हाथी के ओहदे से साइकिल का कमाल, लालू के भ्रष्टाचार से भी जनता ने आंखें मूंदीं

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न्यूज चक्र @ लखनऊ/पटना/सेन्ट्रल डेस्क
यूपी की दो लोकसभा सीटों के साथ बिहार की एक लोकसभा और दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उप चुनाव के बुधवार को आए नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को बुरी तरह चौंकाया तो भाजपा को भारी सदमा दे दिया। यूपी की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट तथा बिहार के अररिया लोकसभा के साथ जहानाबाद और भभुआ विधानसभा ‌सीट के लिए ये चुनाव हुए थे।
यूपी और बिहार की तीनों लोकसभा सीटों पर भाजपा को करारी हार का मुंह देखना पड़ा। बिहार की दोनों विधानसभा सीटों में से भी भाजपा सिर्फ अपनी एक सीट भभुआ को ही बचा पाई। फूलपुर में सपा प्रत्याशी नागेंद्र पटेल ने बीजेपी के कौशलेंद्र पटेल को 59 हजार 613 वोटों से हरा दिया। फूलपुर यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सीट थी। वहीं गोरखपुर में भी बीजेपी उम्मीदवार उपेंद्र शुक्ल को हार का मुंह देखना पड़ा। यहां सपा के प्रवीण निषाद ने जीत दर्ज की, बीजेपी उम्मीदवार उपेंद्र शुक्ल को 21 हजार 881 वोटों से हार झेलनी पड़ी। कांग्रेस के लिए यहां बड़ी बात यह रही कि यूपी की दोनों लोकसभा सीट पर उसके प्रत्याशियो की जमानत जप्त हो गई।
अररिया लोकसभा सीट पर राजद ने अपना कब्जा जमाया। यहां राजद के उम्मीदवार सरफराज आलम ने बीजेपी के उम्मीदवार प्रदीप सिंह को 61 हजार 788 वोटों से हरा दिया। वहीं बिहार की दोनों विधानसभा सीटों में‌ से जहानाबाद में लालू की पार्टी जीती। यहां लालू के उम्मीदवार कृष्ण मोहन जीते। उनकी इस जीत से ये साफ हो गया कि जनता ने जेडीयू का बीजेपी के साथ आना पूरी तरह नकार दिया और कभी आरजेडी के साथ रहने वाले जेडीयू के प्रत्याशी को हार का मुंह देखना पड़ा। जहानाबाद से जेडीयू के अभिराम शर्मा आरजेडी के कृष्ण मोहन से 36 हजार 35 वोटों से पिछड़ गए। हालांकि बिहार की भभुआ विधानसभा सीट पर बीजेपी प्रत्याशी रिंकी रानी पांडे जीतीं। यहां दूसरे नंबर पर कांग्रेस के शम्भू सिंह पटेल रहे। रिंकी रानी ने शंभू सिंह को 15 हजार 490 वोटों से हराया। कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार में अररिया लोकसभा सीट पर आरजेडी की जीत ने ये साबित कर दिया है कि लोग अभी भी लालू की पार्टी आरजेडी पर भरोसा करते हैं।