नहीं बनी बात, नए मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए दिल्ली की उड़ान

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न्यूज चक्र @ जयपुर
राज्य के नए मुख्यमंत्री का फैसला अब कल (गुरुवार) को होगा। सायं 7. 20 बजे इस घोषणा के साथ ही दिनभर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के बाहर जमा राज्यभर से आए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता हताश हो लौटने लगे। इसके ठीक बाद कांग्रेस नेता राज्यपाल कल्याण सिंह के पास सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश करने के लिए रवाना हो गए। यह खबर भी मिली कि अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच मुख्यमंत्री के नाम पर एकराय नहीं हो पाने के कारण केन्द्रीय ऑब्जर्वर वेणुगोपाल व प्रभारी अविनाश पांडेय सहित 6 नेता रात 9.40 बजे फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो गए। इनके साथ गहलोत व पायलट नहीं रहेंगे। वहां राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इस मसले को सुलझाएंगे। इसी के साथ इस मसले पर रायशुमारी के लिए जयपुर बुलाए गए सभी कांग्रेस विधायकों को दो दिन तक यहीं रहने के निर्देश भी दिए गए हैं। दिल्ली जाने वालों में काजी निजामुद्दीन, विवेक बंसल, तरुण व देवेन्द्र यादव भी शामिल रहेंगे।
गौरतलब है कि भारी मशक्कत के बाद राज्य में सरकार बनाने जा रही कांग्रेस को आज (बुधवार) मुख्यमंत्री का नाम घोषित करना था। इसके लिए पीसीसी पर राज्य के सभी विधायकों को उनकी पसंद जानने के लिए बुलाया गया। पहले दौर में इनकी करीब पन्द्रह मिनट बैठक हुई। इसमें कुछ विधायकों ने गहलोत तो कुछ ने पायलट को मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पसंद बताया। इनमें कुछ ऐसे भी रहे, जिन्होंने आलाकमान के फैसले को ही अपनी पसंद होने की बात कही। अर्थात इनका कहना था कि राहुल गांधी जिसका नाम तय कर देंगे, वहीं उन्हें अपने नेता के रूप में मंजूर होगा। इसके बाद मुख्यमंत्री का नाम तय करने की जिम्मेदारी राहुल गांधी की इच्छा पर ही छोड़ देने का एक लाइन का प्रस्ताव लेकर भेज दिया गया। कुछ देर बाद ऑब्जर्वर वेणुगोपाल ने सभी विधायकों से अलग-अलग उनकी राय जानी। कुल मिलाकर 7-8 घंटे की माथापच्ची के बावजूद मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं हो पाया। इससे प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय के बाहर जमा हजारों कार्यकर्ताओं का सब्र जवाब देने लगा। इसी बीच सीएम के दावेदार अशोक गहलोत व सचिन पायलट के समर्थकों के बीच झड़प तक हो गई। दोनों के समर्थक अपने पसंदीदा नेता के पक्ष में रह-रहकर नारेबाजी करते रहे। शाम ढलती जाने के साथ ठंड भी बढ़ती जा रही थी। मौके पर हालात को सम्भालने के लिए भारी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात था। इनमें दो-तीन डीसीपी सहित कई थानाधिकारी शामिल रहे। सरकार बनाने का प्रस्ताव पेश करने के लिए कांग्रेस को पहले राज्यपाल से सायं 7 बजे का समय मिला था। मगर सीएम का नाम तय नहीं हो पाने से इस समय को बढ़ा दिया गया।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में पांच साल के अंतराल के बाद भाजपा को हरा कर सत्ता हासिल की है। यहां मुख्य रूप से अशोक गहलोत व सचिन पायलट मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। एक अन्य दावेदार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामनारायण डूडी चुनाव हार चुकने के कारण इस रेस से बाहर हो चुके हैं। पहले एक वोट से हार जाने के कारण मुख्यमंत्री बनने से चूके पूर्व केन्द्रीय मंत्री सीपी जोशी इस अच्छे अंतर से चुनाव जीत चुके हैं। इस कारण यूं तो वे भी इस पद के काबिल हैं, मगर उनका इसके लिए दावा सामने नहीं आया है।
सरकार बनाने का दावा किया पेश
रात करीब आठ बजे कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडेय, ऑब्जर्वर वेणुगोपाल, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, रामनारायण डूडी आदि ने राजभवन पहुंच राज्यपाल कल्याण सिंह को सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। साथ ही कहा कि अन्य विवरण (मुख्यमंत्री का नाम आदि) कल दिया जाएगा। इसके बाद शपथ ग्रहण करने का कार्यक्रम तय होगा।
परेशान हो गया, छोड़ दूंगा कांग्रेस
पीसीसी में अंदर चल रहे विचार-विमर्श के बीच बाहर खड़े हजारों कार्यकर्ताओं में एक भूरसिंह नामक युवक भी शामिल था। एक चैनल के रिपोर्टर ने उससे इस दौरान बात की तो उसका गुस्सा फूट पड़ा। उसने बताया कि मैं भाजपा में था। कुछ समय पहले ही कांग्रेस में शामिल हुआ था। मगर समझ नहीं आ रहा कि ये अपने मुख्यमंत्री का नाम ही तय नहीं कर पा रहे तो पांच साल तक शासन कैसे चलाएंगे। एक सवाल के जवाब में उसने ऐसी ही अनिश्चितता आगे भी जारी रहने पर पार्टी छोड़ने तक की बता कह दी। उससे साथी हालांकि उसे चुप करने की कोशिश करते रहे। वहीं कांग्रेस की इस हालत पर भाजपा नेता चुटकी लेने से नहीं चूक रहे हैं।