जैत सागर में डूबे तीन पर्यटक, अधिकारी दौड़े, मगर…

आपदा की स्थिति में रेस्पॉन्स और जवाबदेही की समीक्षा के लिए हुई मॉक ड्रिल 

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न्यूज चक्र @ बून्दी
आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों के पूर्वाभ्यास, बाढ़ एवं आपदा की स्थिति में रेस्पॉन्स और जवाबदेही की समीक्षा के लिए बुधवार सुबह राष्ट्रीय आपदा मोचन बल एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में जैतसागर झील पर मॉक ड्रिल हुई। इसके लिए सुबह जिला कार्यालय से पुलिस नियंत्रण कक्ष सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को जैतसागर झील में तीन पर्यटकों के डूबने की सूचना दी गई। सूचना पाते ही अधिकारियों व कर्मचारियों की गाड़ियां मौके के लिए दौड़ पड़ीं।
मौके पर पहुंचने वालों में एडीएम (प्रशासन) नरेश कुमार मालव, एडीएम (सीलिंग) ममता तिवाड़ी सुबह, एएसपी दशरथ सिंह, डीएसपी समदर सिंह, 108 एम्बुलेंस, अग्निशमन दस्ता व मेडिकल टीम शामिल रही।
मौके पर मौजूद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के डिप्टी कमाण्डेंट अमर सिंह चौहान के नेतृत्व में 35 सदस्यों के दल ने पानी में फंसे लोगों को बचाने तथा डूब चुके लोगों को निकाल उनके प्राथमिक उपचार का मॉक ड्रिल किया।
जिला कलक्टर महेश चन्द्र शर्मा ने इस पूरी ड्रिल का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सुखमहल में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए काम में लिए जाने वाले संसाधनों का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारियां भी लीं।
मॉक ड्रिल है,आभास था
सूत्रों के अनुसार अधिकतर अधिकारियों‌ को इस बात का अहसास हो गया था कि पर्यटकों के डूबने की सूचना मॉक ड्रिल का हिस्सा है। इसका कारण यह बताया गया है कि इस समय न तो बारिश का मौसम है, ना ही बाढ़ जैसे हालात। इसी के चलते ये अधिकारी औपचारिकता निभाने के से मूड में रहे।