हिमाचल प्रदेश को खुशहाल व उन्नत बनाना हमारा प्रमुख लक्ष्य: जयराम ठाकुर

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क/ पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश)
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बुरी तरह लड़खड़ा चुकी कानून-व्यवस्था की स्थिति को पटरी पर लाना हमारी सरकार के समक्ष बड़ी चुनौती थी। उन्होंने राज्य के हर व्यक्ति को खुशहाल व राज्य को उन्नत प्रदेश बनाना अपना प्रमुख लक्ष्य बताया। ठाकुर सोमवार को पांवटा साहिब में आयोजित एक विशाल जनसभा को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 16 करोड़ की लागत से बने संतोखगढ़ पुल व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैज्ञानिक प्रयोगशाला का का लोकार्पण तथा सवा करोड़ की लागत से बनने वाले पांवटा साहिब बस स्टैंड का शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम ठाकुर ने आगे मजाकिया अंदाज में कहा कि इस बार टोपी के रंग, ऊपरी क्षेत्र का सीएम, निचले क्षेत्र का सीएम, मूंछ वाला सीएम और बिना मूंछ वाला सीएम का विवाद खत्म हो गया है। हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव के बारे में कहा कि इनमें बहुत कुछ अलग हुआ है। पिछड़े विधानसभा क्षेत्र सिराज के विधायक को मुख्यमंत्री बनाया जाना इसमें बड़ी बात रही। उन्होंने अपनी सरकार के बजट को अब तक का सबसे बेहतरीन बजट भी बताया। ठाकुर ने आगे कहा कि उनकी सोच हिमाचल प्रदेश को ऐसा मजबूत व जीवंत राज्य बनाने की है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति समृद्ध व खुशहाल हो। वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिनों में राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए अनेक नई योजनाएं लागू की हैं। सीएम ने कहा कि राज्य में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी‌। हालात पूरी तरह नियंत्रण के बाहर थे। उस दौर के ‘गुडिया तथा ‘होशियार सिंह प्रकरणों ने राज्य की छवि को कलंकित कर दिया। पूर्व सरकार थके-हारे व सेवानिवृत्त लोगों द्वारा चलाई जा रही थी। इसलिए हमारी सरकार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बहाल करना था, ताकि प्रत्येक व्यक्ति शांति से जी सके। पांवटा साहिब में सीएम जयराम ठाकुर ने 16 करोड़ की लागत से बना संतोखगढ़ पुल जनता के हवाले किया। साथ ही सवा करोड़ की लागत से बनने वाले पांवटा साहिब बस स्टैंड का शिलान्यास और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वैज्ञानिक प्रयोगशाला का भी लोकार्पण किया। इस मौके पर पांवटा के विधायक सुखराम चौधरी ने सीएम के समक्ष कई अहम मांगें भी रखीं।