हम जिसे अपराधी कहें, उसे मानो, इस जिद ने दहला दिया भारत

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क
एससी एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा किए गए मामूली से बदलाव ने आज देश को दहला कर रख‌ दिया। विरोध के जो नज़ारे सामने आए, वो ये बताने के लिए काफी हैं कि देश को बाहरी से ज्यादा आंतरिक दुश्मनों से खतरा है। जगह-जगह आगजनी व तोड़फोड़ में भारी तबाही हुई तो कमसे कम 7 लोगों की जान भी चली गई। इनमें एक नवजात भी शामिल था।
गौरतलब है कि एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों में बड़ी संख्या में फर्जी केस सामने आ रहे थे। इनकी जांच में पाया गया कि व्यक्तिगत रंजिश या किन्हीं अन्य कारणों से बदला लेने के लिए ये केस दर्ज कराए गए।
ये था आपत्तिजनक
सुप्रीम कोर्ट के एक्ट में बदलाव किए जाने से पहले आरोप दर्ज करते ही आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रावधान था। फिर इसके बाद जमानत की व्यवस्था भी नहीं थी। इसके चलते बेगुनाह लोगों को भी लम्बे समय तक जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से ही जमानत मिल पाती थी। सरकारी कर्मचारियों के द्वारा अपने अधिकारियों के खिलाफ भी इस एक्ट का दुरुपयोग किए जाने के मामले बड़ी संख्या में सामने आए थे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट में बदलाव कर मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से पहले जांच करने व जमानत की व्यवस्था भी कर दी। एससी एसटी वर्ग के लोग इससे खासे नाराज हो गए। उनकी मांग थी कि एक्ट के प्रावधान पूर्व की भांति ही रहें। रिपोर्ट पर जांच किए बिना ही आरोपी की गिरफ्तारी हो। इसी मांग को लेकर एससी एसटी संगठनों ने आज भारत बंद की घोषणा की थी। देश के 14 राज्यों में इस दौरान बंद समर्थकों ने सारी हदें पार कर दीं। राजस्थान में भी कई जगह इसका व्यापक असर रहा। विपक्षी पार्टी के नेताओं के बयान, ट्वीट इस रोष को आग में घी डालने के समान भड़काते रहे।