कर्नाटक में बीजेपी को तगड़ा झटका, कांग्रेस को 4-1 से मिली शानदार जीत

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
कर्नाटक में कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन ने 3 लोकसभा और 2 विधान सभा सीटों के हुए उपचुनावों के परिणामों में बीजेपी को तगड़ी शिकस्त दी। मंगलवार को आए इसके परिणामों में बीजेपी केवल 1 लोकसभा सीट ही जीत सकी, बाकी 2 लोकसभा व 2 विधान सभा सीटों पर उसे गठबंधन से जबरदस्त मात मिली। बीजेपी जिस लोकसभा सीट शिमोगा को जीत कर अपनी लाज बचा सकी, वहां भी उसके वोटों का अंतर उल्लेखनीय नहीं रहा। पार्टी का गढ़ मानी जाने वाली बेल्लारी लोकसभा सीट और जामखंडी विधानसभा सीट पर मिली हार बीजेपी के लिए विशेष सदमा है।
बेल्लारी में कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन के वीएस उग्रप्पा ने दो लाख से ज्यादा मत हासिल किए, वहीं जामखंडी में आनंद न्यामा गौड़ा ने भी 39 हजार वोट की मार्जिन से जीत दर्ज की। उत्तरी कर्नाटक की ये दोनों सीटें लिंगायत समुदाय की बहुलता के चलते बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही हैं। राज्य की बीजेपी इकाई के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा के पुत्र बीवाई राघवेंद्र जेडीएस के मधु बंगरप्पा को शिमोगा लोकसभा सीट से कम वोटों के अंतर से ही हराने में कामयाब हो सके। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में येदियुरप्पा ने खुद इस सीट पर 3.5 लाख वोट हासिल कर बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। इस प्रकार मतदाताओं की पसंद में हुआ यह उलट फेर राज्य में बीजेपी के लिए खतरे की घंटी है।
येदियुरप्पा ने नहीं दिया कोई बयान
उपचुनाव के परिणाम के तुरंत बाद बीजेपी नेता और विधायक सुरेश कुमार ने आत्मविश्लेषण करने की बात कही, वहीं कुछ नेताओं का कहना है कि पार्टी के पूरे सेटअप में बदलाव करने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष येदियुरप्पा ने इन परिणामों पर फिलहाल तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। बीजेपी प्रवक्ता बी अशोक ने कहा कि पार्टी ने इन चुनावों में पीएम नरेन्द्र मोदी के नाम पर वोट नहीं मांगे थे, इसका नुकसान हुआ।
कांग्रेस ने कहा- कर्नाटक में बीजेपी खत्म
दूसरी ओर इन परिणामों से खासे उत्साहित जेडीएस और कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि उपचुनाव में मिली जीत यह साबित करती है कि कर्नाटक में बीजेपी का खात्मा हो गया है। जेडीएस प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा कि लोगों ने राज्य में गठबंधन की सरकार में विश्वास जताया है, वे इसके लिए शुक्रगजार हैं। उन्होंने कहा, ‘ बीजेपी को इसका अहसास होना चाहिए कि जनता उसके जुमलों से नाराज है, विकास की बात सिर्फ धोखा है। बीजेपी ने हमारी सरकार गिराने की भरपूर कोशिश की। वे अभी भी कोशिश कर रहे हैं। उम्मीद है कि वह समझेंगे कि जनता ने उन्हें खारिज कर दिया है और वह विपक्ष में बैठें।’
पांचों सीटों पर कांग्रेस के कैम्पेन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने इस जीत को दीपावली का उपहार बताया। उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक में कांग्रेस फिर से आएगी। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में जेडीएस के साथ हम कम से कम 20-22 सीट जीतेंगे। मतदाताओं ने बीजेपी को खारिज कर दिया है।’ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने कहा कि यह निर्णायक जीत है। यह हमारे लिए छोटी जीत नहीं है, यह निर्णायक जीत है। बीजेपी को पुराने मैसूर क्षेत्र में खास नुकसान हुआ है। हमने बेल्लारी और जामखंडी बड़े मार्जिन से जीता है। हम कम मार्जिन से शिमोगा हार गए, यह बीजेपी के लिए चेतावनी है।
