तमिलनाडु के राज्यपाल ने सहलाया महिला पत्रकार का गाल, बाद में मांगी माफी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार ने राज्यपाल से सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब देने की बजाय पत्रकार का गाल सहलाया और चले गए

0
156

न्यूज चक्र @ चैन्नई/सेन्ट्रल डेस्क
तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार के गाल पर हाथ लगाने से भारी विवाद में फंस गए। पत्रकारों सहित कई नेताओं ने भी राज्यपाल की इस हरकत पर विरोध जताया है। बाद में राज्यपाल ने उस पत्रकार को चिट्ठी लिख कहा कि-अपनी नाती-पोती की तरह समझ कर गाल को हाथ लगाया था। साथ ही उन्होंने पत्रकार को बुरा लगने पर माफी भी मांग ली।
उल्लेखनीय है कि राज्यपाल पुरोहित ने एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की सामने आई एक रिकॉर्डिंग पर सफाई देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इस टेप में महिला प्रोफेसर छात्राओं से अच्छे अंक पाने के लिए प्रोफेसरों को सेक्सुल फेवर देने के लिए प्रेरित करती सुनाई दे रही हैं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक महिला पत्रकार ने राज्यपाल से सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब नहीं देकर उसके गाल को सहलाया और चले गए। महिला पत्रकार ने राज्यपाल के इस आचरण को गलत बताते हुए रोष जताया है‌।
इस घटना से तिलमिलाई उस पत्रकार ने लगातार दो ट्वीट किए। पहले ट्वीट में उसने लिखा, ”मैंने तमिलनाडु के गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित से प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में एक सवाल पूछा। उन्होंने बिना मेरी इजाजत के मेरे गाल पर थपथपाया।”
इसके बाद दूसरे ट्वीट में उसने लिखा कि “मैंने कई बार अपना चेहरा धोया, लेकिन अभी तक इससे उबर नहीं पाई हूं। हो सकता है ये आपकी तरफ से प्रशंसा करने के लिए हो, लेकिन मुझे ये पसंद नहीं आया‌। एक महिला को बिना उसकी इजाजत के छूना बिल्कुल गैर जरूरी था।”
पत्रकार और नेता भी उतरे विरोध में
महिला पत्रकार के ट्वीट के बाद कई वरिष्ठ पत्रकारों और नेताओं ने राज्यपाल के व्यवहार की निंदा की। वरिष्ठ पत्रकार रिफत जावेद ने लिखा, ”यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्हें राज्यपाल बने रहने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?”
तमिलनाडु में विपक्षी पार्टी डीएमके के नेताओं ने भी इस घटना की निंदा की है। डीएमके सांसद कनिमोई ने ट्वीट किया, “अगर संदेह नहीं भी किया जाए, तब भी सार्वजनिक पद पर बैठे एक व्यक्ति को इसकी मर्यादा समझनी चाहिए‌। एक महिला पत्रकार के निजी अंग को छूकर गरिमा का परिचय नहीं दिया या किसी भी इंसान द्वारा दिखाया जाने वाला सम्मान नहीं दर्शाया।”
डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने ट्वीट किया, ”यह ना केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का अनुपयुक्त कृत्य है।”
टेप कांड से राज्यपाल का क्या कनेक्शन है?
दरअसल एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर पर आरोप है कि उसने अपनी स्टूडेंट्स से ज्यादा नम्बर के लिए अधिकारियों को सेक्सुअल फेवर देने की बात कही थी। इस बातचीत का टेप सामने आया है‌। इस महिला प्रोफेसर का कहना है कि वो राज्यपाल की करीबी है। गौरतलब है कि राज्यपाल उस विश्वविद्यालय के चांसलर हैं, जिसमें महिला असिस्टेंट प्रोफेसर है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यपाल पुरोहित ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि वे कभी उस महिला से मिले तक नहीं। वहीं पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।