भाजयुमो नेता की हत्या के दो आरोपियों को आजीवन कारावास, तीन बरी

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न्यूज चक्र @ बून्दी
हिंडौली निवासी भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में पांच साल बाद बुधवार को जिला एव सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। इसमें पांच में से दो आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं बाकी तीन अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
मामले के अनुसार 12 जनवरी 2013 को दोपहर करीब 12 बजे राजेन्द्र सिंह भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कालू लाल जांगिड़ के साथ घर के बाहर खड़े हुए थे। तभी महावीर, प्रेम शंकर, मांगी लाल, पर्वत सिंह व सत्यनारायण वहां पहुंचे। इन्होंने हाथों में तलवार, सरिये व गंडासी ली हुई थी। आरोपियों ने आते ही हथियारों से राजेन्द्र पर वार करना शुरू कर दिया। इससे वे बुरी तरह घायल हो जाने से बेहोश हो नीचे गिर गए। इस पर उन्हें हिंडौली अस्पताल ले जाया गया। हालत गम्भीर होने से राजेन्द्र को वहां से बून्दी अस्पताल भेज दिया। यहां से भी उन्हें कोटा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान 15 जनवरी को उनकी मौत हो गई। इस पर हिंडौली पुलिस ने अनुसंधान कर पांचों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत अदालत में चालान पेश किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाह पेश करने के अलावा 57 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। ट्रायल के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभु लाल आमेटा ने फैसला सुनाया। इसमें महावीर व प्रेम शंकर पर हत्या का आरोप सिद्ध पाते हुए इन्हें आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं बाकी तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। लोक अभियोजक भूपेन्द्र सहाय सक्सेना ने बताया कि फैसले का अवलोकन कर बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ भी आगे अपील करने का निर्णय लिया जाएगा‌। हत्या के दोषी पाए गए दोनों आरोपी गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में थे। हाईकोर्ट से भी इनकी जमानत खारिज हो गई थी।