जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन भी करेंगे सख्त जांच और पूछताछ का सामना!

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने बेशक बहादुरी और साहस का परिचय दिया. लेकिन अब पाकिस्तान से रिहा होकर वापस लौटने के बाद भारतीय वायुसेना उनसे कई तरह की पूछताछ करेगी। साथ ही उन्हें कई परीक्षणों से भी गुजारा जाएगा।
भारत की तरफ से आतंकियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक के अगले दिन 27 फरवरी को विमान क्रैश के बाद पाकिस्तान सेना के कब्ज़े में ले लिए गए अभिनंदन के लिए पूरा देश दुआएं कर रहा था। आखिरकार 28 फरवरी को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अभिनंदन को भारत को सौंपने का ऐलान कर दिया।
अभिनंदन की भारत वापसी को लेकर पूरे देश में जहां जश्न का माहौल है, वहीं रॉ के लिए सेवाएं देने वाले एक उच्च आईपीएस अफसर ने एक न्यूज चैनल से कहा कि ‘अभिनंदन ने बेशक वीरता का सबूत दिया और देश को गौरव, लेकिन दुर्भाग्यवश इन-सर्विस लॉ के मुताबिक उसे भी अन्य युद्ध कैदियों की तरह कड़ी पूछताछ से गुज़रना होगा।’
उन्होंने बताया कि ‘अभिनंदन ने पाकिस्तानी F-16 फाइटर जेट का मुकाबला सालों पुरानी तकनीक के फाइटर प्लेन मिग 21 के साथ वीरता से किया। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अभिनंदन का सम्मान करती हैं, लेकिन, एक बार अगर हमारा कोई जवान दुश्मन के हाथों पकड़ा जाता है तो वह कोई भी हो, उसे सख़्त पूछताछ के दौर से गुज़रना ही होता है।’
उन्होंने आगे बताया कि अभिनंदन जैसे ही भारत को सौंपा जाएगा, वैसे ही भारतीय वायु सेना इंटेलिजेंस के सपुर्द कर दिया जाएगा। उसके बाद अभिनंदन के कई परीक्षण और जांचें की जाएंगी, ताकि समझा जा सके कि वह फिट और स्वस्थ है। पूरी स्कैनिंग होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पाकिस्तान की तरफ से उसके शरीर में किसी तरह की कोई खुफिया चिप या किसी तरह की साज़िश तो नहीं की गई। सर्विस लॉ के मुताबिक की जाने वाली और कार्रवाई के बारे में उन्होंने बताया कि अभिनंदन के मनोवैज्ञानिक टेस्ट भी किए जाएंगे, क्योंकि वह दुश्मन देश की कैद में था, वह भी बिल्कुल अकेला। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सीक्रेट के खुलासों को लेकर उसके साथ कई किस्म की ज़्यातदतियां की गई हों, यह सम्भव है इसलिए वह एक सदमे के दौर से गुज़रा होगा। इसी कारण ये टेस्ट किए जाते हैं।
अभिनंदन के भारत लौटने पर होने वाले इस बर्ताव के बारे में उनका कहना था ‘हालांकि यह बहुत कष्टदायक है, लेकिन ज़रूरी है। आईएएफ इंटेलिजेंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके पास जो भी सूचनाएं थीं, दुश्मन की कैद में होने के दौरान उससे कितनी उगलवाई गईं और यह भी कि उसे दुश्मन देश ने अपना जासूस बनाकर तो नहीं भेजा। प्रावधानों के मुताबिक हर युद्धबंदी रहे सैनिक या सेना अफसर के साथ इस तरह का ट्रीटमेंट किया जाता है।’
‘मैं नचिकेता का एपिसोड देख चुका हूं, आर्मी के वरिष्ठ अधिकारी व फील्ड मार्शल रहे केएम करियप्पा के बेटे एयर मार्शल केसी करियप्पा का भी। उन्होंने दुश्मन देश की कैद में होने के दौरान पाकिस्तान के सामने कोई खुलासा नहीं किया, लेकिन, जो स्टैंडर्ड प्रावधान हैं, उनका पालन करना होता है। अभिनंदन को कुछ दिनों के लिए सबसे अलग रखा जाएगा और अगर उसकी शारीरिक या मानसिक फिटनेस को लेकर कोई भी शक हुआ तो हो सकता है कि उसे डेस्क जॉब दिया जाए। हम अभी से यह नहीं कह सकते कि हमारे बहादुर सिपाही अभिनंदन के साथ क्या होगा, क्या नहीं। इस सबके बावजूद यह तय है कि उसके साथ पूरी कार्रवाई के दौरान पूरा सम्मान बरता जाएगा। ‘ आईपीएस अफसर ने यह भी बताया कि इस बात की सम्भावना कम है कि अभिनंदन को आईबी या रॉ के हवाले किया जाए, क्योंकि एयर फोर्स इंटेलिजेंस अपने अफसरों को उनके सुपुर्द नहीं करता है, लेकिन अभी इस बारे में भी कुछ कहा नहीं जा सकता। ‘पिछले ऐसे मामलों में हालांकि ऐसा नहीं हुआ है लेकिन मैं कह नहीं सकता कि इस मामले में इस बार भी आईबी या रॉ के हवाले नहीं किया जा सकता।’
सख़्त पूछताछ नहीं, औपचारिक सवाल-जवाब
वहीं, पंजाब में पदस्थ भारतीय वायु सेना के एक अफसर से भी अभिनंदन के साथ होने वाली इस पूछताछ के बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि ‘यह पूछताछ जैसा मामला नहीं है, सिर्फ सवाल-जवाब होंगे और उसके साथ किसी तरह का कोई अपमानजनक या कठोर बर्ताव नहीं किया जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘अभिनंदन हमारा हीरो है, जिसने अमेरिका का घमंड कहे जाने वाले F-16 को रूस की पुरानी तकनीक के लड़ाके मिग 21 से मात दी। अगर युद्ध के मैदान में हम नाकाम होते हैं, तो उसके लिए सज़ा है, लेकिन हमारे इस जांबाज़ ने जो काम किया है, उसके लिए इनाम दिया जाना चाहिए, न कि सज़ा। नियमों के तहत जो जांच और सवाल जवाब होने हैं, वो होंगे लेकिन हमें हमारे अफसर पर विश्वास और नाज़ है।’