जनसंख्या बढ़ाने की छूट देने जा रही वसुंधरा सरकार !

0
216

न्यूज चक्र @ कोटा
विश्व जनसंख्या दिवस पर आज बुधवार को विश्वभर में लोगों को परिवार नियोजन के तरीके अपना जनसंख्या नियंत्रित करने के प्रति जागरूक किया गया। वहीं राजस्थान की वसुंधरा सरकार का जनसंख्या को लेकर सामने आया एक प्रस्तावित फैसला विवादों में रहा। लोग इसे लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते रहे। सरकारी कर्मचारी हो या आमजन, अधिकतर का मानना था कि इस गलत फैयले से सरकार चुनाव में लाभ पाना चाहती है। बढ़ती जनसंख्या की रफ्तार को देखते हुए मगर यह घातक सिद्ध होगा। राज्य के लगभग सभी प्रमुख समाचार पत्रों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कालीचरण सराफ व राज्य मंत्री बंशीधर खंडेला के फोटुओं वाला एक विज्ञापन प्रकाशित हुआ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के इस विज्ञापन में 11 से 24 जुलाई तक ‘जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा’ मनाए जाने की जानकारी देते हुए जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए विभिन्न सुझाव दिए गए हैं। इससे लगता है कि सरकार बढ़ती जनसंख्या के प्रति चिंतित है। दूसरी ओर वसुंधरा सरकार के एक प्रस्तावित विवादित फैसले की भी खबर आई। इसके अनुसार राज्य सरकार कर्मचारियों को बड़ी राहत देने जा रही है। वह‌ यह कि अब राज्य कर्मचारियों को चौथी संतान होने पर अनिवार्य सेवानिवृति नहीं दी जाएगी। इसके लिए सरकार पेंशन रूल्स के नियम 53 ए को विलोपित करने जा रही है। इस नियम में प्रावधान है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी के तीन से ज्यादा संतानें हो जाती हैं तो उसे तीन माह का नोटिस देकर अनिवार्य सेवानिवृति दे दी जाए।
इस नियम में प्रस्तावित बदलाव को आगामी चुनाव में लाभ पाने के तरीके से जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों का यह भी मानना है कि आजकल अधिकतर कर्मचारी दो या अधिकतम तीन संतानें ही चाहते हैं। इससे इस नियम के खत्म हो जाने से जनसंख्या पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है, फिर भी कुछ दकियानूसी विचारधारा वाले कर्मचारियों के लिए यह बड़ी राहत तो होगी ही।
इस फैसले का राज्य कर्मचारियों या राज्य की जनसंख्या पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है, मगर सरकार का यह प्रस्तावित कदम बिलकुल भी स्वागत योग्य नहीं है। बिना किसी खास आवश्यकता के उसने इस मुद्दे को छेड़ दिया है।