नाबालिग से दुष्कर्म के दो आरोपियों को फांसी की सजा, राजस्थान में पाक्सो एक्ट में ऐसा दूसरा फैसला

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प्रवीण बोथरा। बाड़मेर
चौहटन मार्ग स्थित रड़वा गांव की एक मासूम बालिका से दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर देने के पांच साल पुराने मामले में मंगलवार को पोक्सो प्रकरण की विशिष्ट न्यायाधीश वमिता सिंह ने दो मुख्य आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। वहीं बाकी तीन अन्य आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। सभी आरोपी एक ही परिवार के हैं।
सदर थाना क्षेत्र के रड़वा गांव में 29 मार्च 2013 की रात 11 वर्षीय नाबालिग को घेवर सिंह पुत्र प्रहलाद सिंह व श्रवण सिंह पुत्र कूंप सिंह निवासी नीम्बड़ी अपहरण कर ले गए। आरोपियों ने पहाड़ियों में ले जाकर बालिका से दुष्कर्म किया। इसके बाद उन्होंने पहाड़ियों से फेंककर उसकी हत्या कर दी। आरोपी श्रवण सिंह के पिता प्रहलाद सिंह सहित नरसिंह व शंकरसिंह ने आरोपियों के अपराध को छुपाने के लिए उनका साथ दिया। साथ ही पीड़ित परिवार पर अनुचित दबाव डालकर उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया। यह मामला महिला थाने में दर्ज किया गया। इसमें विशिष्ट न्यायाधीश वमिता सिंह ने आज मुख्य आरेापी घेवर सिंह व श्रवण सिंह को फांसी की सजा सुनाई। वहीं प्रहलाद सिंह, नरसिंग सिंह व शंकर सिंह को सात-सात साल के कठोर कारावास के आदेश दिए। पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी एडवोकेट करनाराम चौधरी ने की।
गांव छोड़ना पड़ा पीड़िता के परिवार को
पीड़िता का परिवार गांव के कमजोर तबके से होने के कारण आरोपी पक्ष ने उस पर इतना दबाव बनाया कि उसे गांव छोड़ अन्यत्र जाना पड़ा। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। आरोपियों के दबाव के कारण बालिका के शव का अंतिम संस्कार तक बाड़मेर शहर में ही करना पड़ा था।
बाड़मेर का पहला मामला
पोक्सो एक्ट के तहत यह बाड़मेर का पहला व राज्य का दूसरा मामला है जिसमें आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इससे पहले अलवर में ऐसी सजा सुनाई जा चुकी है। पांचों आरोपी अभी तक जमानत पर थे।