जम्मू बस स्टेंड पर ग्रेनेड अटैक, 1 की मौत, 32 घायल, आरोपी हिजबुल आतंकी गिरफ्तार

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जम्मू रेंज के आईजी मनीष कुमार सिन्हा ग्रेनेड अटैक की जानकारी देते हुए। वहीं पुलिस की गिरफ्त में आरोपी यासिर जावेद भट।

न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
जम्मू के बस स्टेंड पर गुरुवार दोपहर एक बस के नीचे डाले गए ग्रेनेड के विस्फोट में 33 यात्री व अन्य लोग घायल हो गए। इनमें से एक हरिद्वार निवासी 17 वर्षीय मोहम्मद शारिक की बाद में अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती घायलों में से तीन अन्य लोगों की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है।
वारदात के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इसमें कुछ ही घंटे बाद कुलगाम निवासी आरोपी यासिर जावेद भट को गिरफ्तार कर लिया गया। यह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा बताया गया है। इसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। साथ ही बताया कि उसने हिजबुल मुजाहिदीन के कुलगाम जिला कमांडर फारुख अहमद भट के निर्देश पर इसे अंजाम दिया। उसे ग्रेनेड भी इस जिला कमांडर ने मुहैया करवाया था। गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है।
जम्मू के आईजी मनीष कुमार सिन्हा ने इस वारदात की जानकारी देते हुए बताया कि हमले का मकसद अधिकाधिक लोगों को नुकसान पहुंचाना व साम्प्रदायिक सद्भावना बिगाड़ना था। आईजी सिन्हा का कहना है कि, ‘ज्यादा चौकसी व सख्त जांच-पड़ताल के बावजूद किसी न किसी के बच निकलने की आशंका रहती है। यह ऐसा ही मामला लग रहा है।’ उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह करते हुए कहा, ‘निश्चित तौर पर मंशा साम्प्रदायिक शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की थी। वहीं जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल की प्रधानाचार्या सुनंदा रैना ने बताया, ‘अब तक 32 घायलों को यहां लाया गया है। इनमें से तीन की हालत गंभीर है। दो का ऑपरेशन किया जा रहा है।’
चाइनीज ग्रेनेड के इस्तेमाल की आशंका
रिपोर्ट के मुताबिक धमाके में चाइनीज ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया है। बताया जा रहा है कि पहले भी यह इलाका आतंकियों के निशाने पर रहा है। प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर की जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने व शांति बनाए रखने की अपील की है। ग्रेनेड धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास की कई बसों को भी नुकसान पहुंचा है।
बस स्टेंड पहले भी बना निशाना
गत वर्ष 24 मई को भी इस बस स्टेंड पर ग्रेनेड फेंका गया था। इसमें दो पुलिसकर्मी व एक नागरिक बुरी तरह घायल हो गए थे। इसी प्रकार 29 दिसम्बर को भी आतंकियों ने इस बस स्टेंड को निशाना बनाया था। उस समय आतंकी बस स्टेंड पर ग्रेनेड फेंककर भाग गए थे। मगर रात का समय होने से तब कोई नुकसान नहीं हुआ था। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि बस स्टेंड के पास ही पुलिस स्टेशन भी है, फिर भी आतंकी अपने मंसूबे में कामयाब कैसे हो गए।