मंत्री सालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलने वाले आईपीएस पंकज चौधरी बर्खास्त

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न्यूज चक्र @ जयपुर
भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी पंकज चौधरी को केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बर्खास्त कर दिया। वर्ष 2009 बैच के आईपीएस चौधरी को राजस्थान कैडर मिला था। इस सम्बन्ध में बजाज नगर थाना पुलिस ने आठ पन्नों का एक तामील नोटिस उनके जयपुर में गांधी नगर स्थित सरकारी आवास के गेट पर चस्पा किया है। चौधरी जैसलमेर में एसपी रहते हुए ऊंची पहुंच वाले स्थानीय नेता एवं मुस्लिम समाज के एक तबके के धर्मगुरु गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोलने तथा बून्दी जिले के नैनवां में हुए साम्प्रदायिक दंगों से चर्चा में आए थे। इसके बाद खुद की पोस्टिंग्स व चार्जशीट मिलने पर लगातार राज्य सरकार सहित अन्य आईपीएस व आईएएस अफसरों के खिलाफ बयानबाजी को लेकर चर्चित रहे।
जानकारी के अनुसार 1 मार्च 2019 को कार्मिक विभाग, राजस्थान सरकार ने पुलिस महानिदेशक, राजस्थान को एक पत्र लिखा था। यह पत्र केन्द्रीय गृह मंत्रालय, नई दिल्ली के आदेश संख्या 26011/61/2016-आईपीएस-सैकंड दिनांक 19 फरवरी 2019 के सन्दर्भ में लिखा गया था। इसमें कार्मिक विभाग ने डीजीपी से आईपीएस पंकज चौधरी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के सन्दर्भ में लिखते हुए चौधरी को नोटिस तामील करवाकर इसकी मूल रसीद वापस कार्मिक विभाग को भिजवाने की बात लिखी थी।
इसी आदेश की पालना में बजाज नगर थाना पुलिस बुधवार को पंकज चौधरी के घर पहुंची। यहां दरवाजे पर ताला लगा मिला। इस पर पुलिस ने नोटिस गेट पर ही चस्पा कर दिया। माना जा रहा है कि अब राजस्थान का कार्मिक विभाग बुधवार रात तक चौधरी की सर्विस समाप्ति के आदेश जारी कर सकता है।
पत्नी ने वसुंधरा राजे के खिलाफ किया था चुनाव लड़ने का ऐलान
गौरतलब है कि पंकज चौधरी की पत्नी मुकुल चौधरी भी चर्चित रही हैं। हाल ही में विधानसभा चुनाव से पहले मुकुल चौधरी ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद उन्होंने झालरापाटन में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के सामने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी, हालांकि, उन्होंने चुनाव लड़ा नहीं था। वहीं, पंकज चौधरी को पिछले दिनों झालावाड़ में ट्रेनिंग सेंटर में पोस्टिंग दी गई थी। इस पर उन्होंने कांग्रेस सरकार से ऐतराज जताया था। वहीं, वे सामाजिक कार्यक्रमों में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। अक्सर सोशल मीडिया पर बेबाकी से लिखी गई उनकी पोस्ट भी चर्चाओं में रहीं थीं। चौधरी ने पिछले दिनों डीजीपी से लेकर कई अन्य आईपीएस व आईएएस अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।
पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने का आरोप
पंकज चौधरी की पहली पत्नी वाराणसी निवासी सुधा गुप्ता ने उनके खिलाफ महिला आयोग सहित विभाग के उच्चाधिकारियों को उनसे तलाक लिए बिना दूसरी शादी करने की शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उस महिला से पंकज चौधरी के बच्चे भी हैं।
कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों सरकारों से नहीं बनी
पंकज चौधरी जब जैसलमेर एसपी थे तो उन्होंने बेहद दमखम रखने वाले धर्मगुरु गाजी फकीर की हिस्ट्रीशीट खोल दी थी। उस समय भी राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री थे। गाजी फकीर के बेटे सालेह मोहम्मद भी कांग्रेस के बड़े नेता ही नहीं पोखरण से  विधायक भी थे। इससे कांग्रेस में भारी बवाल मच गया था। कुछ समय बाद चौधरी का जैसलमेर से तबादला कर दिया गया था। सालेह मोहम्मद अभी भी पोखरण से विधायक एवं अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री भी हैं।
आईपीएस चौधरी वसुंधरा राजे के पहले मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में बून्दी एसपी थे। उस दौरान जिले के नैनवां में भड़के साम्प्रदायिक दंगे के दौरान उन पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ गलत कार्रवाई करने के आरोप लगे। वहीं चौधरी ने मुख्यमंत्री वसुंधरा पर गलत कार्रवाई करने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया था। तब से उनकी वसुंधरा राजे से शुरू हुई अदावत हमेशा रही।