न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुई हिंसा के मामले में दूसरे दिन मंगलवार को यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने अब क्षेत्र में हालात काबू में होने की बात कही। साथ ही अभी तक इस मामले में 27 नामजद सहित कुल 60 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के अलावा 4 लोगों को गिरफ्तार कर लेने की बात भी कही। इनके अलावा 4 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है।
एडीजी आनंद कुमार ने आगे कहा कि गौकशी और हिंसा के मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। हमारी 6 टीमें अभी छापेमारी कर रही हैं। वीडियो फुटेज व चश्मदीदों के बयान पर ही कार्रवाई की जा रही है। इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। किसी भी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, उनमें चमन, देेवेन्द्र, आशीष चौहान व सतीश शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस वारदात में अभी तक किसी संगठन का नाम सामने नहीं आया है। मगर बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज का भी नाम आरोपी के रूप में सामने आया है, उनकी गिरफ्तारी की कोशिशें की जा रही हैं। अभी वह फरार हैं।
हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिजनों को 50 लाख रुपए की सहायता राशि के अलावा अन्य परिलाभ भी देने की घोषणा की है। इस कांड में मारे गए युवक सुमित के बारे में एडीजी ने कहा कि उनका पोस्टमार्टम हो गया है, उसके शरीर से गोली निकली है। वह गोली किस कैलिबेर की है, इसकी जांच चल रही है। सुमित भी प्रदर्शन में शामिल था, लेकिन उसका क्या रोल था इसी जांच की जा रही है।
दरअसल, बुलंदशहर हिंसा में तनाव के मद्देनजर जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंपी है, जिन्हें 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश हैं। इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले पर दुख व्यक्त किया है।
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