बजट 2018: जानें, जेटली ने हमें क्या दिया या छीन लिया?

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न्यूज चक्र @ सेन्ट्रल डेस्क / नई दिल्ली
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के बजट में आम लोगों से लेकर मछुआरों और किसानों तक के लिए कई अहम योजनाओं का ऐलान किया। विस्तार से जानें, नेशनल हेल्थ प्रटेक्शन स्कीम से लेकर गोबर-धन योजना तक के बारे में।
किफायती आवास निधि: केन्द्र सरकार राष्ट्रीय आवास बैंक के साथ मिलकर एक समर्पित किफायती आवास निधि बनाएगी। जेटली ने कहा, ‘मेरी सरकार राष्ट्रीय आवास बैंक में एक समर्पित किफायती आवास निधि स्थापित करेगी, जिसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण से धन मुहैया किया जाएगा।’ सरकार की योजना है कि 2022 तक सभी के पास अपना एक घर हो। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मौजूदा और अगले वित्त वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में एक करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया जा रहा है।
मछुआरों को किसान क्रेडिट कार्ड: वित्त मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर मछुआरों और पशुपालकों को भी कार्ड दिए जाने का ऐलान किया है। इससे उन्हें कर्ज मिलने आसानी होगी। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन का कारोबार करने वालों को मदद मिलेगी। इसके अलावा मत्स्य पालन से जुड़े लोगों की भी आर्थिक सहायता हो सकेगी।
आयुष्मान भारत योजना: देश के 10 करोड़ परिवारों को 5 लाख रुपए के बीमा कवर की योजना का भी ऐलान किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर साल में मिलेंगे। अब तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत साल में 30 हजार रुपए का बीमा कवर ही मिलता था। इस लिहाज से यह बड़ा इजाफा है।
गोबर-धन योजना: सरकार ने ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने के अपने प्रयासों के तहत एक नई योजना गोबर-धन की घोषणा की। जेटली ने आम बजट पेश करते हुए गोबर-धन (गैलवनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्स धन) योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्पोस्ट, बायॉ-गैस और बायो-सीएनजी में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि समावेशी समाज निर्माण के दृष्टिकोण के तहत सरकार ने विकास के लिए 115 जिलों की पहचान की है।
उज्ज्वला योजना का विस्तार: मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों को मिलने वाले मुफ्त एलीपीजी कनेक्शकों की संख्या को 8 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
राष्ट्रीय बांस मिशन: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रीय बांस मिशन का प्रस्ताव भी पेश किया है। इस स्कीम के तहत 1 हजार290 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की जाएगी। इससे बांस की पैदावार को एक उद्योग के तौर पर विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लोगों को मदद मिल सकेगी।
सौभाग्य योजना: इसके साथ ही सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बिजली कनेक्शनों की संख्या को 4 करोड़ परिवारों तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। यह स्कीम पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।
उड़ान योजना का विस्तार: क्षेत्रीय हवाई सम्पर्क योजना के तहत क्षमता से कम उपयोग हो रहे 56 हवाई अड्डों और 31 हेलीपेड को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सरकार सालाना एक अरब यात्राओं के लिए हवाई अड्डों की क्षमता पांच गुना बढ़ाएगी।
एकलव्य स्कूल: अरुण जेटली कहा कि नवोदय स्कूलों की तर्ज पर 2022 तक अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए एकलव्य स्कूलों की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि 50 फीसदी से अधिक जनजाति वाले क्षेत्रों और 20 हजार आदिवासी लोगों वाले प्रत्येक ब्लॉक में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। ये विद्यालय नवोदय विद्यालयों का हिस्सा होंगे और यहां खेल और कौशल विकास में प्रशिक्षण देने के अलावा स्थानीय कला और संस्कृति के संरक्षण की भी विशेष सुविधाएं होंगी।
प्रधानमंत्री फेलोशिप योजना: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट के दौरान पीएम फेलोशिप योजना का भी ऐलान किया। इसके तहत एक हजार बी.टेक छात्रों को आइईआईटी और आईआईएससी में पीएचडी करने का अवसर प्रदान किया जाएगा।

