बून्दी का मदर मिल्क बैंक कैसे बना वरदान? जानें

मदर मिल्क बैंक के स्थापना दिवस समारोह में विधायक अशोक डोगरा, नगर परिषद के सभापति महावीर मोदी, जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार आदि ने गिनाईं खूबियां

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न्यूज चक्र @ बून्दी
बून्दी विधायक अशोक डोगरा ने कहा कि जिले के लिए मदर मिल्क बैंक वरदान बन गया है। गुणवतापूर्ण संचालन से इससे अधिकाधिक माताएं जुड रही हैं, और यहां भरपूर मदर मिल्क उपलब्ध हो रहा है। यह मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए अच्छा संकेत है। डोगरा मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में गुरुवार को आयोजित मदर मिल्क बैंक के स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर नगर परिषद के सभापति महावीर मोदी ने कहा कि एक साल में ही इस मदर बैंक ने खास पहचान बना ली है। इसके लिए सभी का साधुवाद।
जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार ने कहा कि मदर मिल्क बैंक ने एक वर्ष में ही श्रेष्ठ कार्य कर दिखाया है। इसने शिशु मृत्यु दर कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह दर शून्य हो जाए, यह लक्ष्य तय करना चाहिए। अतिरिक्त जिला कलक्टर (सीलिंग) ममता तिवाड़ी ने बताया कि इस मदर मिल्क बैंक में भरपूर मदर मिल्क उपलब्ध होने के कारण अन्य जिलों की आवश्यकता की पूर्ति भी की जा रही है। यह इसकी अहम सफलता है। इसका अधिकाधिक प्रचार प्रसार हो ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका पता चले और जरूतमंद लाभ उठा सकें।
समारोह में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेश जैन ने बताया कि मदर मिल्क बैंक की स्थापना से शिशु मृत्यु दर दर में कमी आई है। बून्दी जिला मातृ शिशु स्थल की दृष्टि से बीमार कहा जाता था, जो अब इस श्रेणी से निकल चुका है। इससे पूर्व उन्होने वर्षगांठ पर केक काटकर सभी को शुभकामानाएं दीं।
मदर मिल्क बैंक प्रभारी डॉ.बीएल कुशवाह ने बताया कि गत वर्ष 22 फरवरी को इस मदर मिल्क बैंक की स्थापना के बाद से अब तक 9 हजार 201 माताओं को परामर्श दिया गया। 1 हजार 491 धात्री महिलाओं ने दूध दान किया। इसके अलावा 2 लाख 24 हजार 410 मिली लीटर दुधानी किया गया है। इससे 7 हजार 255 यूनिट बनाई गई है। एक यूनिट 30 मिली लीटर की होती है। 2 हजार 719 माताओं को सेवा प्रदान की गई है। 15 यूनिट अजमेर आंचल स्टोरेज सेंटर भेजी गईं। 867 यूनिट स्टॉक आज तक बैंक में उपलब्ध है।