तपस्या का बहुमान तपस्या से हो: महाराज श्री हरशयाशा

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न्यूज चक्र @ बून्दी
जैन दादावाड़ी में जारी चातुर्मास कार्यक्रम के दौरान आयोजित किए जा रहे आयोजनों में गुरुवार का दिन विशेष रहा। महाराज श्री हरशयाशा ने अनूठा प्रयोग करते हुए तपस्वियों का बहुमान करने के लिए तपस्या करने की बात कही। श्रावकों ने उनके इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए इसमें बढ़-चढ़ कर भाग लिया। समाज के प्रवक्ता आदित्य भंडारी ने बताया कि इसके चलते बहुमान के लिए तप अर्थात निराहार उपवास करने की बोली लगाई गई।
अनुपमा भड़कत्या के बहुमान के लिए अल्का छाजेड़ ने 6 उपवास की अधिकतम बोली लगाकर अनुपमा का बहुमान किया। वहीं ममता भंडारी के 11 क्षीरसागर वास की अनुमोदना के लिए उनके पति निखिल भंडारी ने 12 उपवास की अधिकतम बोली लगाकर माला पहनाकर बहुमान किया‌। इसके उपरांत पूरा श्री संघ साध्वी मंडल के साथ अभयमलजी भंडारी के घर ममता भंडारी को पाना कराने के लिए गया। वहां एक थाल में खीर डालकर सात बार चांदी की नाव को घुमाकर उसमें खीर भरकर साध्वी मंडल को वेराई गई‌। इसके उपरांत तपस्वी ममता भंडारी को पारणा कराया गया। बाद में उनके परिवार ने सभी लोगों को प्रभावना बांटी। इस मौके पर समाज के अध्यक्ष भीमसिंह छाजेड़, राजेन्द्र छाजेड़, विमल भंडारी, सुभाष भंडारी, अशोक भंडारी, राजीव भंडारी, मोहित छाजेड़, सौरभ भंडारी, निखिल भंडारी, कुशलराज चौधरी, मणिकांत महात्मा आदि मौजूद थे।
इस आयोजन से पूर्व बुधवार (15 अगस्त) को भगवान नेमिनाथ का जन्म कल्याणक मनाया गया। राजेन्द्र पाल राजा, रानी की बोली लगाई गई। बोली राजेन्द्र छाजेड़ के परिवार वालों ने छुड़वाई। जन्म कल्याणक को मनाने के लिए समाज के बहु मंडल ने दिन से ही मंदिर को सजाना प्रारम्भ कर दिया था, इससे पूरा मंदिर दीपकों से जगमगा उठा। सायं 7 बजे राजेन्द्र छाजेड़ के घर से कुमारपाल राजा व रानी बनकर एवं उनके साथ पूरे समाज ने जुलूस के रूप में ढोल-बाजे के साथ दादावाड़ी में प्रवेश कर महाराज साहब से आशीर्वाद लिए। आशीर्वाद के उपरांत सब नाचते-गाते मंदिर में पहुंचे। यहां मूलनायक भगवान विमलनाथ भगवान की आरती हुई। इसके उपरांत भगवान नेमिनाथ की आरती उतारी गई व दादा गुरुदेव की आरती उतारी गई। इस दिन पंचमी होने के कारण कई लोगों ने उपवास व एकासना किया। कलंक निवारण तप वाले 18 लोगों ने भी उपवास रखा |