आईपीएस ने किया आरएसएस प्रमुख भागवत के बयान का स्वागत

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
जयपुर पुलिस मुख्यालय में डीआईजी किशन सहाय ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के 19 सितम्बर को एक कार्यक्रम में दिए उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने जाति व्यवस्था को समाप्त किए जाने की वकालत की थी। अपने फेसबुक पेज पर ‌सहाय ने इस सम्बन्ध में विचार प्रकट किए हैं।
आईपीएस किशन सहाय वर्षों से मानवतावादी विश्व समाज की स्थापना के लिए अभियान चला रहे हैं। उनका मानना है कि समाज को धर्म से नहीं बल्कि मानवतावादी दृष्टिकोण से बदला जा सकता है। इसके लिए किशन सहाय सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों आदि में अपने कार्यक्रम भी प्रस्तुत करते हैं। जाति व्यवस्था को समाप्त करने के लिए ही वे अपने नाम के साथ ‘मीणा’ सरनेम नहीं लगाते हैं। पुलिस मुख्यालय में उनके कक्ष के बाहर लगी नेम प्लेट पर भी उनका नाम सिर्फ किशन सहाय लिखा है।
गौरतलब है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत 19 सितम्बर को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए एक कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। शाह के इस अवसर पर जाति व्यवस्था पर दिए बयान पर सहाय ने अगले दिन 20 सितम्बर को अपनी प्रतिक्रिया दी। इसमें उन्होंने लिखा है कि ‘जातिगत व्यवस्था को जातिगत ‘अव्यवस्था’ कह कर समाप्त करने के लिए जो सहमति जताई गई है, वह भारतीय समाज के लिए अच्छा संकेत है। वे लिखते है कि आरएसएस को सवर्ण मानी जाने वाली जातियों का संगठन माना जाता है। अगर सवर्ण माने जाने वाली जातियां छूआछूत सहित सभी भेदभावों को खत्म करके जातिगत व्यवस्था को खत्म करने में शामिल होती हैं तो इस पहल का हर किसी को स्वागत करना चाहिए। इस अभियान को बहुत तेज गति देने की जरूरत है। भारतीय समाज कई हजार साल से ऊंच नीच वाली जातिगत व्यवस्था में बंटा हुआ है। हमारी हजारों साल की गुलामी के लिए जातिगत व्यवस्था भी काफी हद तक जिम्मेदार है। भारतीय समाज को समानता के आधार पर एकजुट करने के लिए अंधविश्वास मुक्त, वैज्ञानिक दृष्टिकोण युक्त परम्परागत धर्मविहीन, जातिविहीन, नस्लभेद मुक्त, सहासी, शिक्षित और उच्च नैतिक मूल्यों वाली मानवतावादी विश्व समाज की विचारधारा जरूरी है। अगर भारतीय समाज जल्द से मानवतावादी विश्व समाज की विचारधारा को अपना ले तो निकट भविष्य में सुपर पावर बन सकता है।
सहाय के विचारों को और अच्छी तरह समझने के लिए उनके मोबाइल नम्बर 9460928737 पर सम्पर्क किया जा सकता है।