बारां की विख्यात देव विमान शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, हैरतअंगेज करतबों ने मनमोहा

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न्यूज चक्र @ बारां
हाड़ौती के ख्यातनाम डोल मेले का आगाज गुरुवार को भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। इस शोभायात्रा को देखने के लिए शहर सहित जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग उमड़े। इसमें सबसे आगे दर्जनभर से अधिक व्यायाम शालाओं व संगठनों के अखाड़े-जुलूस थे। इनके पीछे विभिन्न समाजों के मंदिरों के देव विमान थे। सजे-धजे देव विमानों के आगे डीेजे, बैंडबाजों व लाउड स्पीकर पर गूंजती भजनों की धुन से माहौल में भक्ति का खुमार घुला हुआ महसूस हुआ। आनंदित कर देने वाली झालर-शंख की ध्वनि के बीच भगवान पर चंवर ढुलाए जा रहे थे। विमानों के आगे रंग-बिरंगी परम्परागत पोशाकों में महिला-पुरुष-युवा भजनों पर नाचते-झूमते व डांडिया करते चल रहे थे। भगगवान के दर्शन कर श्रद्धालु शोभायात्रा के विमानों पर पूरे समय जगह-जगह फल, पैसे आदि चढ़ाते रहे। सड़कों के दोनों तरफ मकानों, छज्जों, चबूतरों, फुटपाथ व थड़ों पर शोभायात्रा देखने के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी हुई थीं। चिलचिलाती धूप व गर्मी के बावजूद बच्चे हों या बड़े, किसी का भी उत्साह कम नहीं हुआ।
शोभायात्रा में शामिल अखाड़ों के पहलवानों के हैरत अंगेज करतब देखकर हर कोई तारीफ कर रहा था। दुर्गावाहिनी की ओर से भी अखाड़ा प्रदर्शन किया गया। इसमें युवतियों व किशोरियों ने हैरत अंगेज करतब दिखाए। इससे पूर्व शहर के विभिन्न क्षेत्रों से अखाड़े व देव विमान श्रीजी चौक में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। श्रीजी मंदिर में पूजा-अर्चना व आरती के बाद शोभायात्रा रवाना हुई। यह श्रीजी चैक, चैमुखा, सर्राफा बाजार, सदर बाजार, धर्मादा चैराहा, मांगरोल रोड होते हुए डोल मेला तालाब पहुंची। ‌यहां शाम को रंग-बिरंगी व दूधिया रोशनी में जलवा पूजन किया गया। तालाब की पाल में प्रवेश करने से पहले नगर परिशद की ओर से प्रत्येक विमान का श्रीफल व उपहार भेंट कर स्वागत किया गया।
शोभायात्रा में नगर परिषद के सभापति कमल राठौर, पार्षद व नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहे। जलवा पूजन के बाद सभी विमान एक-एक कर वापस अपने मंदिरों पर लाए गए। इस अवसर पर लगे मेले में सभी प्रकार की दुकानें व झूले-चकरी सहित मनोरंजन के अन्य साधन भी मौजूद हैं।
डोल मेले की गूंज विदेशों तकः उर्मिला जैन
17 दिन तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम, विख्यात कवि कुमार विश्वास भी आएंगे
न्यूज चक्र @ बारां
डोल मेला एक आयोजन नहीं अपितु हमारी सांस्कृतिक विरासत है। कौमी एकता का प्रतीक है। इस आयोजन को सफल बनाना बारां के सभी नागरिकों का दायित्व है। पाश्र्वनाथ चेरेटिबल ट्रस्ट की अध्यक्ष उर्मिला जैन भाया ने यह बात कही। वे गुरुवार को विख्यात डोल मेले के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि यह मेला देश में ही नहीं अपितु विदेशों में भी पहचान रखता है। जब एक साथ 64 मंदिरों के विमानों में विराजे देव नगर भ्रणष् को निकलते हैं तो अनूठा दृश्य होता है। दर्जनों अखाड़ों का जांबाज शक्ति प्रदर्शन अकल्पनीय है। उन्होंने मेले केे उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में आई महिलाओं को नमन भी किया।
