मध्य प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप ने इसलिए जताया गहरा दुख

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कोटा। परिचर्चा को सम्बोधित करते मध्य प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप (दायें से दूसरे नम्बर पर)

न्यूज चक्र @ कोटा
मप्र के राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप ने कहा कि सूचना का अधिकार देश के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। सरकार और सरकारी तंत्र को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने और सार्वजनिक क्रियाकलाप में शुचिता व पारदर्शिता लाने के लिए हर नागरिक अपने इस अधिकार का अधिकाधिक उपयोग करें। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि वर्तमान में मात्र 1 प्रतिशत जनता ही इस अधिकार का उपयोग कर रही है।
आत्मदीप जार की जिला इकाई की ओर से रेडक्राॅस सोसायटी भवन में ‘हमारे लिए सूचना का अधिकार’ विषय पर आयोजित परिचर्चा को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। 12 फरवरी को आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने पत्रकारों व नागरिकों से रूबरू होते हुए कहा कि सूचना के अधिकार ने जनता को इतनी ताकत दी है कि जिस जानकारी को संसद में सांसद को या विधानसभा में विधायक को देने से इनकार नहीं किया जा सकता, उस जानकारी को देने से जनता को भी मना नहीं किया जा सकता है। इसका उल्लंघन करने वाले अधिकारी या कर्मचारी को दंडित करने के लिए सूचना
आयोग को इतनी अधिक और सिविल कोर्ट की शक्तियां प्राप्त हैं, जितनी अन्य किसी आयोग को नहीं है।
न्याय होते हुए दिखना भी चाहिए
आरटीआई कार्यकर्ता ज्ञानचंद जैन व रविन्द्र श्रीवास्तव के सवाल के जवाब में सूचना आयुक्त ने कहा कि न्यायिक व अर्द्ध न्यायिक निर्णयों के बारे में न्याय शास्त्र का सर्वमान्य सिद्धांत है कि न्याय होते हुए दिखना भी चाहिए। फैसलों की भाषा इतनी सरल हो कि एक आम आदमी भी फैसले व उसके आधार को आसानी से समझ सके। पत्रकार खोजपूर्ण पत्रकारिता के लिए, लोक सेवक अपने साथ हो रहे अन्याय के परिमार्जन के लिए व नागरिक अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए आरटीआई का उपयोग कर सकते हैं। आत्मदीप का कोटा आगमन पर पत्रकारों के अलावा नागरिकों की ओर से भी अभिनंदन किया गया।