कोटा। अग्रवाल डेयरी से बरामद नकली पनीर।

न्यूज चक्र @ कोटा
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बारां रोड स्थित अग्रवाल डेयरी से 300 किलो नकली व बदबूदार पानीर जब्त कर नष्ट करवाया। इस पनीर को शादियों के लिए सप्लाई किया जाना था।
एफएसएसए (फूड सैफ्टी एंड स्टेंडर्ड एक्ट) के नोडल अधिकारी सुनील सिंह व सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र सिंह तंवर के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने इस अहम कार्रवाई को अंजाम दिया। इन अधिकारियों में अरुण सक्सेना, जीएस गुर्जर, संजय सिंह व सीवीएस जादौन शामिल थे।
सक्सेना ने बताया कि अग्रवाल डेयरी पर खराब पनीर बेचे जाने की सूचना पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने छापेमार कार्रवाई की। इसमें जब्त किए गए 300 किलो पनीर से बदबू आ रही थी। साथ ही यह प्रथमदृष्टया तेल व मिल्क पावडर या फेटलेस मिल्क से बनाया हुआ प्रतीत हो रहा था। जांच में पता चला कि डेयरी संचालक ने यह पनीर 170 रुपए किलो के भाव से मध्यप्रदेश के श्योपुर से मंगवाया था। शादियों में बनने वाले खाने के लिए इसे 200 रुपए किलो में बेचा जा रहा था। इस पर ही टीम को इस पनीर में मिलावट का संदेह हो गया था, क्योंकि मानक स्तर का पनीर 250 रुपए किलो के भाव से कम में मिलना सम्भव ही नहीं है। इसके बाद मौके पर की गई जांच में यह मिलावटी प्रतीत होने के साथ बदबूदार भी साबित हुआ। जब्त पनीर में से करीब 200 किलो पनीर 50 किलोग्राम क्षमता के थर्मोकोल से बने 4 कर्टन में तथा बाकी 100 किलो पनीर फ्रीजर में रखी 4 स्टील की टंकियों में मिला। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत इनके दो नमूने लेकर बाकी पनीर को डम्पिंग यार्ड में नष्ट करवाया। इन नमूनों को जांच के लिए भिजवाया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट के बाद आगे और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हम सब खा रहे मिलावटी व नकली पनीर
जानकारों के अनुसार इन दिनों बड़ी संख्या में हो रहे शादी समारोहों में रोज काफी अधिक मात्रा में पनीर व मावा की आवश्यकता हो रही है। इतना उत्पादन स्थानीय स्तर पर होना सम्भव नहीं है। इस पर डेयरी संचालक व मावा-पनीर के व्यवसाई मध्यप्रदेश से खरीद करते हैं, जो अधिकतर मामलों में मिलावटी या नकली होता है। हाड़ोतीभर में यही आलम है। ऐसा पनीर हो या मावा स्वास्थ्य के लिए भारी नुकसान दायक होता है।