राजस्थान धमाका: दिग्गज ममता शर्मा कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल, इज्यराज सिंह पर भी अटकलें

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न्यूज चक्र @ जयपुर/ कोटा
महिला आयोग की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व बून्दी सीट से दो बार विधायक रहीं ममता शर्मा ने रविवार को सीएम वसुंधरा राजे व प्रकाश जावड़ेकर जैसे दिग्गज भाजपाईयों की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सुबह से चल रही अटकलबाजियों पर विराम लगा दिया। वहीं अनऑफिशियल रूप से पूर्व कोटा-बून्दी सांसद एवं राजपरिवार के सदस्य इज्यराज सिंह व उनकी पत्नी कल्पना देवी भी भाजपा में आ चुके हैं। ममता शर्मा कोटा की पीपल्दा सीट से चुनाव लड़ेंगी। कल्पना देवी को लाड़पुरा सीट से टिकट मिलने की सम्भावना है। इन दोनों दिग्गजों के ये निर्णय कांग्रेस के लिए अपूर्णीय क्षति साबित होंगे। राज्य में पहले एक पक्षीय माने जा रहे इस चुनाव की तस्वीर अब बहुत कुछ बदल चुकी है।

कोटा। इज्यराज सिंह अपनी पत्नी कल्पना देवी के साथ।

गौरतलब है कि कोटा की बेटी और बून्दी की बहू ममता शर्मा के ससुर बृज सुंदर शर्मा कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे हैं। वे राज्य सरकार में कई अहम पदों पर मंत्री तक रहे। हालांकि उन पर यह इल्जाम लगता है कि इसके बावजूद उन्होंने बून्दी का विकास नहीं करके खुद का ही विकास किया। ममता के पति हाईकोर्ट के जाने माने वकील कमलाकर शर्मा हैं। जयपुर में जा बसे इनके परिवार में पुत्र समृद्ध शर्मा अभी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हैं। ममता ने भाजपा ज्वॉइन करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि वे समृद्ध के लिए ही बून्दी से टिकट मांग रहीं थीं। मगर जिस पर भ्रष्टाचार का कभी कोई आरोप नहीं लगा, उसकी जगह कांग्रेस में टिकटों की बंदरबाट हुई है। इसी से वो नाराज हैं। इसी के साथ ममता शर्मा ने पीपल्दा सीट से भाजपा के टिकट से सोमवार को नामांकन दाखिल करने की घोषणा भी कर दी। उल्लेखनीय है कि ममता के पिता जनसंघ के बड़े चेहरे थे। लालकृष्ण अडवाणी तक उनके घर ठहरते थे।

जयपुर। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद ममता शर्मा सीएम वसुंधरा राजे व केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ।

दूसरी ओर कोटा राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व कोटा-बून्दी सांसद इज्यराज सिंह ने व उनकी पत्नी के भी शनिवार सुबह से भाजपा में शामिल होने की खबरें आनी शुरू हुईं। इज्यराज सिंह ने लाड़पुरा से टिकट मांगा था, मगर कांग्रेस से दो बार चुनाव हार चुके नईमुद्दीन गुड्डू की पत्नी गुलनाज को प्रत्याशी बना दिया गया। इज्यराज इससे खफा हैं। उनके भाजपा में आने की खबर के साथ ही पत्रकारों के अलावा बड़ी संख्या में समर्थकों का हुजूम उनके निवास स्थान राजमहल पर एकत्र हो गया। समर्थक इजयराज के भाजपा में शामिल होने के निर्णय को सही करार देते नजर आए। सभी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उनकी उपेक्षा कर रही थी। इसके बाद रात करीब दस बजे इज्यराज बाहर निकले। आदत के विपरीत धीर-गम्भीर रहने वाले इज्यराज ने होठों पर गहरी मुस्कान लिए सबका अभिवादन किया, मगर किसी बात का जवाब नहीं दिया। आज दिनभर भी माना तो यही जा रहा है कि इज्यराज भाजपा में आ चुके हैं। उनकी पत्नी की उम्मीदवारी की केवल घोषणा होनी बाकी है। गौरतलब है कि सांसद रहते गत लोकसभा चुनाव वह कांग्रेस के नेताओं का साथ नहीं मिलने से ही हारे थे। इसके बाद से ही कई बार उनके भाजपा का दामन थाम लेने की खबरें आती रहीं थीं। इज्यराज सिंह के इस निर्णय से कोटा ही नहीं अपितु पूरे हाड़ोती के राजनीतिक समीकरण पर जबरदस्त असर पड़ने वाला है। कांग्रेस का इस नुकसान से इस चुनावी मौसम में उबरना तो असम्भव है।
हाड़ोतीभर के भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश
पूर्व राजपरिवार के इज्यराज की आम नेताओं से अलग शालीन छवि के कारण अलग ही पहचान है। उनके भाजपा में शामिल होने की खबर फैलते ही पूरे हाड़ोती के भाजपा कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार हो गया। अभी तक कांग्रेस और राहुल गांधी के जयकारे लगाने वाले इज्यराज सिंह के समर्थक अब इनकी मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे।
भवानी सिंह के राजनैतिक केरियर पर सवाल
लाड़पुरा सीट से अभी भाजपा के बेहद विवादित नेता भवानी सिंह हाड़ा विधायक हैं। इनसे जुड़े विभिन्न छोटे-बड़े विवादों से पार्टी की छवि को नुकसान हो रहा था। इसी के चलते इस बार उनका टिकट काटने की चर्चा जोरों पर थी। अब पार्टी इज्यराज या इनकी पत्नी को भवानी सिंह की जगह लाड़पुर से उतार कर जातिगत समीकरण भी बनाए रख सकती है, क्योंकि भवानी सिंह भी राजपूत समाज से हैं। वहीं भवानी सिंह के समर्थकों ने रविवार को पार्टी के इस सम्भावित फैसले का विरोध जताते हुए मार्ग अवरुद्ध किया।