77 साल के आसाराम को बाकी की उम्र भी जेल में ही काटने की सजा

0
259

न्यूज चक्र @ जोधपुर
जोधपुर की विशेष अदालत ने विवादास्पद धर्म गुरु आसाराम को नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में आज उम्र कैद की सजा सुनाई है। वहीं एक महिला सहित बाकी दो आरोपियों को 20-20 साल की सजा दी गई है।
उल्लेखनीय है कि आसाराम इस आरोप में लम्बे समय से जोधपुर जेल में बंद था। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया था। उसके साथ इस षड़यंत्र को अंजाम देने के अन्य आरोपियों शिवा व प्रकाश को न्यायालय ने बरी कर दिया, मगर शिल्पी व शरद को 20-20 साल की जेल भुगतनी होगी। जेल में बनी अस्थाई अदालत में फैसला सुनते ही आसाराम रोने लगा‌।
गौरतलब है कि आसाराम व उसके सहयोगियों पर आज आने वाले इस अहम फैसले के बाद उसके समर्थकों की सम्भावित उग्र प्रतिक्रिया के मद्देनजर पूरे शहर में बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई थी। यह अलग बात है कि फैसले के बाद माहौल शांत रहा।
यह था पूरा मामला
यूपी के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर जोधपुर के बाहरी इलाके में स्थित अपने आश्रम में 15 अगस्त 2013 को यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। उस समय पीड़िता 16 साल की थी।
दिल्ली के कमला मार्केट थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था। इसे बाद इसे जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया। आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद था।
इस तरह लड़की को कुटिया में बुलाकर आसाराम ने किया था दुष्कर्म
शाहजहांपुर की नाबालिग लड़की का आसाराम के द्वारा यौन उत्पीड़न करने का ये मामला तब सामने आया था, जब 20 अगस्त 2013 को एक एफआईआर दिल्ली के कमला नगर थाने में रात 2 बजे दर्ज हुई। पीड़िता का आरोप था कि आसाराम ने जोधपुर के निकट मनई आश्रम में उसे बुलाया और 15 अगस्त 2013 को उससे दुष्कर्म किया। यह लड़की मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। आसाराम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित आईपीसी की धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 376 (बलात्कार), 506 (आपराधिक हथकंडे) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। कुछ दिन तक आसाराम बचता रहा, लेकिन आखिरकार 31 अगस्त की रात उस इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उसे विमान से जोधपुर लाया गया।आसाराम पर लगे आरोपों के अनुसार, लड़की की तबीयत खराब रहती थी। उसके पेट में दर्द की शिकायत रहती थी। इस पर आसाराम की साधक शिल्पी ने इस लड़की पर भूत का साया बताया। उसने पीड़िता से कहा कि इस प्रेत को आसाराम बापू ही दूर करेंगे। 14 अगस्त 2013 को पीड़ित लड़की को आश्रम में आसाराम के पास ले जाया गया। अगले दिन आसाराम ने लड़की को ठीक करने के बहाने अपनी कुटिया में बुलाया और उससे दुष्कर्म किया।
फैसले को लेकर शहर में धारा 144 लागू कर दी गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए डेढ़ हजार से अधिक जवान तैनात किए गए थे। अदालत ने जेल के अंदर ही अपना फैसला सुनाया।