वेतनभोगी व मध्यम वर्ग को मायूसी, वरिष्ठ नागरिकों को थोड़ी राहत 

बजट में इनकम टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे वेतनभोगी और मध्य वर्ग के लोगों को इस बजट से कुछ खास नहीं मिला है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने मध्यम वर्ग के मौजूदा टैक्सेबल इनकम में से 40 हजार रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन कर दिया। यानी जितनी सैलरी पर टैक्स बनेगा, उसमें से 40 हजार घटाकर टैक्स देना होगा। इसका 2.5 करोड़ वेतनभोगी और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। वेतनभोगियों को स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा दो प्रकार से होगा। पहला- इनकम टैक्स की देनदारी कम होगी और दूसरा- उन्हें कागजी-कार्रवाई भी कम करनी होगी। 40 हजार रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन के लिए खर्च या निवेश का कोई हिसाब-किताब नहीं मांगा जाएगा। अब एम्प्लॉयर टीडीएस के आकलन करते वक्त ही 40 हजार रुपए की कटौती कर सकता है।

हालांकि, वित्त वर्ष 2005-06 तक स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा मिली हुई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। सीनियर सिटिजन्स को अब जमा रकम से मिले 50 हजार रुपए तक के ब्याज को टैक्स फ्री कर दिया गया है। पहले यह सीमा 10 हजार रुपए की थी। वहीं, सेक्शन 80D के तहत वरिष्ठ नागरिकों को हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और जनरल मेडिकल एक्सपेंडिचर पर टैक्स छूट की सीमा 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दी गई है।

बजट में वरिष्ठ नागरिकों को मिली राहत-
-बैंकों और डाकघरों में जमाराशियों पर ब्याज से हुई आमदनी पर छूट 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की जाएगी।
-धारा 194 ए के तहत टीडीएस काटने की आवश्यक्ता नहीं रह गई। सभी FDs और RDs से मिले ब्याज पर भी इसका लाभ मिलेगा।
-धारा 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम और/या इलाज पर खर्च के लिए टैक्स डिडक्शन की सीमा 30 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए की गई।
-धारा 80 डीडीबी के तहत कुछ विशेष गम्भीर बीमारियों पर इलाज पर खर्च के लिए कटौती सीमा 60 हजार रुपए (60 से 80 वर्ष की उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के मामले में) और 80 हजार रुपए (80 वर्ष से अधिक उम्र के अति-वरिष्ठ नागरिकों के मामले में) से बढ़ाकर सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 लाख रुपए कर दी गई है।
-प्रधानमंत्री वय वंदना योजना की अवधि मार्च 2020 तक बढ़ाने का प्रस्ताव। मौजूदा निवेश सीमा को प्रति वरिष्ठ नागरिक के लिए 7.5 लाख रुपए की मौजूदा सीमा से बढ़ाकर 15 लाख रुपए करने का प्रस्ताव।
मौजूदा टैक्स स्लैब
इनकम टैक्स स्लैब (60 साल से कम उम्र वालों के लिए)
आय ………………..2017-18
0 से 2.5 लाख रुपए….. 0%
2.5 लाख से 5 लाख…….5%
5 लाख से 10 लाख……..20%
10 लाख से ऊपर………..30%

इनकम टैक्स स्लैब (सीनियर सिटीजन 60-79 साल ) 
आय…………………….मौजूदा दर
0 से 3 लाख रुपए………….0%
3 लाख से 5 लाख…………..5%
5 लाख से 10 लाख…………..20%
10 लाख से ऊपर………….. 30%

इनकम टैक्स स्लैब (80 और उससे ज्यादा उम्र) 
आय…………………………..मौजूदा दर
0 से 5 लाख……………………0%
5 लाख से 10 लाख…………20%
10 लाख से ऊपर…………….30%

