अब विक्रम कोठारी का भी बड़ा घोटाला, देश में ही दबोचा

7 बैंकों को 3700 करोड़ की चपत लगाने के आरोपी प्रसिद्ध पेन कम्पनी रोटोमैक के मालिक विक्रम कोठारी सीबीआई की हिरासत में, कभी भी गिरफ्तारी सम्भव

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विक्रम कोठारी ( फाइल फोटो)

न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क

पंजाब नेशनल बैंक के भारी भरकम घोटाले के बाद अब देश की प्रसिद्ध पेन कम्पनी रोटोमैक के मालिकों पर भी बैंक को तगड़ी चपत लगाने का मामला सामने आया है।सोमवार सुबह सीबीआई ने कम्पनी के मालिक विक्रम कोठारी को कानपुर से हिरासत में ले लिया। कोठारी सहित उनकी पत्नी साधना कोठारी व पुत्र राहुल कोठारी के खिलाफ रविवार रात ही केस दर्ज कर लिया गया था। इसके अलावा अब ईडी ने भी इनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एहतियातन तीनों के पासपोर्ट भी जप्त कर लिए गए हैं। यह मामला 7 बैंकों का कर्ज नहीं लौटाने का है। रोटोमैक कम्पनी पर कुल 3 हजार 695 करोड़ रुपए बकाया है।

सोमवार सुबह 4 बजे से ही सीबीआई की टीमों ने कानपुर में कोठारी के 3 ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी थी। सीबीआई ने पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की थी। 800 करोड़ रुपए के लोन ना चुकाने के मामले में कानपुर में छापेमारी करने के अलावा दिल्ली में भी कार्रवाई की गई। यहां रोटोमैक डायरेक्टर का आवासीय परिसर और ऑफिस सील कर दिया गया। इस मामले में सीबीआई की टीमों ने विक्रम कोठारी की पत्नी और बेटे से पूछताछ भी की है। कानपुर के तिलक नगर में विक्रम कोठारी के घर ‘संतुष्टि’, रोटोमैक ऑफिस और एक अन्य ठिकाने पर सीबीआई की छापेमारी हुई है। कोठारी पर जिन 7 बैंकों का बकाया है, उनमें बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक व ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स शामिल हैं।

मैं कानपुर में ही हूं-कोठारी

कानुपर की रोटोमैक कम्पनी के मालिक विक्रम कोठारी के बारे में चर्चा है कि सीबीआई जरा सी चूक जाती तो वे भी माल्या व नीरव मोदी की तरह देश से फुर्र हो गए होते। वहीं कोठारी ने इन चर्चाओं को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वह देश छोड़कर नहीं गए हैं, यहीं कानपुर में हैं। कोठारी ने कहा कि मैंने बैंकों से लोन लिया है, मगर ये गलत है कि अभी तक चुकता नहीं कर पा रहा हूं। मेरा बैंक से एलसी में केस चल रहा है। उसमें जल्द ही फैसला आ जाएगा। कोठारी ने यह भी कहा कि मैं कानपुर से कहीं बाहर नहीं जाऊंगा। मेरे भारत जैसा महान देश कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि बिज़नेस डील की वजह से बाहर के देशों में आना-जाना होता रहता है। उल्लेखनीय है कि कानपुर के व्यापारी विक्रम कोठारी पर आरोप है कि उनपर पांच राष्ट्रीय बैंकों की करीब 3 हजार 700 करोड़ की देनदारी है। कोठारी ने मूल रकम की बात तो अलग कभी ब्याज तक नहीं चुकाया। इसके बावजूद ना सिर्फ कोठारी खुलेआम घूम रहे हैं, बल्कि उनके बिजनेस भी बदस्तूर चल रहे हैं। विक्रम कोठारी पर आरोप है कि इन्होंने बैंक के आला अधिकारियों के साथ मिली-भगत करके अपनी सम्पत्तियों की कीमत ज्यादा दिखाकर उनपर करोड़ों का लोन लिया और फिर उन्हें चुकता करने से मुकर गए। विक्रम कोठारी रोटोमैक पेंस के मालिक हैं। ये कानपुर के पॉश तिलक नगर इलाके में आलीशान बंगले मे रहते हैं। यहां एक खास बात यह भी है कि विक्रम देश की प्रसिद्ध पान मसाला कम्पनी पान पराग के मालिक मनसुख भाई के पुत्र हैं।

 बैंकों को इस तरह लगाई चपत

विक्रम कोठारी ने 2012 में अपनी कम्पनी रोटोमैक के नाम पर सबसे पहले इलाहबाद बैंक से 375 करोड़ का लोन लिया था। इसके बाद यूनियन बैंक से 432 करोड़ का लोन लिया। इतना ही नहीं विक्रम कोठारी ने इंडियन ओवरसीज़ बैंक से 1400 करोड़, बैंक ऑफ इण्डिया से लगभग 1300 करोड़ और बैंक ऑफ बड़ौदा से 600 करोड़ रुपये का लोन लिया, लेकिन किसी भीबैंक का लोन चुकता नहीं किया। आरोप है कि बैंक अधिकारियों की मिली-भगत से विक्रम कोठारी बैंकों का पैसा दबा कर बैठ गए। उनकी रोटोमैक कम्पनी पर भी ताला लग गया।बैंकों ने विक्रम कोठारी के सभी लोन के सभी खातों को एनपीए घोषित कर दिया है।