एनडीए के हरिवंश नारायण सिंह बने राज्यसभा के नए उप सभापति

0
210

न्यूज चक्र @ नई दिल्ली
राज्यसभा के उपसभापति के लिए गुरुवार को हुए चुनाव में भी एनडीए ने विपक्ष की सारी मशक्कत को मात दे दी। इसके उम्मीदवार पूर्व पत्रकार और झारखंड व बिहार के प्रमुख अखबार ‘प्रभात खबर’ के एडिटर रहे हरिवंश नारायण सिंह ने कांग्रेस के हरिप्रसाद को 20 वोट के अंतर से मात दे दी।
इस कांटे की टक्कर में हरिवंश के सामने कांग्रेस ने अपने पूर्व महासचिव बीके हरिप्रसाद को उतारा था। इसमें हरिवंश को जहां 125 वोट मिले तो हरिप्रसाद 105 पर ही सिमट गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद सहित सभी संसद सदस्यों ने हरिवंश को इस जीत पर बधाई दी।
सदन में चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद भाजपा सांसद अमित शाह ने हरिवंश के पक्ष में प्रस्‍ताव रखा था। इस दाैरान सभी दलों ने अपनी-अपनी लाइन के हिसाब से प्रस्‍ताव का समर्थन किय। कांग्रेस की अोर से उतारे गए उम्‍मीदवार पार्टी के पूर्व महासचिव बीके हरिप्रसाद ने भी पर्याप्‍त संख्‍या बल होने की बात कही थी।
राज्यसभा के सभापति वैंकेया नायडू ने जैसे ही हरिवंश सिंह की जीत का ऐलान किया तो प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें उनकी सीट पर जाकर बधाई दी। विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी उन्हें जीत की बधाई देते हुए मिलकर जनता के मुद्दों पर साथ काम करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने बधाई में यह कहा
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए उपसभापति चुनाव के नतीजों के बाद कहा कि अगस्त क्रान्ति में बलिया की बड़ी भूमिका थी। हरिवंश भी उसी बलिया से आते हैं। पीएम मोदी ने अरुण जेटली के राज्यसभा में वापस आने पर भी बधाई दी। मोदी ने कहा कि हरिवंश सिंह कलम के धनी हैं, उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी काफी बढ़िया काम किया। वह हमेेशा से गांव से जुड़े रहे, उन्हें कभी शहर की चकाचौंध अच्छी नहीं लगी।
अरुण जेटली ने ऐसे दी बधाई
राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली ने नए उपसभापति हरिवंश सिंह को बधाई देते हुए कहा कि हरिवंश जी का बतौर सांसद कार्यकाल काफी अच्छा रहा है। हमें उम्मीद है कि उनके अनुभव का फायदा सदन को मिलेगा। जेटली बोले कि उपसभापति को समर्थन भले ही सत्ता पक्ष का मिलता हो लेकिन वह बैठता विपक्ष के नेता के साथ ही है।
दो बार हुई वोटिंग
राज्यसभा में उपसभापति चुनाव के लिए दो बार वोटिंग हुई। पहली बार में हरिवंश को 115 तो दूसरी बार में 125 वोट मिले। पहली बार कुछ वोट ठीक तरीके से ना हो पाने के कारण दोबारा वोटिंग हुई।
ओडिशा की बीजेडी, तमिलनाडु की एआईएडीएमके और तेलंगाना से टीआरएस ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अपील पर एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश सिंह का साथ दिया। ऐसे में विपक्ष की उम्मीदों को करारा झटका लगा।
ऐसे बदला समीकरण
एनडीए की ताकत राज्यसभा में जादुई आंकड़े से कम थी। इस चुनाव में बीजेडी के 9 सांसद किंगमेकर की भूमिका में रहे। राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव की घोषणा के बाद पीएम मोदी और जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवीन पटनायक से फोन पर बात कर एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश के लिए समर्थन मांगा। पीएम मोदी ने भी नवीन पटनायक से फोन पर बात करके समर्थन के लिए बात की। तब तक विपक्ष अपना उम्मीदवार तय ही नहीं कर पाया था। इसका नतीजा हुआ कि एनडीए विपक्ष में सेंध लगाने में कामयाब हो गया।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में सेवानिवृत्त हुए उपसभापति पीजे कुरियन का कार्यकाल गत माह जुलाई में समाप्त हो गया था। 245 सदस्यीय राज्यसभा में इस समय 244 सदस्य हैं, जबकि 1 सीट खाली है। मौजूदा 244 सदस्यीय उच्च सदन में उपसभापति चुनाव को जीतने के लिए 123 मतों की जरूरत थी।