग्यवश कांग्रेस कहीं ना कहीं गलत कदम उठा रही थी। सेना का मनोबल तोड़ने का काम कर रही थी। कांग्रेस अपने पथ से भटक रही थी। दुर्भाग्य से हमारे अध्यक्ष राहुल गांधी इस भावना को समझ नहीं रहे हैं।’