पावर ट्रांसफार्मर के नाम पर बून्दीवासियों से किया बड़ा छल

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न्यूज‌ चक्र @ बून्दी
9 जुलाई को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक शहर के नैनवां रोड क्षेत्र की सभी दस-बारह छोटी-बड़ी कॉलोनियों की लाइट बंद रही। झुलसाने वाली गर्मी में दिनभर बुरी तरह बेहाल रहने के बावजूद क्षेत्रवासी इस परेशानी को सहते रहे। कारण यह था कि क्षेत्र की बिजली समस्या को दूर करने के लिए पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाने की सूचना थी। अखबारों में खबर छपी थी कि इसलिए बिजली बंद रखी जाएगी, मगर इसके बावजूद भी यहां हालात बिलकुल नहीं सुधरे। इससे क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। बुधवार को भी शाम चार बजे करीब से शुरू हुआ बिजली की आंख-मिचौली का सिलसिला रात साढ़े ग्यारह बजे तक भी जारी था।
उल्लेखनीय है कि नैनवां रोड क्षेत्र की कॉलोनियों, विशेषकर रजतगृह, नवजीवन, जवाहर नगर आदि में एक साल से भी अधिक समय से सामान्य मौसम के दौरान भी रह-रह कर बिजली गुल हो जाने, कई बार घंटों बंद रहने की समस्या आम है। इस पर जरा सी भी तेज हवा चलने लगे या बूंदाबांदी ही हो जाए तो घंटेभर या इससे अधिक समय तक भी बिजली कट होना सामान्य बात है। उस पर हर डेढ़-दो महीने के अंतराल पर रखरखाव के नाम पर भी दिनभर बिजली बंद रखी जाती है। यह अलग बात है कि कभी भी इस कथित रख-रखाव का कोई फायदा नजर नहीं आया। ऐसे में 9 जुलाई को खबर मिली कि आज भी सुबह 8 से 4 बजे तक बिजली बंद रहेगी, मगर इसके बाद क्षेत्रवासियों को बिजली की समस्या से राहत मिल जाएगी। मौसम की हल्की खराबी पर भी लाइट नहीं जाएगी। पावर ट्रांसफार्मर लगाया जाना है। लाइट 4 बजे की जगह 5 बजे से भी काफी देर बाद चालू हुई। अब लोगों को विश्वास था कि, दुख भरे दिन बीते रे भैया, अब सुख आयो रे….।‌ मगर‌ उनकी ये खुशी आधे घंटे‌ करीब ही कायम रह पाई। इसके बाद फिर पूर्व की भांति बिजली का आऊं-जाऊं खेल शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। इससे आक्रोशित युवा डिस्कॉम के एसई कार्यालय पहुंच गए। भारी हंगामे के बीच दो एक्सईएन बाहर आए।‌ इन्होंने समस्या का स्थाई समाधान कर देने का लिखित में आश्वासन दिया, मगर हुआ हुआ कुछ नहीं।
यह है असलियत
जिस पावर ट्रांसफार्मर को लगा देने के बाद नैनवां रोड वासियों की बिजली की समस्या के समाधान का दावा डिस्कॉम ने किया था, उसके बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दी गई। जैसे-ट्रांसफार्मर नया था या कहीं से हटाया गया पुराना? इस ट्रांसफार्मर की किस खासियत‌ के कारण इतनी बड़ी समस्या के समाधान का दावा किया गया था? अब इस ट्रांसफार्मर से भी कोई राहत नहीं मिलने से लोग‌ इसमें भी किसी ‘घपले’ की आशंका जताने लगे हैं। इस ट्रांसफार्मर के लगने के बाद भी शायद ही किसी दिन सुबह से बिजली जाने-आने का सिलसिला शुरू न हुआ हो। कई बार तो आधी रात के करीब भी यह गुल हो जाती है।