राजस्थान: अब फिर से अनपढ़ लड़ सकेंगे चुनाव, जनता सीधे चुनेगी मेयर, सभापति और चेयरमैन

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न्यूज चक्र @ जयपुर
गहलोत सरकार ने शनिवार को हुई अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए। इनमें पिछली वसुंधरा सरकार की योजनाओं का रिव्यू करने के अलावा उस दौरान बंद की गई पूर्ववर्ती कांग्रेस की योजनाओं को फिर से शुरू करने का फैसला भी लिया गया। साथ ही पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय चुनाव में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता वापस खत्म कर दी गई, मतलब अब अनपढ़ व्यक्ति भी वापस ये चुनाव लड़ सकेंगे।
इसी के साथ अपने पहली कैबिनेट बैठक में ही कांग्रेस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय को फिर से शुरू करने की घोषणा कर दी। वसुंधरा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इन दोनों विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया था। इसके अलावा स्थानीय निकायों में मेयर, सभापति और चेयरमैन के चुनाव भी अब वापस सीधे होंगे, अर्थात जनता सीधे इन्हें वोट डालकर चुनेगी। वसुंधरा सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार के फैसले को पलटते हुए पार्षदों और चुने हुए जनप्रतिनिधियों के द्वारा सभापति और चेयरमैन का चुनाव किया जाना तय किया था।
पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय चुनाव में न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता खत्म कर दी गई है। पिछली वसुंधरा सरकार के समय पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय चुनाव के लिए शैक्षणिक योग्यता के मापदंड निर्धारित किए गए थे। इसमें आठवीं से लेकर दसवीं पास लोग ही चुनाव लड़ सकते थे। सरपंच, प्रधान और दूसरे स्थानीय निकायों के पदों के लिए आठवीं और दसवीं पास होना जरूरी था।
निर्णयों में झलकी लोकसभा चुनाव की तैयारी
कांग्रेस की पहली कैबिनेट में 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी की झलक मिली है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में वृद्धावस्था पेंशन 500 रुपए से बढ़ाकर 750 रुपए और 750 रुपए की कैटेगरी को बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है। राज्य में ठेके पर काम करने वाले संविदा कर्मियों, एनआरएचएम, पैरा शिक्षक, उर्दू पैरा शिक्षक ,लोक जुंबिश कर्मियों, आंगनबाड़ी, विद्यार्थी मित्रों, पंचायत सहायकों का आंदोलन राजस्थान में काफी दिन से चल रहा था। उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है।
फसली ऋण माफी पर बनेगी कमेटी
इसी तरह से मंत्रिमंडल में अल्पकालीन फसली ऋण माफी की जो घोषणा की गई है, उसके लिए मुख्यमंत्री के अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। यह कमेटी सहकारिता क्षेत्र के बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और भूमि विकास बैंक की ऋण माफी के लिए पात्रता और मापदंड तय करेंगे।
घर पर रोज जनसुनवाई करेंगे मंत्री
राज्य में रोजाना सभी मंत्री सुबह 9 बजे से लेकर 10 बजे तक अपने घरों पर जनसुनवाई करेंगे। इससे पहले वसुंधरा सरकार के समय जनसुनवाई भाजपा कार्यालय में होती थी, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं की ही समस्याएं सुनी जाती थीं। एक अन्य फैसले में राज्य सरकार ने सभी लेटरपैड से दीनदयाल उपाध्याय का लोगो खत्म कर दिया। दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी समारोह मनाने के लिए वसुंधरा सरकार ने आदेश दिया था। इसके सभी तरह के पत्र व्यवहार और जमीनों के पट्टों में दीनदयाल उपाध्याय का लोगो होना तय किया गया था।
अब सिर्फ अशोक स्तम्भ
कांग्रेस सरकार ने पहले की तरह लेटरहेड पर अशोक स्तम्भ एक किनारे पर नहीं अपितु बीच में प्रकाशित करने तथा इसके अलावा और कोई लोगो नहीं होने का अहम निर्णय भी लिया। मंत्रिमंडल की बैठक में रिफाइनरी के काम को गति देने के लिए भी योजनाबद्ध तरीके से काम करने का फैसला हुआ। इसी तरह से मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश दिए गए।