सलमान खान को मिली जमानत, मुम्बई पहुंचे

सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील महेश बोड़ा और हस्‍तीमल सारस्‍वत ने सलमान खान को निर्दोष बताया, कहा कि उन्‍हें झूठा फंसाया गया है, आर्म्‍स एक्‍ट में बरी किए जाने का हवाला भी दिया

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न्यूज चक्र @ जोधपुर
सलमान खान को काला हिरण मामले में आखिरकार जमानत मिल गई है। यानी पिछली 2 रातों से जोधपुर सेन्ट्रल जेल में कैदी नम्बर 106 बनकर रह रहे सलमान खान आज ही जेल से बाहर आ जाएंगे। सलमान खान को 50 हजार की जमानत राशि और 25-25 हजार के निजी मुचलकों पर जमानत दी गई है। इसके बाद वे चार्टर्ड प्लेन से मुम्बई पहुंच गए।
सलमान खान को सशर्त जमानत देते हुए कोर्ट ने उनसे का है कि वह बिना इजाजत के देश से बाहर नहीं जा सकते। साथ ही 7 मई, 2018 को कोर्ट में व्‍यक्तिगत रूप से हाजिर होने के आदेश दिए हैं। इस मामले में सलमान खान को जोधपुर सत्र न्‍यायालय ने 5 साल की सजा सुनाई थी।
अदालत के फैसले के चलते सलमान की बहन अलविरा और अर्पिता दोपहर 2 बजे ही अदालत पहुंच गईं थीं‌। इससे पहले अदालत ने अपना फैसला सुनाने के लिए दो बजे का वक्‍त मुकर्रर किया था। सलमान की जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों ने सुबह ही अपनी दलीलें पूरी कर ली थीं।
इस मामले में सुबह साढ़े दस बजे सुनवाई शुरू हुई थी। सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील महेश बोड़ा और हस्‍तीमल सारस्‍वत ने कोर्ट में दलील दी कि सलमान खान निर्दोष हैं, उन्‍हें झूठा फंसाया गया है। इसके साथ ही उन्‍होंने सलमान के आर्म्‍स एक्‍ट में बरी किए जाने के मामले का भी हवाला दिया। सलमान के वकीलों की तरफ से दलील दी गई कि सलमान हर सुनवाई पर कोर्ट में हाजिर रहे। उन्‍हें कई केस में जमानत भी मिली। उन्‍होंने कभी जमानत का दुरुपयोग नहीं किया।
हालांकि सरकारी वकील ने सलमान को जमानत दिए जाने की दलील का विरोध किया। सरकारी वकील ने सलमान की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि सलमान आदतन अपराधी हैं। उनके केस में गवाही पुख्‍ता है और रिहाई तक सलमान का जेल में ही रहना उचित होगा। वहीं, सलमान के इस केस से जुड़े रिकॉर्ड भी कोर्ट में पेश किए गए। इससे पहले कोर्ट में सलमान का केस 15 वें नम्बर पर लिस्टेड था, जो कि बाद में पहले नम्बर पर कर दिया गया। मामले की सुनवाई से पहले सत्र न्‍यायाधीश रवीन्द्र कुमार जोशी और सलमान को सजा सुनाने वाले सीजेएम देव कुमार खत्री के बीच चैम्बर में करीब आधे घंटे तक बातचीत भी हुई।
मामले की सुनवाई से पहले करीब सवा दस बजे सलमान की बहनें अलविरा, अर्पिता, उनके वकील और बॉडीगार्ड शेरा कोर्ट पहुंचे। यहां उन्हें मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। इस पर सलमान के बॉडीगार्ड ने उनके साथ धक्‍कामुक्‍की कर डाली। इसके बाद पुलिस ने सलमान के दूसरे बॉडीगार्ड को कोर्ट के अंदर जाने से रोक दिया।
इससे पहले राजस्‍थान हाईकोर्ट द्वारा शुक्रवार को 140 से अधिक जजों का तबादला कर दिया गया। इनमें सलमान को पांच साल कैद की सजा सुनाने वाले और उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई करने वाले जज जोशी भी शामिल हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को सलमान की ओर से उनके वकील ने सजा के खिलाफ और बेल दिए जाने को लेकर सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट ने पूरे मामले पर बहस पूरी होने के बाद दोनों मामलों में फैसला शनिवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।
सलमान खान को मिली है पांच साल की सजा
जोधपुर कोर्ट ने गुरुवार को बॉलीवुड के भाईजान कहे जाने वाले सलमान खान को काले हिरण के शिकार के मामले में सजा सुनाई गई थी। सीजीएम देव कुमार खत्री ने मामले में फैसला देते हुए सलमान को पांच साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। सलमान खान की ओर से दायर सजा के खिलाफ और बेल के लिए दायर याचिका पर जज रवीन्द्र कुमार जोशी ने सुनवाई की थी और अपना फैसला शनिवार तक सुरक्षित रख लिया था। बड़े स्तर पर हुए जजों के तबादलों में इन दोनों जज का नाम भी शामिल हैं।
सलमान के वकीलों ने जल्‍द सुनवाई की मांग की
सलमान खान की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे जोधपुर सेशन कोर्ट के जज रविन्द्र कुमार जोशी के तबादले के बाद संभावना थी कि सलमान की जमानत याचिका पर सुनवाई में देरी हो सकती है। हालांकि, प्रक्रिया के मुताबिक जज के तबादले की प्रक्रिया में सात दिन लगते हैं, यानी दूसरी जगह कार्यभार सम्भालने में जज को सात दिन का वक्त होता है, तब तक वह पहले के पद पर बने रहते हैं। इस तरह से सलमान खान की जमानत याचिका की सुनवाई कर रहे जज रवीन्द्र कुमार जोशी अभी भी इस केस की सुनवाई करेंगे, क्योंकि अभी तक वह जोधपुर कोर्ट से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। सलमान के वकीलों ने भी इस मामले में जल्‍द सुनवाई की मांग की।
सैफ, तब्बू, नीलम, सोनाली बेन्द्रे दोष मुक्त
सलमान खान के अलावा सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेन्द्रे और जोधपुर निवासी दुष्यंत सिंह पर काला हिरण का शिकार करने का आरोप लगाया गया था। मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेन्द्रे को बरी कर दिया था, जबकि सलमान को दोषी करार दिया। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि इस बात के पुख्ता सुबूत नहीं हैं कि सलमान के अतिरिक्त अन्य आरोपियों ने काले हिरण का शिकार किया था, इसलिए उन्हें बरी किया जाता है।
यह है मामला
आरोप है कि फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान 1 और 2 अक्टूबर, 1998 की देर रात को सलमान खान ने जोधपुर में लूणी थाना इलाके के कांकाणी गांव में दो काले हिरणों का शिकार किया था। इस दौरान उनके साथ कार में उनके फिल्म के को स्टार सैफ अली खान, तब्बू, नीलम, सोनाली बेन्द्रे के साथ ही स्थानीय निवासी दुष्यंत सिंह भी मौजूद थे। गवाहों ने कोर्ट को बताया था कि सलमान खान ने हिरणों का शिकार किया तो उस समय ये सभी आरोपी जिप्सी गाड़ी में सवार थे। गोली की आवाज सुनकर गांववाले वहां एकत्र हो गए थे। ग्रामीणों के आते ही सलमान कार लेकर वहां से भाग निकले। हिरणों के शव पाए जाने के बाद इन सभी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई थी।