यूपी: गौमांस मिलने की सूचना पर बुलंदशहर में भारी हिंसा, इंस्पेक्टर सहित दो की मौत, चौकी और वाहन फूंके

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बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह।

न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गौ मांस मिलने के बाद भड़की भारी हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह व एक युवक सुमित की मौत हो गई। सुमित यहां किसी निजी काम से आया था। वहीं पांच अन्य पुलिसकर्मियों के अलावा एक और युवक भी घायल है। ये मामला स्याना थाना क्षेत्र का है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने बताया कि अब हालात काबू में हैं। गुनाहगारों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर तीन दिन से मुस्लिम समाज का विशाल स्तर पर इज्तमा कार्यक्रम आयोजित हो रहा था। इसमें शामिल हुए तकरीबन 15 लाख लोगों में से आधे लोग लौट चुके थे, बाकी का भी लौटना जारी था।
बुलंदशहर की हिंसा पर यूपी सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें एडीजी आनंद कुमार ने कहा है कि खेत में गौ वंश का मांस मिला था। इसके बाद गांववाले उत्तेजित हो गए। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने आक्रोशित लोगों की समझाइश कर मामले में एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही शुरू कर दी थी। मगर इसी बीच लोग‌ गौ वंश मांस के अवशेषों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में ले गए और जाम लगा दिया। पुलिसकर्मियों ने यह जाम खोलने के लिए लोगों ‌को समझाना शुरू किया, मगर इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने पथराव करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का शव एक खेत में खड़ी मिली उनकी सरकारी जीप में लटकी हुई अवस्था में मिला। एडीजी के अनुसार डॉक्टर ने प्रारम्भिक रूप से उनकी मौत सिर में पत्थर लगने से होने की बात कही है। वहीं दूसरा पक्ष‌ यह सामने आ रहा है कि भीड़ में से ही किसी ने गोली चलाई, उससे ही इंस्पेक्टर की मौत हुई। गांववालों की गोलीबारी के जवाब में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। इस बवाल के दौरान चपेट में आए एक युवक सुमित को मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। यह घटनाक्रम दोपहर 12 से 1.30 बजे के बीच हुआ। इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। इसकी जांच रिपोर्ट 48 घंटे में आएगी।
ऐसे चला घटनाक्रम
स्याना के चिंगरावटी इलाके में आज सुबह ग्रामीणों को गोकशी की सूचना मिली थी। हिन्दू संगठन के लोगों को जैसे ही गौहत्या की सूचना या अफवाह मिली, वे सड़कों पर उतर आए। मौके पर गए ग्रामीणों ने पुलिस को बुलाया. लेकिन आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को गम्भीरता से नहीं लिया। इसके बाद ग्रामीणों की सूचना पर वहां हिन्दूवादी संगठनों के नेता भी पहुंच गए और सब ने मिलकर बुलंदशहर हाईवे जाम कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी और एक दर्जन से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पथराव, फायरिंग और आगजनी में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। इस मामले में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पुत्र राम प्रताप सिंह एटा जिले के जैथरा थाना क्षेत्र के ग्राम परगंवा के निवासी थे। इनके दोनों पुत्र नोएडा में पढ़ते हैं। इनकी पत्नी साथ रहती थीं।
प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखे जाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने जो जाम लगाया था वो करीब 2 घंटे तक चला। इस दौरान पुलिस और उनके बीच तीखी झड़प भी हुई। इसके बाद मामला बढ़ा तो उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के ऊपर पथराव शुरू कर दिया। पुलिसवालों ने चौकी में घुसकर अपनी जान बचानी चाही तो प्रदर्शनकारी वहां भी पहुंच गए और चौकी के अंदर ईट-पत्थर बरसाने लगे।
बवाल की सूचना पर स्याना से मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार और उनकी टीम ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हवाई फायरिंग भी की। इसी दौरान एक गोली स्थानीय युवक सुमित की छाती में लग गई, जिसके बाद भीड़ और ज्यादा हिंसक हो गई। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से भी गोली चलाई गई जिसमें से एक गोली स्याना के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार को लगी। उन्हें औरंगाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पथराव और गोलीबारी में कई प्रदर्शनकारियों के अलावा चिंगरावटी पुलिस चौकी के इंचार्ज सुरेश घायल हुए हैं। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस चौकी में घुसकर वहां खड़े सभी वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद एक सब-इंस्पेक्टर की निजी कार को भी आग के हवाले कर दिया गया। कई राहगीरों को भी प्रदर्शनकारियों ने अपना निशाना बनाया और उनके वाहन आग के हवाले कर दिए। एक न्यूज़ चैनल के पत्रकार की मोटरसाइकिल भी प्रदर्शनकारियों ने फूंक दी। पूरी घटना की जानकारी जिला मुख्यालय पर बैठे अफसरों को हुई तो वो मौका-ए-वारदात की ओर भागे. हालात बिगड़ने पर मेरठ से आईजी रामकुमार और एडीजी प्रशांत कुमार भी बुलंदशहर पहुंचे। फिलहाल आईजी रामकुमार और बुलंदशहर के एसएसपी कृष्ण बहादुर सिंह समेत पुलिस और प्रशासन के कई अफसर घटनास्थल पर मौजूद हैं और वहां हंगामा कर रहे ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की जा रही है।
मेरठ के आईजी रामकुमार ने आधिकारिक सूचना में बताया कि स्याना के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार की मौत हो गई है और कई पुलिसकर्मी घायल हैं। एक प्रदर्शनकारी की भी मौत हुई है।
हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द बरकरार
यहां खास बात यह है कि तीन दिन से चल रहे इज्तमा कार्यक्रम के दौरान पूरी तरह शांति रही। इसमें शामिल होने वाले लोगों का कहना था इज्तमा में धर्म मजहब के मार्ग पर चलना सिखाया जाता है। इंसानियत का संदेश दिया जाता है। वहीं इस दौरान कल पास के जौनपुर गांव में मुस्लिम लोगों को नमाज अदा करने के लिए उचित स्थान नहीं मिल रहा था। इस पर गांव के हिन्दुओं ने उन्हें वहां के शिव मंदिर में इसके लिए जगह दी। जहां उन्होंने तसल्ली से पूरे तौर-तरीकों से नमाज अदा की। इसे मुस्लिम समाज के लोगों ने बहुत सराहा।