जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ में तपस्या के ठाठ, पुस्तक जी का जुलूस निकाला

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न्यूज चक्र @ बून्दी
जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संंघ ने रविवार को बालचंद पाड़ा स्थित मंदिर, नागदी बाजार मंदिर व दादावाड़ी में स्नात्र पूजा की। इसके बाद सभी ने सामूहिक शांति कलश किया। भगवान की प्रक्षाल व पूजा करने के बाद साध्वी श्री मोक्ष रत्ना ने कल्पसूत्र का वाचन किया। सोमवार को जैन श्वेताम्बर दादावाड़ी में माता त्रिशला के 14 सपनों की बोलियां लगाई जाएंगी।
साध्वी श्री मोक्ष रत्ना ने कल्पसूत्र वाचन में माता त्रिशला को जो 14 सपने आए उनकी व्याख्या बताई। उन्होंने उन 14 सपनों का महत्व भी बताया। इसके उपरांत साध्वी ने वाणी का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचर्य का पालन करने वालों में अलग ही तेज होता है, इसलिए इसका पालन करना चाहिए । इसके बाद कल्पसूत्र का वाचन किया । फिर तपस्या करने वालों की अनुमोदना हुई। इसमें अलका छाजेड़ व दिनेश भाई छेड़ा के 26 वां उपवास, निखिल भंडारी के छठा उपवास, शशि चौधरी, विमला बोहरा, दरियाव नाहटा व अंगूर बाला कोठारी के 4 उपवास की तपस्या हुई। गुलाब बाई भंडारी व कुशल सिंह चौधरी के दस उपवास की तपस्या में चौथा उपवास था। अक्षय निधि तप करने वालों का 12 वां एकासन था। मोक्ष तप वालों का चौथा एकासना था। 15 वर्षीय अतीका छाजेड़ ने 3 उपवास कर परणा किया। इसके उपरांत तपस्या करने वालों ने देव वंदन किया। एकाशना करने वाले 30 श्रावक.श्राविकाओं ने एकाशन किया। दोपहर को छोटे मंदिर से पुस्तक जी का जुलूस निकाला गया। यह चौमुखा, इंद्रा मार्केट, एक खम्बे की छतरी व कोटा रोड होते हुए नागजी बाजार मंदिर पहुंचा। इसमें सभी लोग बैंड बाजों के साथ भजन गाते हुए चल रहे थे। इसमें शामिल पुरुषों व बालकों ने सफेद व महिलाओं ने केसरिया वस्त्र धारण कर रखे थे। मार्ग में पुस्तक जी पर कई लोगों ने श्रीफल भेंट किया। श्रीफल भेंट करने वालों में भारतीय जैन संगठक के अध्यक्ष महेश पाटोदी, सचिव आदित्य भण्डारी, त्रिलोक चंद जैन आदि शामिल थे । बलवंत भड़क्तिया की ओर से जुलूस को प्रभावना बांटी गई। समाज के प्रवक्ता आदित्य भण्डारी ने बताया कि जुलूस में समाज के अध्यक्ष भीमसिंह छाजेड़, राजेन्द्र, जैनेंद्र, तेजस, मोहित छाजेड़, कुशल सिंह चौधरी, डीके जैन, राजीव, विमल, सागर, प्रकाश चंद, अभयमल, सागरचंद, रमेशचंद,सुभाष, ऋषभ, सौरभ, सोनिल भंडारी मणिकांत, गुणवंत महात्मा, रमेश, पारस चोरड़िया, संजय, मुकेश बोहरा, पुष्पेन्द्र कोचेटा, महिला मंडल की अध्यक्ष शिक्षा छाजेड़, शकुंतला राजा, पारस, आशा, बीना, मधु, सुशीला, ममता, उर्मिला भण्डारी, शकुंतला, प्रमिला, सुचिता छाजेड़, मधु महात्मा आदि शामिल थे।