मंड्या और रामनगर में जेडीएस की जीत पूर्व निश्चित थी, क्योंकि यह गौड़ा का मजबूत गढ़ है। पुराने मैसूर के क्षेत्र में बीजेपी कमजोर है। वहीं कांग्रेस और जेडीएस के साथ आ जाने से कांग्रेस के खेमे में बागी सुर उठने लगे थे। सिद्धारमैया ने जब इस पर काबू पा लिया तो कुछ कार्यकर्ताओं ने जेडीएस का समर्थन किया, लेकिन कुछ कार्यकर्ताओं के द्वारा मंड्या में बीजेपी के पक्ष में वोटिंग करने की बात कही जा रही है।
पुराने मैसूर में वोट स्थिर नहीं
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, इन परिणामों से कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं है। यह सही है कि यहां के मतदाताओं ने अभी तो उसे समर्थन दिया है, मगर इन मतदाता के वापस जेडी (एस) के बदले बीजेपी के पक्ष में जाने के अधिक आसार हैं।
इस क्षेत्र में कांग्रेस और जेडी (एस) के पास लगभग 75% वोट हैं। बीजेपी को यहां ताकत हासिल करने में कुछ और समय लग सकता है। हालांकि माना जा रहा है कि राजनीतिक विरोधाभास कर्नाटक में जेडी (एस)-कांग्रेस गठबंधन के पतन का कारण बन सकते हैं। हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि परिणामों ने गठबंधन को मजबूत किया है और जेडी (एस) के साथ आगामी चुनावों में भी बीजेपी को वह हराएंगे। परिणामों को ऐसे भी समझें
ये उपचुनाव 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के लिए बड़ा झटका हैं, जो बेल्लारी लोकसभा सीट हार चुकी है। बेल्लारी सीट को विवादित खनन माफिया-रेड्डी बंधुओं का मजबूत गढ़ माना जाता है। बेल्लारी लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी वी एस उगरप्पा 2,43,161 मतों के अंतर से विजयी हुए। उन्होंने बीजेपी की जे शांता को हराया जो रेड्डी बंधुओं के मुख्य सहयोगी तथा इसी सीट से पूर्व सांसद बी श्रीरामुलु की बहन हैं।
रामनगर विधानससभा सीट पर मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी की पत्नी अनिता कुमारस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी के एल चंद्रशेखर पर 1,09,137 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। चंद्रशेखर ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन आधिकारिक तौर पर वह पार्टी के उम्मीदवार बने रहे। चंद्रशेखर चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे, लेकिन कुछ ही हफ्ते बाद वापस कांग्रेस का दामन थामकर उन्होंने भगवा पार्टी को बड़ा झटका दिया था। उत्तरी कर्नाटक में पड़ने वाली, जामखंडी विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार आनंद न्यामगौड़ा ने 39,480 मतों के अंतर से बीजेपी के श्रीकांत कुलकर्णी को हराया। सड़क हादसे में पिता और विधायक सिद्धू न्यामगौड़ा की मौत के बाद उन्हें सहानुभूति का लाभ मिला। वहीं मांड्या लोकसभा सीट पर जद(एस) के शिवरामे गौड़ा ने बीजेपी के नए चेहरे पूर्व अधिकारी डॉक्टर सिद्धरमैया को 5 लाख 53 हजार 374 मतों से हराया। पुराने मैसुरु क्षेत्र के वोक्कालिगा पट्टी में पड़ने वाला मांड्या जद(एस) का परंपरागत गढ़ माना जाता है।
फाइनल रिजल्ट
-शिमोगा: बीवाय राघवेंद्र (बीजेपी)- 52 हजार 148 वोटों से जीते
-जामखंडी: आनंद न्यामागौड़ा (कांग्रेस)- 39 हजार 480 वोट
-मांड्या: शिवराम गौड़ा (जेडीएस)- 5 लाख 53 हजार 374 वोट
-रामनगर: अनिता कुमारस्वामी (जेडीएस)- 1 लाख 9 हजार 137 वोट
-बेल्लारी: वीएस उरगप्पा (कांग्रेस)- 2 लाख 43 हजार 161 वोट
शिमोगा लोकसभा सीट विपक्ष के नेता बी एस येदियुरप्पा का घर माना जाता है। उनके बेटे बी वाई राघवेंद्र ने जद(एस) के मधु बंगरप्पा को 52 हजार 148 मतों हरा दिया है। मधु पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एस बंगरप्पा के बेटे हैं।