‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ फेम सुहैब इलियासी पत्नी की हत्या के आरोप से बरी

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सुहैब इलियासी पत्नी अंजू के साथ (फाइल फोटो)

न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को टीवी एंकर तथा निर्माता सुहैब इलियासी को 17 साल पुराने पत्नी की हत्या के आरोप से बरी कर दिया। इससे पहले हत्या के दोषी साबित हुए सुहैब को निचली अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि 11 जनवरी, 2000 को अंजू इलियासी की संदिग्ध परिस्थितयों में मौत हो गई थी। उसके शरीर पर चाकू से वार किए जाने के जख्म थे। शुरुआत में अंजू की मौत को खुदकुशी समझा गया, लेकिन कुछ महीने बाद अंजू की मां और बहन ने एसडीएम के समक्ष बयान दिया कि सुहैब ने अंजू को खुदकुशी के लिए मजबूर किया था। इस पर सुहैब को शुरू में अपनी पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने (जिसे उसकी मौत का कारण माना गया) के आरोप में गिरफ्तार किया गया। सुहैब ने हालांकि इस आरोप का पूरी तरह खंडन किया था।
दूसरी ओर अंजू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साबित नहीं हो पाया था कि उसने खुदकुशी की थी या उसकी हत्या की गई थी। इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब अंजू की मां ने मांग की कि सुहैब पर हत्या का मामला चलाया जाए। ट्रायल कोर्ट ने तो उनकी इस मांग को खारिज कर दिया, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने 2014 में सुहैब पर हत्या का केस चलाने का निर्देश दिया।
वर्ष 2000 में टीवी पर ‘इंडियाज मोस्ट वांटेड’ शो लेकर आए इलियासी को इससे जबरदस्त ख्याति मिली थी। वे इस टीवी शो से उस समय भारत के सबसे अधिक लोकप्रिय एंकर बन‌ गए थे। भगोड़े अपराधियों पर आधारित यह टीवी शो देश में इस तरह का पहला टीवी शो था।
गिरफ्तारी के बाद रिहा होने पर सुहैब ने इसी तरह का एक और शो शुरू किया, लेकिन इस बार यह शो ज्यादा नहीं चल सका। सुहैब इलियासी एक ऐसे पत्रकार के रूप में जाने जाते रहे, जिन्होंने क्राइम पत्रकारिता को एक नए मुकाम पर पहुंचाया और खोजी पत्रकारिता का एक नया मानक स्थापित किया। एक समय था, जब इनके शो को देखकर अपराधी खौफ खाया करते थे।
सुहैब की पढ़ाई जामिया मिल्लिया विश्वविद्याल से हुई थी। यहीं से उन्होंने 1989 में पत्राकारिता की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही सुहैब अंजू के सम्पर्क में आए। अंजू भूमिहार परिवार से ताल्लुक रखती थीं। जामिया में मास कम्यूनिकेशन रिसर्च सेंटर से पढ़ाई पूरी करने के बाद सुहैब लंदन चले गए, जहां उन्होंने 1991 में टीवी एशिया में काम किया। जल्द ही वो इस चैनल के प्रोग्राम प्रोड्यूसर बन गए। इसी बीच 1993 में सुहैब और अंजू ने स्पेशल कोर्ट मैरिज एक्ट के तहत शादी कर ली। 1995 में पत्नी अंजू के साथ मिलकर सुहैब ने क्राइम शो बनाया, मगर इंडिया में सभी चैनलों ने उसे दिखाने से इनकार कर दिया। नब्बे के दशक में कोई भी टीवी चैनल इस तरह के शो को दिखाने के लिए तैयार नहीं था। मगर बाद में काफी प्रयासों के बाद जी टीवी उनके शो को प्रसारित करने के लिए तैयार हुआ ।