कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) ने दी अटल जी को श्रद्धांजलि

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न्यूज चक्र @ बून्दी
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ (एकीकृत) की ओर से रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पुलिस लाइन परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वेब न्यूज चैनल न्यूज चक्र के एडिटर-इन-चीफ राजीव सक्सेना मुख्य वक्ता थे।
श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए सक्सेना ने कहा कि अटल जी ऐसे महामानव थे, जिन्होंने अपने विरोधियों तक को कभी नाराज नहीं किया। उनकी इस खूबी के चलते वे भी उनका सम्मान करते थे। अटल जी उस दौर में प्रधानमंत्री बने, जब प्रभावी व स्थाई नेतृत्व के अभाव में विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही थी। विकट परिस्थितियों में भी उन्होंने देश का मान-सम्मान लौटाने का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसी कई योजनाएं लागू कीं, जिनके कारण देश के विकास की रफ्तार कई गुणा बढ़ी, तो आमजन भी विभिन्न तरीकों से लाभांवित हुआ। उनके न रहने के बाद भी आज यह गति चालू है। सक्सेना ने अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व व देश के प्रति समर्पण भाव को परिलक्षित करने वाले कुछ दिलचस्प संस्मरण भी सुनाए।
कार्यक्रम को महासंघ (एकीकृत) के सम्भाग प्रभारी रविन्द्र कुमार चतुर्वेदी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, कोटा अरुण सक्सेना, महासंघ के बून्दी शहर अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, उपाध्यक्ष भीमराज प्रजापत, सूचना सहायक संघ जिलाध्यक्ष अरूण शर्मा, एएनएम/एलएचवी प्रकोष्ठ की सम्भाग संयोजिका रामेश्वरी सोनी, चन्द्रकला शर्मा, संविदा निविदा कर्मचारी संघ के अवधेश शर्मा, राकेश सक्सेना, पीएचईडी तकनीकी कर्मचारी संघ के मूल चंद महावर, कम्प्यूटर शिक्षक संघ के हंसराज चौधरी, शिक्षक संघ सियाराम की प्रदेश प्रतिनिधि गणेश कंवर, अजय शर्मा, राजस्थान राज्य नर्सेज एसोसिएशन (एकीकृत) के कैलाश मीणा, शाहिद हुसैन, युवराज व परवीन शर्मा, पंचायत सहायक संघ के मनोज खटीक, लेब टेक्निशियन संघ के पूर्णानंद चित्तौड़ा व प्रवीण शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं का कहना था कि प्रत्येक राजनैतिक दल यदि अटल‌ जी के देश के प्रति समर्पण भाव को आधा भी अपना लें तो अकल्पनीय परिवर्तन हो जाए। महासंघ के जिलाध्यक्ष अनीस अहमद ने सभी आगंतुकों का आभार जताया। तालेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष भैरू प्रकाश चौपदार ने बताया कि सभा के अंत में सभी ने अटल जी की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संचालन अबरार अहमद ने किया।