सरकार झुकी, एक मांग मानी, मगर कोटा बंद का निर्णय‌ यथावत

0
219

न्यूज चक्र @ कोटा
कोटा व्यापार महासंघ की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर 10 अगस्त को घोषित कोटा बंद के आह्वान व सन्निकट विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार एक दिन पहले हरकत में आई। विद्युत निगम ने आंदोलनकारियों की दो में से एक मांग मानते हुए इस सम्बंध में आदेश भी जारी कर दिए। इससे अब आवासीय भूखंडों पर बने हॉस्टलों को विद्युत बिल व्यवसायिक दर की बजाय घरेलू दर का ही चुकाना होगा। इससे हॉस्टल व्यवसायियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। अब स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर रोक लगाने व लगाए गए मीटरों को हटाए जाने की मांग बाकी रह गई है।
कोटा व्यापार संघ ने इसके तुरंत बाद बैठक कर एक मांग माने जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया, मगर बंद का निर्णय यथावत रखा। कांग्रेस ने भी बंद का आह्वान किया है।
गौरतलब है कि लम्बे समय से शहरवासी निजी कम्पनी केईडीएल की ओर से घरों में लगाए जा रहे बिजली के स्मार्ट मीटरों से बिल पूर्व की अपेक्षा काफी अधिक आने से काफी आक्रोशित हैं। वे इन्हें हटाए जाने की मांग करते आ रहे हैं। इसी प्रकार आवासीय भूखंडों पर बने हुए पांच से अधिक कमरों वाले हॉस्टलों से व्यवसायिक दर से वसूले जा रहे बिलों से भी व्यवसायियों में आक्रोश था। इस मुद्दे को पहले कांग्रेस ने हथियाते हुए प्रदेश महासचिव पंकज मेहता ने बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए।‌ इसके बाद कांग्रेस के अन्य नेताओं सहित बीजेपी भी इसमें सक्रिय हो गई। कांग्रेस के हिम्मत सिंह ने पार्टी कार्यालय के बाहर ही धरना शुरू कर दिया, यह अभी तक जारी है। पूर्व यूआईटी अध्यक्ष‌ व वर्तमान कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविन्द्र त्यागी भी इसमें सक्रिय हुए। व्यापार महासंघ ने आगे आया। इसी दौरान उसने अपनी बैठक कर बंद का निर्णय ले लिया।
बैठक के बारे में महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन व महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया था कि इसमें सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारी आरजे गुप्ता द्वारा महासंघ की मांगों पर गोल-मोल जवाब देने से आहत होकर जनता के हित में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि 48 घंटे में नए स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाई जाए व लगे हुए मीटरों को तुरंत हटाया जाए। साथ ही कोटा शहर में आवासीय भूखण्डों पर बने आवासों पर जो व्यवसायिक दर से विद्युत शुल्क लिया जा रहा है, उसे तुरंत प्रभाव से बन्द किया जाए। आवासीय श्रेणी में ही विद्युत शुल्क वसूला जाए।
जैन और माहेश्वरी का कहना था कि सरकार के द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को स्थगित किया गया है। साथ ही आवासीय भूखण्डों पर बने हॉस्टलों से व्यवसायिक दर से वसूले जा रहे विद्युत शुल्क को भी स्थागित किया गया है। जबकि कोटा व्यापार महासंघ की मांग इन्हें पूर्णतयाः रद्द करने की है।
बंद को इनका भी है समर्थन
कोटा बंद के निर्णय को कोटा स्कूटर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुरारी लाल गुप्ता, लोहा व्यापार संघ के संरक्षक सुभाष अग्रवाल, दलाल एसोसिएशन के अध्यक्ष नन्दकिशोर शर्मा, पब्लिक केरियर ट्रक यूनियन के अध्यक्ष सत्यभान सिंह, माणक भवन दुकानदार संघ के अध्यक्ष काका हरविन्दर सिंह सचिव राजीव पाटनी, महावीर नगर दुकानदार संघ के अध्यक्ष अनिल नन्दवाना, कोटा बिल्डिंग मेटेरियल व्यापार संघ के अध्यक्ष गोपाल चशर्मा, कोटा टाइल्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राम मंत्री, श्री सर्राफा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष चेतन जैन, अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल विचित्र व सचिव गौरव सोनी, कोटा ट्रेक्टर डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा, छावनी चौराहा दुकानदार संघ के अध्यक्ष यश मालवीया, सचिव नरेन्द्र चौहान, तलवण्डी व्यापार संघ आजाद मार्केट के अध्यक्ष मुकेश भटनागर, कोटा ऑटो मोबाइल स्पेयर पार्ट्स डीलर एसोसिएशन के सचिव विकास शर्मा, न्यू क्लॉथ मार्केट के व्यापार संघ के सचिव राजेन्द्र जैन, भीममण्डी व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र चावला, सचिव अनिल जैन, छावनी व्यापार संठन के पूर्व अध्यक्ष गुरूमत सिंह टांक, चम्बल होस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा सचिव मनीष समदानी, बून्दी रोड रियल स्टेट एसोसिएशन के अध्यक्ष मुरली नुवाल, नयापुरा दुकानदार संघ के अध्यक्ष डॉ. डीके शर्मा, सचिव ज्ञानचंद जैन, इन्द्रा विहार होस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक लड्डा, महावीर नगर होस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, शॉपिंग सेन्टर व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश यंग ब्लड, गुमानपुरा दुकानदार संघ के अध्यक्ष संजय शर्मा, मावा व्यापार संघ के अध्यक्ष भगवान मित्तल, शिवपुरा हनुमान नगर व्यापार संघ के अध्यक्ष घीसा सिंह चौहान, विज्ञान नगर दुकानदार संघ के अध्यक्ष रमा शंकर सोनी, बजाज खाना दुकानदार संघ के अध्यक्ष मनोहर गोठे वाला सचिव राघवेन्द्र बिहारी शर्मा, पुरानी धानमण्डी दुकानदार संघ के अध्यक्ष कैलाश चन्द जैन, अग्रसेन बाजार संघ के अध्यक्ष महेन्द्र कांकरिया, जेपी मार्केट व्यापार संघ के अध्यक्ष सतीश गांधी, सचिव अनिल दीपचन्दानी, खादी ग्राम उद्योग संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र जैन, लाड़पुरा दुकानदार संघ के अध्यक्ष रूप किशोर गुप्ता आदि के अलावा कईं संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी कोटा व्यापार महासंघ के निर्णय को पूर्ण समर्थन दिया है।

विद्युत निगम का आदेश।

यह कहा गया है राहत के आदेश में
जयपुर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) आरके जीनवाल की ओर से‌ आज (9 अगस्त 2018) को जारी इस आदेश में कहा गया‌ है कि ‘ऐसे हॉस्टल जो आवासीय भूखंडों पर निर्मित हैं, आवासों में संचालित हैं, जिनमें विद्यार्थी पेइंग गेस्ट या किरायेदार के रूप में रहते हैं, ऐसे आवासीय भूखंडों में कॉमन मीटर व सब मीटर लगे हुए हैं, जिनमें उपयोग घरेलू श्रेणी में ही किया जा रहा है, ऐसे हॉस्टलों पर घरेलू विद्युत दर लागू होगी। इस सम्बंध में पूर्व में जारी निर्देशानुसार 5 से अधिक कमरे विद्यार्थियों‌ को किराये पर देने पर अघरेलू लागू करने की शर्त को समाप्त किया जाता है।’