 बजट को इन 20 बातों में और समझें-
1. बजट 2018 में गरीब परिवारों के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना लॉन्‍च किए जाने की घोषणा की गई है। इसके तहत देश के 10 करोड़ परिवार अर्थात 50 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपए प्रति परिवार कैशलेस मेडिकल बीमा कवर दिया जाएगा। टीबी के मरीजों के लिए 600 करोड़ रुपए दिए जाने की घोषणा की गई है। 2. देश के हर गरीब के पास अपना घर हो, इसके लिए वर्ष 2022 तक सरकार ने 51 लाख नये घरों का निर्माण किए जाने की घोषणा की।
3. उज्‍ज्‍वला योजना के तहत अब 8 करोड़ गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्‍शन दिए जाने की घोषणा की गई है।
4. व्‍यक्तिगत आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 2016-17 में 85.51 लाख नये करदाता जुड़े हैं, जिसके कारण प्रत्‍यक्ष कर में पिछले साल 12.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
5. सभी वेतनभोगियों को 40 हजार का स्‍टैंडर्ड डिडक्‍शन देने की घोषणा की गई है।
6. वरिष्‍ठ नागरिकों को जमा राशि पर मिलने वाले ब्‍याज आय में 50 हजार रुपए तक की छूट दिए जाने की घोषणा हुई।
7. देश में हवाई चप्‍पल वाले भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकेंगे। ‘उड़ान योजना’ के तहत देशभर में 56 हवाई अड्डों और 31 हेलीपैडों में कनेक्टिविटी सुविधा की घोषणा की गई।
8. ‘उड़ान योजना’ को आम लोगों से जोड़ने की पहल के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 प्रमुख प्रतिष्‍ठ‍ित पर्यटन स्‍थलों का निर्माण किए जाने की घोषणा की गई।
9. बिटक्‍वॉइन जैसी करेंसी भारत में मान्‍य नहीं होगी। भारत सरकार क्रिप्‍टो करेंसी को लीगल टेंडर नहीं मानती है।
10. जीएसटी लागू करने से अप्रत्‍यक्ष कर प्रणाली आसान हुई। इसके कारण 41 फीसदी अधिक आयकर रिटर्न भरे गए। टैक्‍स चोरी रोकने के लिए उठाए गए कदमों से 90 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्‍त टैक्‍स मिला।
11. रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2018-19 के प्रस्तावित रक्षा खर्च के नए आंकड़े जारी किए, इसके अनुसार अगले वित्त वर्ष का रक्षा बजट 2.95 लाख करोड़ रुपए का होगा।
12. डिजिटल इंडिया प्‍लान के लिए इस बजट में 3073 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट एक्‍सेस के लिए 5 लाख वाईफाई हॉटस्‍पॉट बनाए जाने की घोषणा की गई है।
13. रेलवे के लिए सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपए का बजट आवंटित किए जाने की घोषणा की है। 3600 किलोमीटर रेल पटरियों के नवीनीकरण का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है।
14. 600 प्रमुख स्‍टेशनों को पुन: विकसित करने कार्य शुरू किए जाने की घोषणा की गई है।
15. जवाहर नवोदय विद्यालय की तर्ज पर आदिवासी बहुल ब्‍लॉकों में ‘एकलव्‍य’ मॉडल आवासीय विद्यालय खोले जाने की घोषण की गई है। वर्ष 2022 तक शिक्षा में आधारभूत सुधार के लिए ‘राइज’ नामक पहल का प्रस्‍ताव किया गया है।
16. शिक्षकों के लिए एकीकृत बीएड कार्यक्रम शुरू किए जाने की घोषणा हुई। स्कूलों को आधुनिक बनाए जाने की घोषणा हुई है, जिसके तहत स्‍कूलों में ब्‍लैक बोर्ड की जगह स्‍मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे। अगले 4 सालों में एक लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाने की घोषणा हुई।
17. हर तीन लोकसभा सीटों पर एक मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना है। इस वर्ष 24 नये मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा की गई है।
18. ऑपरेशन फ्लड की तर्ज पर ऑपरेशन ग्रीन्‍स शुरू किए जाने की घोषणा की गई। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
19. किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में महत्‍वपूर्ण घोषणाएं की गईं। सरकार ने कहा कि उसने सभी खरीफ फसलों का मूल्‍य उत्‍पादन लागत से डेढ़ गुना अधिक करने का फैसला किया है।
20. सौभाग्‍य योजना के जरिये 4 करोड़ गरीबों को बिजली कनेक्‍शन दिए जाने की घोषणा की गई है। अगले वित्त वर्ष में 2 करोड़ शौचालय बनाए जाने की भी बात कही गई है।