UC News app भारत के खिलाफ चीन की बड़ी साजिश!

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
भारत अपने पड़ौसी चीन व पाकिस्तान के साथ शांति बनाए रखने के लाख प्रयास करे, मगर ये दोनों अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। चीन तो टेक्नोलॉजी के माध्यम से भी भारतीयों को मानसिक गुलाम बना यहां अपनी मनमानी करने की बड़ी साजिश को अंजाम देने में बरसों से लगा हुआ है। अंदेशा है कि वह इसके माध्यम से भारत में चुनाव को प्रभावित भी करना चाहता है। निश्चित रूप से यह देश के लिए बहुत बड़ा खतरा है। गौरतलब है कि चीनी कम्पनियों के मोबाइल में तो यह ऐप प्रि इंस्टाल होता है।
न्यूज चैनल एबीपी न्यूज ने अपने एक प्रोग्राम में चीन की इस साइलेंट मगर बेहद विध्वंसकारी चाल का खुलासा किया है। एबीपी न्यूज के एसोसिएट एडिटर (इंवेस्टिगेशन) इंद्रजीत राय ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि किस‌ तरह चीन भारतीयों को मानसिक रूप से गुलाम बनाने की साजिश रच रहा है। इसके लिए उसने जरिया भी चीनी कम्पनी अलीबाबा के UC News App को बनाया है। इस ऐप पर चीन और पाकिस्तान के खिलाफ जाने वाली कोई भी जानकारी नहीं मिलती है। यहां तक कि इन देशों‌ के बारे में ऐसी कोई भी जानकारी चाहने ऐप रिजेक्ट कर देता है। दूसरी ओर भारत के बारे में हर जानकारी इसमें मिल जाती है, वह गलत भी हो सकती है। चीनी कम्पनी का यह न्यूज ऐप भारतीयों के मन में चीन की छवि तो मजबूत कर रहा है, लेकिन भारत की छवि को लेकर खिलवाड़ कर सकता है। अंदेशा है कि धीरे-धीरे भारतीयों के मन और दिल में चीनी घुसपैठ का जरिया बन सकता है। साल 2016 में भारत में चीनी कम्पनी का यह यूसी न्यूज ऐप लॉन्च हुआ था। इस न्यूज ऐप का सर्वर चीन की राजधानी बीजिंग में है।
चीन यूसी न्यूज के जरिये देश के करोड़ों लोगों तक पहुंच रहा है और अपने प्रोपेगेंडा का प्रसार कर रहा है। चीन की दूसरी सबसे बड़ी कम्पनी अलीबाबा का UC News App ऐप भारत के लोगों के सामने चीन की चालबाजियां नहीं आने देता। इसके जरिये वह भारत में मनोवैज्ञानिक स्तर पर लड़ाई लड़ रहा है। भारत को आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक और मानसिक तौर पर चोट पहुंचा रहा है।
चीन के खिलाफ कोई शब्द नहीं
उदाहरण के लिए यदि आप यूसी न्यूज ऐप पर ‘भारत के कदम से बौखलाया चीन’ टाइप करते हैं तो तुरंत नीचे लिखा आ जाता है कि ‘शीर्षक में संवेदनशील शब्द हैं, कृपया इसे बदलें।’ इसका मतलब ये है कि चीनी कम्पनी का न्यूज ऐप भारत में चीन के खिलाफ कुछ भी लिखने और पढ़ने की इजाजत नहीं दे रहा है। वहीं अगर भारत के खिलाफ आप इस ऐप पर कुछ भी लिखते हैं तो वो तुरंत मंजूर हो जाता है। जैसे अगर आप लिखेंगे कि ‘चीन के कदम से बौखलाया भारत’ तो ये आसानी से स्वीकार कर लिया जाएगा।
