सवा दो करोड़ रुपए के सोने की चोरी तीन घंटे में ही खोली, आरोपी भी गिरफ्तार

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न्यूज चक्र @ कोटा
आयकर विभाग में रखे करीब 2.25 करोड़ रुपए के सोने की चोरी शनिवार रात हुई। रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली। हड़कम्प मचा, कार्रवाई शुरू। और तीन घंटे में ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ वारदात के घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया। इस प्रकार कोटा पुलिस एक बार फिर बड़े दाग से बच गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चोरी की वारदात को आयकर विभाग के कम्प्यूटर ऑपरेटर रविन्द्र ने ही अपने दो साथियों के साथ मिल कर अंजाम दिया। इन्होंने आयकर भवन परिसर में प्रवेश करते ही नकाब पहन सीसीटीवी से बचते हुए पहले कैमरे तोड़े। इसके बाद पीछे की सीढ़ी से दूसरे फ्लोर पर पहुंचे, दरवाजा तोड़ बिल्डिंग में प्रवेश कर गए। दूसरे फ्लोर पर बने हुए 14 में से केवल एक ही कमरे का ताला तोड़ा। यह कमरा आयकर विभाग के सहायक निदेशक एएल मीणा का है। फिर यहां रखी कई अलमारियों में से भी केवल एक उस अलमारी को ही तोड़ा, जिसमें ज्वैलरी रखी हुई थी। इससे वारदात में विभाग के ही किसी कर्मचारी के शामिल होने का शक हुआ। पुलिस ने इसी एंगल पर एक्शन शुरू किया।
सोने के बारे में जानकारी रखने वाले कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की गई। इसमें प्लेसमेंट एजेन्सी के मार्फत संविदा पर लगे कम्प्यूटर ऑपरेटर रविन्द्र की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। मौके पर मिले आरोपियों के फुट प्रिंट में से एक रविन्द्र के फुट प्रिंट से मैच‌ हुआ। कोटा जिले के ही सुकेत कस्बे के निवासी रविन्द्र से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने अपने दो साथियों विकास उर्फ रवि और आशीष के साथ वारदात करना कबूल कर लिया। पुलिस ने बाद में इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया।
उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग उदयपुर, अन्वेषण विंग जयपुर और कोटा की टीमों ने शॉपिंग सेंटर स्थित कैलाश चंद मनोज कुमार सराफ के यहां 4 दिन पहले छापा मार सर्वे किया था। इसमें करीब सवा 2 करोड़ रुपए की ज्वैलरी जप्त भी की थी।
ऐसे चला घटनाक्रम
आयकर कार्यालय पुलिस कंट्रोल रूम और अभय कमांड सेंटर से चंद कदमों की दूरी पर ही स्थित है। रविवार सुबह जैसे ही यहां इस बड़ी वारदात‌ के होने की जानकारी मिली आयकर विभाग सहित पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। पुलिस, एफएसएल व आईटी टीम के अलावा अधिकारियों का लवाजमा मौके पर पहुंचा। चोरों का सुराग लगाने के लिए हर स्तर पर मशक्कत शुरू हुई। जांच शुरू करते ही साफ हो गया कि चोरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया था। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो उसमें दो नकाबपोश नजर आए। इसी के साथ आसपास के क्षेत्र में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल कर चोरों की पहचान की कोशिश की गई। कार्यालय में अमूमन नियमित तौर पर 3-4 गार्ड रहते हैं, लेकिन रात को एक ही गार्ड तैनात था। गौरतलब है कि शहर में पिछले कुछ महीनों में ही लूट व चोरी की और भी बड़ी वारदातें हुईं, मगर पुलिस ने उनका भी जल्दी पर्दाफाश कर दिया।