बदमाशों से मुठभेड़ में गोली लगने से इंस्पेक्टर व कांस्टेबल की मौत

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बदमाशों से मुठभेड़ में मृत इंस्पेक्टर मुकेश कानूनगो।

न्यूज चक्र @ सीकर
जिले की फतेहपुर तहसील के बेसवा गांव में शनिवार देर रात बदमाशों से मुठभेड़ में पुलिस इंस्पेक्टर मुकेश कानूनगो व कांस्टेबल रामप्रकाश की मौत हो गई। दोनों पुलिसकर्मियों के सहकर्मियों व परिजनों ने उन्हें शहीद का दर्जा देने सहित एक करोड़ रुपए मुआवजा व आश्रित परिजन को तत्काल नौकरी देने की मांग की है। उच्चाधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हुए।
गौरतलब है कि फतेहपुर कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश कानूनगो को शनिवार को वांटेड बदमाश अजय चौधरी व उसकी गैंग के फतेहपुर में होने की सूचना मिली थी। इस पर थाना प्रभारी कानूनगो ने कांस्टेबल रामप्रकाश व दो अन्य सिपाहियों के साथ शनिवार देर रात बदमाशों के ठिकाने का पता लगा लिया। इसके बाद इन्होंने रात करीब सवा बारह बजे अजय चौधरी व उसके साथियों का पीछा किया। इसी बीच वे दोनों बेसवा गांव में आमने-सामने हो गए। यहां बदमाश अजय चौधरी ने फायरिंग शुरु कर दी। इसमें मुकेश कानूनगो के गले व कांस्टेबल रामप्रकाश के सीने में गोली लग गई।
बदमाशों के भागने के बाद कांस्टेबल सांवरमल व रमेश ने पुलिस कंट्रोल रूम को मामले की सूचना दी। साथ ही थाना प्रभारी मुकेश व कांस्टेबल राम प्रकाश को सीकर के जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद रेंज आईजी वीके सिंह, सीकर एसपी प्रदीप मोहन शर्मा व एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और नाकाबंदी करवाई। नतीजतन रविवार शाम वारदात में शामिल रहे एक बदमाश को धर दबोचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ओपी गल्होत्रा व एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा खुद रविवार को फतेहपुर पहुंचे।
वहीं, दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों ने फतेहपुर पहुंचकर जमकर आक्रोश व्यक्त कर दिया। उन्होंने कहा कि हत्यारे नामजद होने के बावजूद भी पकड़ नहीं पा रहे हैं। उन्होंने सीकर पुलिस पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि हत्या के बाद भी बाइक सवार बदमाश अस्पताल के आसपास बेखौफ घूमते रहे।
परिजनों ने कहा कि इससे पहले भी नामजद बदमाशों की शिकायत पुलिस को दी गई थी। क्यों एक इंस्पेक्टर को दूसरे थाना इलाके में बदमाशों को पकड़ने जाने की नौबत आई। वहीं, बड़ा सवाल यह है कि शेखावाटी में गैंगवार काे संरक्षण कौन दे रहा है। इससे अवैध हथियारों की तस्करी और गैंगवार पर शिकंजा कसने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
आईजी रेंज वीके सिंह व कलेक्टर नरेश ठकराल की मौजूदगी में दिवंगत पुलिसकर्मियों के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। इसके बाद सीकर में गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
इसके बाद परिजन पुलिस इंस्पेक्टर मुकेश कानूनगो का जयपुर में उनके मुरलीपुरा स्थित निवास तथा कांस्टेबल रामप्रकाश का उसके झुंझूनूं स्थित पैतृक गांव घोड़ीवारा लेकर पहुंचे। जहां शहीद का दर्जा देने की मांग पूरी करने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात पर अड़ गए।
देर शाम उच्चाधिकारियों के आश्वासन देने पर परिजन तैयार हुए और राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार हुआ। इसमें डीसीपी पश्चिम ने जिले की ओर से पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया।
अंतिम संस्कार के वक्त मोक्षधाम भारत माता की जय और मुकेश कानूनगो अमर रहे, के नारों से गूंज उठा। इस दौरान पुलिस सहकर्मियों की आंखों से आंसू बह निकले। इस दौरान एसपी सीकर प्रदीप मोहन शर्मा, डीसीपी पश्चिम अशोक गुप्ता व कमिश्नरेट के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, देर शाम तक वारदात में शामिल एक बदमाश को पुलिस ने धर दबोचा। इससे कड़ी पूछताछ जारी है।