द रॉयल दीवा कॉन्टेस्ट ने महिलाओं के कॅरियर के लिए खोले नए द्वार: एडीएम ओझा

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न्यूज चक्र @ कोटा

वर्तमान समय में महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे लाना जरूरी है। राज्य सरकार अपने स्तर पर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ सहित महिला सशक्तिकरण के लिए कई कार्यक्रम चला रही है। महिलाओं व बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ाने व उनके व्यक्तित्व विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं, ताकि वे आगे बढ़ सकें। यह बात कोटा एडीएम (सिटी) पंकज ओझा ने कही। वे शनिवार शाम इंद्रा विहार स्थित एलेन के समर्थ सद्भाव सभागार में वेदास वूमेन डवलपमेंट एंड कल्चरल सोसाइटी व कोटा ज्ञानद्वार एजुकेशन सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम द रॉयल दीवा कॉन्टेस्ट के ग्रांड फिनाले को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्य अतिथि ओझा ने इस अवसर पर आगे कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं व बेटियों को समाज में आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। उनमें आत्म विश्वास बढ़ता है। महिलाओं के लिए कॅरियर के नए द्वार खुल रहे हैं। कार्यक्रम में एडीएम सिटी ओझा ने जान हो तुम मेरी जान हो तुम…गाने की प्रस्तुति भी दी।
महिलाओं की प्रतिभा को निखारने का मंच
विशिष्ट अतिथि डीसीएम श्रीराम रेयंस के यूनिट हेड व सीनियर वाइस प्रेसीडेंट वीके जेटली ने कहा कि कार्यक्रम संयोजक अनीता चौहान व डॉ. नीता पारेख बधाई के पात्र है कि उन्होंने कोचिंग नगरी कोटा में द रॉयल दीवा कॉन्टेस्ट कार्यक्रम का आयोजन कर महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए एक प्लेट फॉर्म मुहैया करवाया। दीवा शब्द में बुद्धिमता, ब्यूटी, प्रतिभा, नम्रता, विवेक, सहनशीलता, प्रेरणादायिनी आदि गुण सम्मिलित होते हैं। ये दीवा मां, बेटी व पत्नी भी हो सकती है। दीवा के बिना जीवन नहीं चल सकता और दीवा के बिना मनुष्य का कोई अस्तित्व नहीं है। रॉयल दीवा का यह मंच हाड़ोती की महिलाओं व बेटियों की प्रतिभा को सामने लेकर आया है। रॉयल दीवा महिला सशक्तिकरण का एक सशक्त प्लेटफॉर्म है।
कोटा के लोगों के लिए यह यूनिक कदम
विशिष्ट अतिथि व बॉलीवुड कलाकार विशाल ओ शर्मा ने कहा कि नीता पारेख व अनीता चौहान जैसी शख्सियत ने बिना इंफ्रास्ट्रक्चर व साधनों के कोटा में यह कार्यक्रम आयोजित कर बहुत हिम्मत भरा कार्य किया है। यह कोटावासियों के लिए एक बहुत यूनिक कदम है। ऐसे कार्यक्रम निरंतर जारी रहने चाहिएं। महिला सशक्तिकरण व महिलाओं की स्वतंत्रता की दिशा में एक अतुल्य कदम है। खास तौर पर सौंदर्य, सशक्तिकरण व स्वतंत्रता उम्र की मोहताज नहीं होती है। इसलिए इस कार्यक्रम में सभी उम्र की महिलाओं ने हिस्सा लिया है। यह कार्यक्रम समाज के अलग-अलग वर्गों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का जरिया है। इससे समाज में यह संदेश जाता है कि कोटा जैसे शहर में महिलाएं सुरक्षित हैं और कोटा की धरा पर महिलाओं का अस्तित्व बहुत पुख्ता है। समाज सेविका डॉ. सुसेन राज ने कहा कि प्रतिष्ठित लोग जिसे छू लेते हैं वो भी प्रतिष्ठित हो जाते हैं।
मंच का संचालन पुखराज भाटिया व निशेध सोनी ने किया। इससे पूर्व कोटा ज्ञानद्वार एजुकेशन सोसाइटी की अध्यक्ष अनीता चौहान व वेदास वूमेन एजुकेशन डवलपमेंट एंड कल्चरल सोसाइटी की निदेशक डॉ. नीता पारेख ने अतिथियों का स्वागत सत्कार किया।
इन्हें नवाजा लेजेण्डरी दीवा खिताब से
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडीएम सिटी पंकज ओझा, विशिष्ट अतिथि डीसीएम श्रीराम रेयंस के यूनिट हेड वीके जेटली व बॉलीवुड कलाकार विशाल ओ शर्मा ने उर्मिल बख्शी, डॉ. इंदु रामबाबू व मंजू कासलीवाल को लेजेण्डरी दीवा के खिताब से नवाजा।
आइकॉनिक दीवा का इन्हें मिला खिताब
कार्यक्रम में अतिथियों ने समाज में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रदेश की प्रथम लोको पायलट रीना राजपूत, सोशल एक्टीविस्ट एकता धारीवाल, वरिष्ठजन जीरियाट्रिक्स के लिए डॉ. मीनाक्षी शारदा, कोचिंग स्टूडेंट की काउंसलिंग के लिए डॉ. सुरभि गोयल, कोटा की प्रथम महिला जेलर सुमन मालीवाल, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में अहम योगदान देने के लिए डॉ. सुसेन राज, कामना अरोड़ा व सुरक्षा राजौरा को आइकॉनिक दीवा के खिताब से नवाजा गया। ग्रांड फिनाले कार्यक्रम में जूरी सदस्य एआईबीएचए की प्रेसीडेंट डॉ. संगीता चौहान, एआईबीएचए के महासचिव अशोक पालीवाल, मेकअप आर्टिस्ट यदु शर्मा, मि. एशिया इंटरनेशनल अनुपमा सोनी, मि.इंडिया-2017 परिधि भटनागर ने ग्रांड फिनाले विनर्स के नामों पर मुहर लगाई। कार्यक्रम में जोड़ी जोरदार के विजेता सहित ग्रांड फिनाले के हर श्रेणी के विनर्स को क्राउन व गिफ्ट वाउचर देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि एलेन कॅरियर इंस्टीट्यूट के एचओडी पीवी सक्सेना व करणी विकास समिति की प्रसन्न भंडारी सहित कई लोग मौजूद थे।