इससे पहले सर्वप्रथम मेला कन्ट्रोल रूम पर श्री गणेश की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद उर्मिला जैन भाया ने फीता काट कर मेले का उद्घाटन किया। राष्ट्र ध्वज फहराकर उसे सलामी दी गई। उद्घाटन समारोह में मंच से परिषद के सभापति कमल राठौर ने कहा कि मेला एक कार्यक्रम नहीं, एक पर्व है। पीढ़ियों से चलते आ रहे इस मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए सदैव ही प्रयास होते रहे हैं। असमें वे अपने कार्यकाल में पूरे मनोयोग से पूर्ण करेगें। राठौर ने विश्वास दिलाया कि आगामी मेला पूरा सीसी रोड पर भरेगा। इसके आर्कषण के केन्द्र डोल मेला तालाब को लबालब भरने के लिए सार्थक प्रयास होंगे। उन्होंने डोल मेला तैयारियों के लिए सभी पार्षदों व अधिकारियों द्वारा दिए सहयोग पर धन्यवाद ज्ञापित किया।
मेला अध्यक्ष विष्णु शाक्यवाल ने कहा कि इस बार डोल मेले को भव्यता प्रदान करने के लिए सड़कें चौड़ी की गईं हैं। दुकानदार भाईयों से मित्रवत व्यवहार किया जा रहा है। साथ ही साथ जनता के भरपूर स्वस्थ मनोरंजन की आर्कषक व्यवस्था की गई है। उन्होंने मेलाध्यक्ष की हैसियत से सभी अधिकारियों व वार्ड पार्षदों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोग किए जाने पर धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके बाद समारोह के अध्यक्ष पूर्व चैयरमेन कैलाश शर्मा, विशिष्ट अतिथि पूर्व सभापति कैलाश पारस आदि ने भी अपने विचार रखे व मेले की शानदार सफलता के लिए अपने अनुभव शेयर किेए।
उद्घाटन के अवसर पर मंच पर सत्यनारायण चौधरी, राजेन्द्र भूमल्या, धर्मचन्द जैन, मन्जू शर्मा, अधिशाषी अधिकारी नरेन्द्र सिंह हाड़ा, हंसराज मीणा, मुस्तफा खान, नन्दलाल राठौर, उघोगपति विष्णु साबू, मनोज नागर, आयुक्त मनोज मीणा, राजस्व अधिकारी अभय कुमार मीणा, सहायक अभियन्ता एवं मेला प्रभारी सुधाकर व्यास, आरआई महावीर मीणा, पूर्व मेला अध्यक्ष नवीन सोन, पूर्व पार्षद नरेश गोयल, हेमराज सुमन, मनोज बाठला, शिवशंकर यादव, विजयदीप नागर, राहुल शर्मा प्रवीण सुमन सहवरित पार्षद महेश मराठा, कृष्ण गोविन्द प्रजापति आदि मौजूद थे। सभी ने माल्यापर्ण कर अतिथियों का स्वागत किया।
आएंगे कवि कुमार विश्वास
डोल मेले को अधिक आर्कषक बनाने व भव्यता प्रदान करने के लिए इसमें आयोजित होने वाले 4अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में विश्व विख्यात कवि कुमार विश्वास को भी बुलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मेले के उद्घाटन के अवसर पर मेला प्रभारी सुधाकर व्यास ने यह जानकारी दी। इस घोषणा के बाद पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
दस गुना अधिक होेंगे विकास कार्य: राठौर
सभापति कमल राठौर ने कहा कि अगला मेला पूरी तरह सीसी सड़कों पर भरवाया जाएगा। इससे मेलार्थियों को कीचड़ की समस्या से निजात मिलेगी। इसके लिए वे कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो परिषद शहर में 10 गुणा अधिक तीव्रता से विकास कार्य करवाएगी।
रंगारंग कार्यक्रम होंगे
मेला अध्यक्ष विष्णु शाक्यवाल ने कहा कि इस बार मेले को आर्कषक बनाने के लिए रंगमंच पर 11 विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित स्थानीय कवि सम्मेलन, मुशायरा, राजस्थानी कवि सम्मेलन, अखिल भारतीय मुशायरा सहित यादगार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन भी आयोजित करवाया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंच कर भरपूर मनोरंजन करें।
मेले में शुक्रवार को ये होंगे कार्यक्रम
मेला अध्यक्ष विष्णु शाक्यवाल के अनुसार 21 सितम्बर शुक्रवार को मेला रंगमंच पर राजेश एण्ड पार्टी द्वारा भजन संध्या पेश की जाएगी।