सभापति मोदी के स्वार्थ के चलते नहीं हुआ कजली तीज मेला संयोजक का चुनाव: लोकेश सिंह जादौन

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न्यूज चक्र @ बून्दी
नगर परिषद में प्रतिपक्ष नेता लोकेश सिंह जादौन ने परिषद के सभापति महावीर मोदी पर निजी स्वार्थ के चलते ऐतिहासिक कजली तीज मेले के आयोजन के लिए मेला संयोजक का चुनाव नहीं करवाने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि मोदी अपनी हठधर्मिता के चलते शहर को गर्त में ले जा रहे हैं।
जादौन ने अपने एक वक्तव्य में छोटी काशी के वाशिंदों को कजली तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्तमान में नगर परिषद की स्थिति बहुत दयनीय है।कर्मचारियों में भय और अराजकता का माहौल है। सभापति के तानाशाही रवैये व हठधर्मिता के चलते नगर परिषद व शहर के हालात ग्राम पंचायत से भी बुरे हैं। जगह-जगह खुदी पड़ी सड़कें, कचरे से अटी हुई नालियां आदि समस्याओं का अंबार है। नगर परिषद के हालात इससे पहले कभी भी इतने बुरे नहीं रहे। कर्मचारियों को वेतन के भी लाले पड़े हुए हैं। जादौन का आरोप है कि इन हालातों के खिलाफ आवाज उठाने पर कर्मचारियों को सभापति मोदी अपने निजी गुंडों से धमकाते हैं। इस हिटलरशाही तरीके से वे परिषद चला रहे हैं।
जादौन ने आगे कहा है कि सभापति परिषद में लाभ पाने की इच्छा से लोकतंत्र का गला घोट रहे हैं। कजली तीज मेला छोटी काशी की ऐतिहासिक सांस्कृतिक थरोहर है। इस विश्व विख्यात आयोजन को भव्य बनाने की जिम्मेदारी नगर परिषद की होती है। इसके लिए प्रतिवर्ष मेला संयोजक का चुनाव होता है।‌ यह मेला संयोजक ही पूरे मेले की व्यवस्था देखता है। मगर वर्तमान में सभापति मेला संयोजक का चुनाव नहीं करवा स्वयं के निर्देशन में मेला भरवा रहे हैं । नेता प्रतिपक्ष ने इसी के साथ सभी शहरवासियों से अपील की है कि वे तीज माता की सवारी देखते समय अपनी बाजू पर काली पट्टी बांधकर सभापति को अपना विरोध दर्ज करवा अपने दायित्व को निभाएं।