आसाराम पर फैसले की तारीख, छावनी में बदला जोधपुर, धारा 144 लागू

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न्यूज चक्र @ जोधपुर
नाबलिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में जोधपुर जेल में बंद बेहत चर्चित आसाराम के मामले में जोधपुर की विशेष अदालत 25 अप्रैल को फैसला सुनाएगी। इसे देखते हुए शहर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। आसाराम इस मामले में अदालत से बरी भी हो जाते हैं तो भी वह जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उनके खिलाफ गुजरात में भी एक बलात्कार का मामला चल रहा है। जोधपुर के पुलिस आयुक्त ने बताया कि फैसले के दिन बड़ी संख्या में समर्थकों के जोधपुर पहुंचने की आशंका को देखते हुए जिलेभर में धारा 144 लागू कर दी गई है।
जिलेभर में 21 अप्रैल से लागू की गई धारा 144, 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। इस दरम्यान किसी भी तरह की अनहोनी नहीं हो, इसके लिए पुलिस पूरी तरह सर्तक है। शहर के होटलों, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड के साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे वर्दी में पुलिस के जवान तैनात किए गए है। गौरतलब है कि यूपी के शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की ने आसाराम बापू पर जोधपुर के बाहरी इलाके में स्थित अपने आश्रम में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उस समय पीड़िता 16 साल की थी।
जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को किया था गिरफ्तार
दिल्ली के कमला मार्केट थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था। इसे बाद में जोधपुर स्थानांतरित कर दिया गया। उन पर पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत कानून की धाराएं लगाई गई हैं।आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को इंदौर से गिरफ्तार किया था। तब से वह जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंद है। फैसले के चलते आसाराम समर्थकों के भारी संख्या में जोधपुर पहुंचने की आशंका को देखते हुए शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन के साथ बासनी, भगत की कोठी और राइका बाग स्टेशन पर भी खुफिया एजेंसियों के जवान सादा वर्दी में तैनात हैं।
इसके साथ ही मंगलवार सुबह से ही शहर में आने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर पुलिस की नाकाबंदी शुरू कर दी गई। शहर में तकरीबन डेढ़ हजार से ज्यादा पुलिस के जवान और अधिकारी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। महिला समर्थकों से निपटने के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए हैं। इन्हें ले जाने के लिए स्थान चिह्नित, बसें भी तैयार रहेंगी। पिछले कई सालों से शहर में आ रहे आसाराम समर्थकों में महिलाओं की भी काफी संख्या रहती है।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन के बाहर और रोडवेज बस अड्डे पर भी महिला जवानों को तैनात किया गया है। आसाराम के कई लाख समर्थक हैं‌। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि फैसले के दिन जोधपुर में भी हजारों की संख्या में आसाराम समर्थक साधक जुट सकते हैं।
इस तरह लड़की को कुटिया में बुलाकर आसाराम ने किया था दुष्कर्म
आसाराम पर शाहजहांपुर की एक नाबालिग लड़की से बलात्कार करने का आरोप है। ये मामला तब सामने आया था, जब 20 अगस्त 2013 को एक एफआईआर दिल्ली के कमला नगर थाने में रात 2 बजे दर्ज हुई। पीड़िता का आरोप है कि आसाराम ने जोधपुर के निकट मनई आश्रम में उसे बुलाया और 15 अगस्त 2013 को उसके साथ दुष्कर्म किया। यह लड़की मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। आसाराम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और केस राजस्थान पुलिस को ट्रांसफर किया गया। आसाराम के खिलाफ आईपीसी की धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 376 (बलात्कार), 506 (आपराधिक हथकंडे) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। कुछ दिनों तक आसाराम बचते रहे, लेकिन आखिरकार 31 अगस्त की रात उन्हें इंदौर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें विमान से जोधपुर लाया गया।
आसाराम पर लगे आरोपों के अनुसार, लड़की की तबीयत खराब होती है। उसके पेट में दर्द होता है। बाबा की एक साधक लड़की पर भूत का साया बताती है। वह पीड़िता से कहती है कि ये प्रेत आसाराम बापू ही दूर करेंगे। 14 अगस्त 2013 को पीड़ित लड़की को आश्रम में आसाराम के पास ले जाया जाता है। अगले दिन आसाराम लड़की को ठीक करने के बहाने उसे अपनी कुटिया में बुलाता है और उसके साथ दुष्कर्म करता है।
इसी मामले में अब साढ़े 4 साल बाद आसाराम पर फैसला सुनाया जाएगा। फैसले को लेकर शहर में धारा 144 लागू की गई है। अदालत जेल के अंदर ही अपना फैसला सुनाएगी। धारा 144 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी, इस दरम्यान किसी भी तरह की अनहोनी नहीं हो इसके लिए पुलिस अभी से सर्तक है। शहर में अभी से होटलों, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड के साथ ही भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे वर्दी में पुलिस के जवान तैनात किए गए है।