कश्मीर में सेना ने तोड़ी आतंकियों की कमर, अब सिर्फ दो शीर्ष कमांडर बचे

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न्यूज चक्र @ नई दिल्ली/सेन्ट्रल डेस्क
अल बद्र के शीर्ष कमांडर जीनत उल-इस्लाम के खात्मे के साथ ही सेना ने कश्मीर घाटी में आतंकियों की कमर तोड़कर रख दी है। सेना की हिटलिस्ट में शामिल शीर्ष 12 कमांडर में से अब सिर्फ रियाज नायकू और जाकिर मूसा ही जिंदा बचे हैं।
सेना ने शनिवार को जिस जीनत उल-इस्लाम सहित दो प्रमुख आतंकियों को ढेर कर दिया था। अल बद्र जैसे खूंखार आतंकी संगठन का शीर्ष कमांडर जीनत उल-इस्लाम घाटी में सक्रिय ऐसा पुराना आतंकी था जो बारूदी सुरंग बनाने में भी एक्सपर्ट था। वह 2015 में लश्कर ए तैयबा से जुड़ा था। बाद में हिजबुल मुजाहिदीन में भी रहा।
इसलिए था चर्चा में
कुछ महीने पहले जीनत उल इस्लाम का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह अपने साथियों के साथ मस्ती भरे अंदाज में बिरयानी खाता दिखाई दे रहा था। इसका सीधा मतलब यह था कि वह सेना को चुनौती दे रहा था।

कश्मीर घाटी में बेहद सिमटा आतंकवाद

-100 किमी में सिमटा आतंकवाद का दायरा श्रीनगर के आसपास
-कुलगाम, बडगाम, अनंतनाग और शोपियां जैसे इलाके इनमें शामिल
-बांदीपोरा, सोपोर, बारामुला जैसे इलाके लगभग आतंकवाद मुक्त
(सुरक्षा बलों की खुफिया रिपोर्ट)

पिछले साल 311 आतंकी मारे गए

जम्मू-कश्मीर में 2018 में कुल 311 आतंकी मारे गए थे। यह एक दशक में मारे जाने वाले आतंकियों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 2010 में 232 आतंकी मारे गए थे। वहीं 2017 में 213 आतंकी मारे गए थे।

ये शीर्ष आतंकी मारे गए

सेना ने कश्मीर घाटी में 20 महीने की अवधि में दस शीर्ष आतंकवादी कमांडरों को मार गिराया है।
1. जुनैद मट्टू उर्फ ​​कंदरू
16 जून, 2017: अनंतनाग में सुरक्षा बलों ने जुनैद मट्टू को मार गिराया। जुनैद लश्कर से जुड़ा था। कुलगाम का जिला कमांडर था। वह 18 साल की उम्र में आतंकी संगठन में शामिल हो गया था।
2. बशीर अहमद वानी उर्फ ​​लश्करी
जुनैद मट्टू के लगभग 15 दिन बाद ही आतंकी बशीर अहमद वानी उर्फ ​​लश्करी मारा गया। सुरक्षा बलों ने पहली जुलाई 2017 को अनंतनाग जिले के ब्रेंटी इलाके में हुई मुठभेड़ में उसका खात्मा किया।
3. वसीम अहमद शाह उर्फ ​​ओसामा
13 अक्टूबर, 2017: पुलवामा में वसीम सुरक्षा बलों से हुई मुठभेड़ में मारा गया था। बुरहान वानी के खात्मे के बाद 2016 की कश्मीर में फैली अशांति के पीछे कॉलेज ड्रॉप आउट से आतंकी बना ओसामा ही था। उसके सिर पर 10 लाख रुपए का इनाम था।
4. अबु दुजाना उर्फ ​​हाफिज
1 अगस्त 2017: पुलवामा जिले के हाकरीपोरा इलाके के हुई मुठभेड़ में दुजाना मारा गया। पाकिस्तानी आतंकवादी अबु दुजाना दक्षिण कश्मीर में लश्कर का चेहरा था।
5. अबु हमास
ए++ श्रेणी का पाकिस्तानी आतंकी अबु हमास 17 मार्च 2018 को खानमोह में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था। जैश कमांडर जाकिर मूसा के अंसार गजवत उल हिंद में शामिल हो गया था। हिजबुल से अलग होकर मूसा ने यह संगठन बनाया है।
6. सद्दाम पाडर उर्फ ​​जैद
6 मई 2018: शोपियां में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में पाडर मारा गया। वह 2013 में आतंकवादी संगठन हिजबुल में शामिल हुआ था। सद्दाम पाडर बुरहान वानी का करीबी था।
7. शौकत अहमद
5 मई 2018 को श्रीनगर के चट्टाबल इलाके में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। पाकिस्तानी आतंकवादी शौकत अहमद लश्कर से जुड़ा था।
8. यासीन इट्टू
14 अगस्त 2018: शोपियां में ए++ श्रेणी के हिजबुल आतंकवादी मोहम्मद यासीन इट्टू को मार गिराया गया। वह 1996 में आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। वह बुरहान वानी की मौत के बाद से हिजबुल का सबसे सक्रिय आतंकी था।
9. अल्ताफ अहमद काचरू
29 अगस्त, 2018: अनंतनाग में सुरक्षा बलों को हिजबुल आतंकी अल्ताफ अहमद कचरू को मारने में कामयाबी मिली। उसके सिर पर 12.5 लाख रुपए का इनाम था। वह हिजबुल के सबसे लंबे समय से सक्रिय आतंकियों में से एक था।
10. जीनत उल इस्लाम
12 जनवरी, 2019: सुरक्षा बलों ने आतंकवादी संगठन अल बद्र के ऑपरेशनल कमांडर और आईईडी बनाने में माहिर जीनत-उल-इस्लाम को कुलगाम में मार गिराया।

अब इनका नम्बर

जाकिर मूसा

जाकिर मूसा पहले हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी था। वह 2017 में तब खबरों में आया, जब एक ऑडियो में उसने कथित रूप से अल-कायदा की तर्ज पर खिलाफत आंदोलन के साथ जुड़ने की घोषणा की थी। मूसा 2013 में बुरहान वानी के नेतृत्व में हिजबुल में शामिल हुआ था। वह उस समय 19 साल का था और राज्य में सबसे लंबे तक जिंदा रहने वाला आतंकी है।

रियाज नायकू

हिजबुल कमांडर रियाज नायकू पुलिसवालों के परिवार का अपहरण कर सुर्खियों में आया था। 31 साल का नायकू सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर 2016 में पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी की मौत के बाद आना शुरू हुआ था। उसके सिर पर 12 लाख रुपए का इनाम है। अवंतीपुरा निवासी नायकू ए++ श्रेणी का आतंकी है। 2017 में सबजार भट की मौत के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुखिया का पद संभाला था।