समाज से बहिष्कृत बालिका प्रकरण: राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने गांव पहुंच परिवार को दी राहत

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न्यूज चक्र @ बून्दी
राज्य बाल संरक्षण आयोग ने जिले के हिंडौली उपखण्ड की ग्राम पंचायत सथूर के गांव हरिपुरा में एक परिवार की छह वर्षीय बालिका और उसके परिवार को पंच पटेलों के द्वारा समाज से बहिष्कृत करने के मामले को गम्भीरता से लेते हुए प्रसंज्ञान लिया। इसके बाद आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी गुरुवार सुबह हरिपुरा पहुंचीं। यहां उन्होंने पीड़ित परिवार तथा अन्य सम्बन्धित पक्षों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने बाल कल्याण समिति को इस प्रकरण में दोषी लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिया। इस प्रकरण में जेजे एक्ट और सीआरपीसी की धाराओं में सख्त कार्यवाही किए जाने को कहा, ताकि ऐसे मामलों की पुनरावृति ना हो सके।
बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी हरिपुरा गांव की एक छह वर्षीय बालिका से टिटहरी के अंडे फूट जाने पर पंच पटेलों द्वारा उसे समाज से बहिष्कृत कर देने और दस दिन तक उसे घर से बाहर रखने के अमानवीय फैसले की जानकारी मिलने पर यहां पहुंचीं थीं। वे इस मामले को लेकर गांव में पीड़ित परिवार, जनप्रतिनिधियों, पूर्व सरपंच व आम ग्रामीणों से भी मिलीं। साथ ही आरोपी पंच पटेलों से भी मिलीं और इस तरह के फैसले के लिए उन्हें फटकार लगाई। इस पर कुछ पंच पटेलों ने माफी मांगते हुए कहा कि यह बालिका हमारी बेटी है, इसके साथ कुछ गलत नहीं होगा। आयोग अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार के अलावा किसी आम ग्रामीण या जनप्रतिनिधि के द्वारा भी इस मामले की जानकारी प्रशासन व पुलिस को नहीं देने पर हैरानी के साथ नाराजगी भी जताई। मनन चतुर्वेदी ने दस दिन तक बालिका को परिजनों से दूर रखने और उससे अछूतों सा व्यवहार करने को बेहद शर्मनाक करार दिया। साथ ही ग्रामीणों का आह्वान किया कि वे शिक्षित और जागरूक बनकर ऐसी परम्पराओं को हतोत्साह करें।
बाल संरक्षण इकाईयों को करें सक्रिय
आयोग अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने विकास अधिकारी सविता राठौड़ व ग्राम विकास अधिकारी विष्णु शृंगी से पूछा कि ब्लॉक व ग्राम स्तर की बाल संरक्षण इकाईयां सक्रिय क्यों नहीं हैं? उन्होंने इन ब्लॉक व ग्राम पंचायत स्तरीय इकाईयों को प्रशिक्षण देकर सक्रिय करने व इनकी नियमित बैठकों का आयोजन कर बच्चों के मुद्दों को व्यापक तौर पर पटल पर रखने के निर्देश भी दिए।
पीड़ित बच्ची को दुलारा, परिवार को दिया भरोसा
बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने पीड़ित बालिका के सिर पर दुलार भरा हाथ फेरते हुए उससे सामान्य बातचीत की। उसके पिता और मां को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह उनके साथ है। वे बिना किसी भय के गांव में रहें।
परिवार को हाथों-हाथ मिल गई ये सुविधाएं


इस मौके पर आयोग अध्यक्ष ने अतिरिक्त कलक्टर (सीलिंग) ममता तिवारी को इस परिवार को रसोई गैस सुविधा, विद्युत कनेक्शन, शौचालय व खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए परिवार को दो महीने के राशन का 30 किलो गेंहू व उज्ज्वला योजना में गैस कनेक्शन लगवाने की कार्यवाही कर दी गई। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि इस गांव में अब ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे को सही अर्थों में चरितार्थ करके दिखाएंगी। उन्होंने पीड़ित परिवार की गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराने के लिए एएनएम को पाबंद करने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर (सीलिंग) ममता तिवारी के अलावा हिंडौली तहसीलदार भावना सिंह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीणा, हिण्डोली थानाधिकारी लक्षमण सिंह, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष चतुर्भुज महावर, हरिपुरा सरपंच मांगीलाल मेघवाल, पूर्व सरपंच मनमोहन धाबाई आदि भी मौजूद थे।