मुनीम ही निकला 25 लाख का लुटेरा, भाई के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम

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कोटा। एसपी (सिटी) अंशुमन भौमिया पत्रकारों को वारदात के बारे में जानकारी देते हुए। साथ में दोनों आरोपी।

न्यूज चक्र @ कोटा
अनंतपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम 25 लाख रुपए की लूट होने की सूचना ने शहरभर में सनसनी फैलाने के साथ पुलिस महकमे में भी हड़कम्प मचा दिया था। मगर पुलिस ने 24 घंटे से भी कम समय में मंगलवार को इसकी जो हकीकत सामने रखी, उसने शहरवासियों को पहले से भी अधिक चौंका दिया। इस खुलासे में पता चला कि जिस राजस्थान-दिल्ली ट्रांसपोर्ट कम्पनी का मुनीम राजेन्द्र सिंह उर्फ राहुल अपने आपको लुटना बता रहा था, दरअसल उसी ने अपने भाई के साथ मिलकर इस कथित वारदात को अंजाम दिया। राहुल ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। लूटी गई राशि उसके टैगोर हॉल स्थित घर से बरामद भी कर ली गई है।
एसपी (सिटी) अंशुमन भोमिया ने बताया कि ट्रांसपोर्ट व्यवसायी पंकज बजाज ने रिपोर्ट दी थी कि उनका मुंशी राजेन्द्र एक थैले में 25 लाख रुपए लेकर कार से दूसरे व्यापारी मुरलीधर को देने जा रहा था। इसी दौरान 6.45 बजे उनके पार्टनर हरीश के पास उसका फोन आया कि गोबरिया बावडी से मंडी चौराहे के बीच बाइक सवार दो युवकों ने उसकी कार के आगे बाइक लगाकर उसे रोका। इसके बाद पिस्टल दिखाकर डिक्की में रखे नोटों से भरा बैग लेकर भाग गए। अनंतपुरा थाने में बजाज की यह रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम गठित कर मामले की जांच शुरू की गई।
इसमें सामने आया कि टोंक जिले के उनियारा के टैगोर नगर के निवासी मुनीम राजेन्द्र ने ही आर्थिक तंगी से उबरने व मकान बनाने के लिए अपने भाई नरेन्द्र सिंह के साथ मिलकर लूट की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम दिया। एसपी भौमिया ने बताया कि वारदात के दौरान नरेन्द्र की मोबाइल लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास ही मिली। इस पर शक होने पर राजेन्द्र से पूछताछ की गई। इसमें उसने अपने भाई के साथ मिलकर वारदात करना कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूट की रकम उनके घर से बरामद कर ली। पूछताछ में मुनीम राजेन्द्र ने बताया कि उसने ही अपने भाई नरेन्द्र सिंह के साथ मिलकर इस बनावटी वारदात को अंजाम दिया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार को इन्हें अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।