इसी तरह अगर आप दक्षिणी चीन सागर की कोई खबर चीन के खिलाफ लिखते हैं तो यूसी न्यूज का सर्वर आपको ऐसा लिखने की इजाजत नहीं देगा। दक्षिणी चीन सागर में चीन लगातार अपनी दादागीरी करते हुए कब्जा जमाने में जुटा रहता है। दक्षिण चीन सागर में पेट्रोलियम, गैस का बड़ा भंडार है, जिस पर कब्जा करने के लिए चीन का वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताईवान से विवाद है। इसी दक्षिण चीन सागर में खनन के लिए वियतनाम की मदद भारत कर रहा है और इससे चीन चिढ़ता है।
इस मामले में पूर्व रॉ अधिकारी आरके यादव ने कहा, ‘यूसी न्यूज चाइनीज फ्रंट कम्पनी अलीबाबा की कम्पनी है। अलीबाबा चीन के लिए इंटेलिजेंस और दूसरे काम करने के लिए बदनाम है। ये कम्पनी मूल रूप से ऑन लाइन सामान बेचती है, लेकिन इसकी आड़ में पूरी दुनिया में इंटेलिजेंस का काम भी कर रही है।’
ऐप के जरिये सारी जानकारी चीन के पास
आरोप है कि चीन बीजिंग में लगे सर्वर के जरिये भारतीयों के मन में चीन की एक ऐसी छवि गढ़ रहा है, जिससे भारतीय चीन की करतूतों पर कभी ध्यान ही ना दे पाएं। भारत में UC NEWS APP के 13 करोड़ यूजर्स हैं। इसमें सबसे बड़ी बात यह सामने आई है कि इस ऐप के माध्यम से अपने भारतीय ग्राहकों की सारी जानकारी चीन के पास पहुंच जाती है। इन जानकारियों का इस्तेमाल वह हमारे चुनावों को प्रभावित‌ करने के लिए भी कर सकता है।
यूसी न्यूज की ये और बड़ी बातें
‘मैकमोहन लाइन’ यानी वो सीमारेखा जिसके तहत अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है, अगर आप यूसी न्यूज ऐप पर ‘मैकमोहन लाइन पर तनाव की खबर’ शीर्षक लिखते हैं तो चीनी कम्पनी का सर्वर इसे संवेदनशील बताकर पढ़ने नहीं देता। वहीं ‘कश्मीर सीमा पर तनाव की खबर’ लिखी जाए तो चीनी कम्पनी के न्यूज ऐप को इस पर कोई आपत्ति नहीं होती। अगर कोई खबर चीनी कम्पनी के यूसी न्यूज ऐप पर ‘चीन की तानाशाही’ करके लिखी जाए तो फौरन उसका सर्वर इसे संवेदनशील बताकर हटाने को कहता है। वहीं भारत के लोगों को भारत के विरुद्ध ही भारत की तानाशाही वाले शीर्षक की खबर पढ़ाने के लिए चीनी कम्पनी का न्यूज ऐप तैयार हो जाता है।
इस प्रकार चीनी कम्पनी का यह न्यूज ऐप भारतीयों के मन में चीन की छवि तो मजबूत कर रहा है, लेकिन भारत की छवि से खिलवाड़ कर रहा है। इस पर रक्षा विशेषज्ञ जीडी बख्शी ने कहा, ‘हाल में ही में पीएम मोदी जिनपिंग से मिलने योहान गए थे। मैंने UC News पर तब कुछ चीनियों के ऐसे मैसेज देखें, जिसमें वे खिल्ली उड़ाते हुए कह रहे हैं कि हम चीन के सामने घुटने टेक रहे हैं।’
चीनी सामान के विरोध प्रदर्शन की खबर नहीं दिखाता ये ऐप
भारत में चीन सालाना 40 लाख करोड़ रुपए का अपना सामान निर्यात करता है। आरोप है कि चीनी सामान के खिलाफ भारत में जब भी कहीं प्रदर्शन होता है तो चीनी कम्पनी का UC NEWS APP इन्हें नहीं दिखाता। इस प्रकार इससे जुड़े हुए भारतीय यह खबर जान ही नहीं पाते हैं। अगर आप ‘चाइनीज सामान के खिलाफ प्रदर्शन’ ये लिखते हैं तो इस पर सर्वर आपत्ति दिखाता है और अगर वहीं आप ‘भारत के सामान के खिलाफ प्रदर्शन’ लिखते हैं तो इस पर कोई आपत्ति नहीं होती है।
एबीपी को जवाब नहीं दिया
एबीपी के अनुसार अपने इस खुलासे को लेकर UC News को कई मेल भेज कर उसका पक्ष जानना चाहा, मगर वहां से कोई जवाब नहीं मिला।