रजत गृह-नवजीवन के वाशिंदे न रात को नींद निकाल पाए, न दिन को सुकून मिला

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न्यूज चक्र @ बून्दी
शहर की सबसे बड़ी कॉलोनियों रजत गृह व नवजीवन के वाशिंदे भीषण गर्मी के इस दौर में विद्युत निगम के नकारेपन के कारण दुगनी परेशानी झेलने को मजबूर हैं। इसके चलते शुक्रवार तड़के 4 बजे से पूरे दिन लोग परेशान होते रहे। ठीक से नींद नहीं निकाल पाए।
इन दोनों कॉलोनियों में रोज 10-15 बार लाइट जाना आम बात हो गई है। कुछ दिन पहले तो रात 8 बजे से डेढ़-दो बजे के बीच ही 19 बार लाइट गई थी। आज तड़के 4 बजे से गई लाइट चार घंटे बाद 8 बजे आई। इसके बाद दोपहर 1 बजे से ठप हुई बिजली आपूर्ति 3 बजे बहाल हुई। रात को अाधी-अधूरी नींद निकालने वाले इन दोनों कॉलोनियों के हजारों लोगों में से कई की ख्वाहिश दिन में इसकी पूर्ति कर लेने की थी, मगर वे दिन में भी लाइट नहीं होने से ऐसा नहीं कर पाए। इन समयावधि के अलावा भी बीच में कई बार और लाइट बंद हुई। अब इन कॉलोनियों के लोगों को यह खौफ है कि रात को फिर बिजली का ऐसा ही खेल-तमाशा चला तो उनकी नींद का क्या होगा? इन कॉलोनियों के कम घरों में ही इनवर्टर लगे हुए हैं। इसके चलते कई लोगों का तो यह भी दावा है कि विद्युतकर्मियों की कुछ इनवर्टर बेचने वालों से सांठ-गांठ है। इसलिए ही वे इन कॉलोनियों में ठीक से विद्युत आपूर्ति बहाल रखना नहीं चाहते हैं। इसके अलावा राजनीतिक स्तर का ठीला रवैया भी इसके लिए जिम्मेदार है।