देश दहलाने की बड़ी साज़िश: 10 संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार बरामद

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न्यूज चक्र @ नई दिल्ली/सेन्ट्रल डेस्क
इस्लामिक स्टेट (IS) के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-इस्लाम के ढ़ांचे पर तगड़ा प्रहार करते हुए बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने छापेमारी कर हिरासत में लिए 16 संदिग्धों में से 10 को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने यूपी और दिल्ली में 17 स्थानों
पर छापे मार कर यह सफलता हासिल की है। आरोपी आतंकी आत्मघाती हमला कर देश की कई मुख्य हस्तियों, प्रतिष्ठानों और दिल्ली के बड़े बाजारों को निशाना बनाने की तैयारी में थे। विशेषकर 26 जनवरी को इन वारदातों को अंजाम दिया जाना था। एक मौलवी की सरपरस्ती में रची जा रही इस साजिश में इंजीनियर तक शामिल है।
एनआईए के आईजी आलोक मित्तल ने शाम को पत्रकारों को यह जानकारी दी। इसके मुताबिक यह छापेमार कार्रवाई तड़के 4 बजे से शुरू हुई। इस गैंग का मकसद आने वाले दिनों में कई बड़े जगहों पर धमाके करके दहशत फैलाना। इसका मास्टर माइंड दिल्ली का रहने वाला उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मौलवी मुफ्ती सोहेल था। एनआईए के आईजी मित्तल ने कहा, ‘अमरोहा का रहने वाला मौलवी मुफ्ती सोहेल रिंग मास्टर था। वो आसपास के लोगों को इस गैंग में शामिल करता था। साथ ही वह विदेश में बैठे किसी शख्स के सम्पर्क में भी था।’ इनसे बड़ी मात्रा में विस्फोटक, 12 पिस्टल और देशी रॉकेट लॉन्चर, 135 सिम कार्ड, 100 मोबाइल फोन और 112 अलार्म क्लॉक बरामद की गई हैं। इसके अलावा इनके पास से बम बनाने की 25 किलो विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। इन आरोपियों का पाइप बम बनाने का भी इरादा था। गिरफ्तार आरोपियों में से 5 दिल्ली व 5 यूपी के रहने वाले हैं।
प्रमुख बातें
करीब पांच महीने पहले अस्तित्व में आया आईएसआईएस से प्रेरित आतंकी संगठन हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम। 10 गिरफ्तार आरोपियों के अलावा 16 अन्य पूछताछ के लिए हिरासत में। यह संगठन उत्तर भारत में भीड़-भाड़ वाले इलाकों में फिदायीन हमलों की रच रहा था साजिश। दिल्ली का आरएसएस मुख्यालय, दिल्ली पुलिस मुख्यालय, कई नेता और प्रमुख हस्तियां थीं निशाने पर। बरामद सामग्री में एक देसी रॉकेट लॉन्चर, 12 पिस्तोल, 25 किलाेग्राम विस्फोटक, बड़ी संख्या में पाइप (पाइप बम बनाने थे), आईएस का झंडा, साढ़े सात लाख रुपए आदि शामिल। 20 से 30 साल तक की उम्र के हैं आरोपी। छापे की कार्रवाई दिल्ली के जाफराबाद और उस्मानपुर तथा उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अमरोहा, हापुड़ और सिंभावली में हुई। सभी आरोपी मध्यमवर्गीय परिवार के। एनआईए के आईजी आलोक मित्तल के मुताबिक- मॉड्यूल का सरगना मुफ्ती सोहैल दिल्ली में रहता था। मूल रूप से वह अमरोहा का रहने वाला था और मस्जिद से गतिविधियां चलाता था।
घर का सोना बेचकर उपकरण-विस्फाेटक खरीदे
एनआईए के आईजी मित्तल ने बताया कि आतंकी संगठन से जुड़े संदिग्ध सेल्फ फंडिंग करते थे। कुछ लोगों ने घर का सोना चोरी करके बेचा। इसी से बम बनाने के उपकरण और विस्फोटक खरीदे गए। इनकी जल्द ही धमाके करने की साजिश थी। दरअसल, कश्मीर के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी जाकिर मूसा की उत्तर प्रदेश के अमरोहा में मौजूदगी के इंटेलिजेंस इनपुट थे। इस वजह से सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर थीं। इसी के साथ अमरोहा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों द्वारा एक आतंकी को पिस्तोल बेचे जाने के मामले की भी तीन महीने से जांच की जा रही थी। इस मामले में पुख्ता इनपुट मिलने के बाद मारे गए छापों में यह सफलता मिली।